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मुस्लिम समुदाय की महिला बोलीं- तीन तलाक कुरान में है तो इसे बदला क्यों जाए?
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
Updated Thu, 11 May 2017 09:11 AM IST
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triple talaq
- फोटो : Demo Pic
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प्रदेश और राष्ट्र स्तर पर लंबे समय से उठ रहा तीन तलाक का मुद्दा समुदाय की महिलाओं को पसंद नहीं है। महिलाओं ने साफ का कहा कि कुरान में तीन तलाक हैं तो इस पर बोलने वालों को इसके महत्व को समझना चाहिए। समुदाय की महिलाएं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सम्मेलन में शामिल होने आई थीं। महिलाओं ने मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता शाहनबाज हुसैन के न आने पर आफसोस जताया।
सम्मेलन में आईं मुस्लिम समुदाय की महिलाओं अशोक विहार कॉलोनी निवासी जुलिज, सीमा और जोनी, महादेव कॉलोनी की समीम, मोसिना, शबाना और हनुमान कॉलोनी निवासी अमीरना, नरसिंह ने कहा कि तीन तलाक कुरान में है। कुछ लोग कुरान को ही झुठलाने में लगे हैं। ऐसे लोगों को अपनी सोच को बदलनी चाहिए। कुरान में जो लिखा है, वही ठीक है।
बताया कि उन्हें कार्यक्रम में राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और दूसरी समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर बुलाया गया था। कार्यक्रम में ऐसा कुछ नहीं दिखा। महिलाओं ने कहा कि विभागों में अधिकारी जन्म प्रमाण पत्रों के नाम पर उनसे उल्टे-सीधे सवाल करते हैं। वे अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय प्रवक्ता के सामने रखने आई थीं।
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सम्मेलन में आईं मुस्लिम समुदाय की महिलाओं अशोक विहार कॉलोनी निवासी जुलिज, सीमा और जोनी, महादेव कॉलोनी की समीम, मोसिना, शबाना और हनुमान कॉलोनी निवासी अमीरना, नरसिंह ने कहा कि तीन तलाक कुरान में है। कुछ लोग कुरान को ही झुठलाने में लगे हैं। ऐसे लोगों को अपनी सोच को बदलनी चाहिए। कुरान में जो लिखा है, वही ठीक है।
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बताया कि उन्हें कार्यक्रम में राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और दूसरी समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर बुलाया गया था। कार्यक्रम में ऐसा कुछ नहीं दिखा। महिलाओं ने कहा कि विभागों में अधिकारी जन्म प्रमाण पत्रों के नाम पर उनसे उल्टे-सीधे सवाल करते हैं। वे अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय प्रवक्ता के सामने रखने आई थीं।
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