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मनोनीत पार्षदों की सूची को अंतिम रूप दे दिए नड्डा, जल्द इंतजार होगा खत्म

Sun, 04 Sep 2022 02:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 04 Sep 2022 02:00 AM IST
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Nadda finalized the list of nominated councilors, the wait will end soon
चंडीगढ़। मनोनीत पार्षदों को लेकर राजनीतिक दलों और अपने नाम का इंतजार करने वाले लोगों का इंतजार खत्म होने वाला है। शनिवार को चंडीगढ़ प्रवास पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाजपा की ओर से मनोनीत पार्षदों के नामों को अंतिम रूप दे दिया है। नड्डा की मुहर लगते ही भाजपा की ओर से अब प्रशासन को अंतिम सूची भेज दी गई है। अब सभी को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित की ओर से आदेश जारी होने का इंतजार है।
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मेयर चुनाव के बाद से मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति के लिए लगातार कयास लगाए जा रहे थे। एक तरफ राजनीतिक लोग अपने लोगों को मनोनीत पार्षद बनाकर सदन में भेजना चाह रहे थे तो दूसरी ओर समाजसेवी भी एक बार बिना चुने अपना भाग्य आजमाने के लिए जुगत लगा रहे थे। यह इंतजार इतना लंबा हो गया कि लोगों ने सूची जारी होने की उम्मीद ही छोड़ दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रवास के बाद अब एक बार लोगों की उम्मीद फिर जग गई है।
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अटकी हैं कमेटियां, मेयर ने जताई खुशी
मेयर सरबजीत कौर ने कहा कि सूची जल्द जारी हुई तो नगर निगम और शहर के लोगों के लिए फायदा होगा। मनोनीत पार्षदों के न चुने जाने से निगम की कमेटियां भी गठित नहीं हो पा रही थीं। इस कारण कई कार्यों की लगातार समीक्षा और उनके विकास को लेकर योजना नहीं बन पा रही थी। सूची जारी होने के बाद उम्मीद है कि दीपावली से पहले ही कमेटियों का गठन हो जाएगा।
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आप ने लगाया गलत तरीके से सदन चलाने का आरोप
साल 2006 में मनोनीत पार्षदों से वोटिंग का अधिकार वापस ले लिया गया था। मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में गया तो उम्मीद थी कि इस पर कोई फैसला आ जाएगा। सामान्यतौर पर वोटिंग अधिकार मिलने के बाद सत्ता पक्ष को इसका फायदा भी मिलता है। वहीं मनोनीत पार्षदों के न चुने जाने से विपक्षी पार्टियां भी परेशान थीं। उनका आरोप था कि अपने लोगों को एडजस्ट करने के लिए भाजपा सूची जारी नहीं होने दे रही है। वहीं नगर निगम अधिनियम के अनुसार मनोनीत पार्षदों के बिना सदन अधूरा रहता है। ऐसे में शहर के विकास के एजेंडे अधूरे सदन के साथ कैसे पूरे हो सकते हैं। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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