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चिट्टे से गई थी भाई की जान: बड़े भाई ने एक माह नशा तस्करों के बीच रहकर किया काम और फिर पकड़वाया गिरोह
Tue, 06 Jan 2026 07:26 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
कंवरपाल, संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा
कंवरपाल, संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jan 2026 07:26 PM IST
सार
सीमित आमदनी के बावजूद दीपू ने करीब डेढ़ लाख रुपये का चिट्टा खरीदा। अधिकतर भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से किया ताकि लेनदेन के ठोस प्रमाण मिल सकें। तस्करों का भरोसा बनाए रखने के लिए उसने कई बार उनके सामने नशा सेवन करने का नाटक भी किया।
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- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
चिट्टे की ओवरडोज से छोटे भाई की मौत के बाद बड़े भाई अमरजीत सिंह दीपू ने नशा तस्करों को पकड़वाने का संकल्प लिया। लुधियाना जिले के गांव अकालगढ़ निवासी दीपू ने करीब एक माह तक नशा तस्करों के बीच रहकर अंडरकवर एजेंट की तरह काम किया और गिरोह के चार लोगों को पकड़वा दिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गुरपिंदर सिंह हनी निवासी नई आबादी अकालगढ़, मनिंदर सिंह निवासी अकालगढ़, गोरा निवासी घुमाण चौक और करमजीत कौर निवासी हलवारा शामिल हैं। वायरल वीडियो में एक और बदमाश की आवाज भी रिकॉर्ड है। उसकी तलाश चल रही है। पुलिस की टीमें जगह-जगह दबिश दे रही हैं। यह पूरी घटना किसी फिल्मी कहानी जैसी लगती है लेकिन हकीकत है।
शुरुआत में तस्करों ने दीपू पर शक किया और उसे चिट्टा नहीं दिया लेकिन लगातार संपर्क और व्यवहार से उसने उनका भरोसा जीत लिया। इसके बाद वह नियमित रूप से उनसे चिट्टा खरीदने लगा और सुबूत इकट्ठा करता रहा। उसने यह सबूत पुलिस को सौंपे जिनके आधार पर पुलिस ने गिरोह के चार नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक युवती भी शामिल है।
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वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से रायकोट से विधायक हाकम सिंह ठेकेदार, डीआईजी सतेंदर सिंह व एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता को फोन कर इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायत में दीपू ने खुलासा करते हुए पंजाब पुलिस के एक मुलाजिम और भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा की अफसर कॉलोनी में सिविलियन हाउस हेल्पर के रूप में रह रहे युवक का नाम लिया। आरोप है कि उक्त युवक अफसर कॉलोनी के मुख्य द्वार के आसपास चिट्टे की खेप सौंपकर अंदर लौट जाता था जबकि पुलिस मुलाजिम नशा सेवन और तस्करी में शामिल था।
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गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गुरपिंदर सिंह हनी निवासी नई आबादी अकालगढ़, मनिंदर सिंह निवासी अकालगढ़, गोरा निवासी घुमाण चौक और करमजीत कौर निवासी हलवारा शामिल हैं। वायरल वीडियो में एक और बदमाश की आवाज भी रिकॉर्ड है। उसकी तलाश चल रही है। पुलिस की टीमें जगह-जगह दबिश दे रही हैं। यह पूरी घटना किसी फिल्मी कहानी जैसी लगती है लेकिन हकीकत है।
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शुरुआत में तस्करों ने दीपू पर शक किया और उसे चिट्टा नहीं दिया लेकिन लगातार संपर्क और व्यवहार से उसने उनका भरोसा जीत लिया। इसके बाद वह नियमित रूप से उनसे चिट्टा खरीदने लगा और सुबूत इकट्ठा करता रहा। उसने यह सबूत पुलिस को सौंपे जिनके आधार पर पुलिस ने गिरोह के चार नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक युवती भी शामिल है।
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वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से रायकोट से विधायक हाकम सिंह ठेकेदार, डीआईजी सतेंदर सिंह व एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता को फोन कर इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
डेढ़ लाख खर्च कर जुटाए डिजिटल सबूत
सीमित आमदनी के बावजूद दीपू ने करीब डेढ़ लाख रुपये का चिट्टा खरीदा। अधिकतर भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से किया ताकि लेनदेन के ठोस प्रमाण मिल सकें। तस्करों का भरोसा बनाए रखने के लिए उसने कई बार उनके सामने नशा सेवन करने का नाटक भी किया। एक माह में पर्याप्त सुबूत जुटाने के बाद दीपू ने जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस प्रमुख एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता को शिकायत सौंपी।शिकायत में दीपू ने खुलासा करते हुए पंजाब पुलिस के एक मुलाजिम और भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा की अफसर कॉलोनी में सिविलियन हाउस हेल्पर के रूप में रह रहे युवक का नाम लिया। आरोप है कि उक्त युवक अफसर कॉलोनी के मुख्य द्वार के आसपास चिट्टे की खेप सौंपकर अंदर लौट जाता था जबकि पुलिस मुलाजिम नशा सेवन और तस्करी में शामिल था।