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IMA ऑडिटोरियम में क्लासिकल म्यूजिक और बासुंरी वादन, श्रोता झूमे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 19 Jun 2016 08:03 PM IST
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चंडीगढ़ में क्लासिकल म्यूजिक प्रोग्राम
- फोटो : अमर उजाला
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आईएमए ऑडिटोरियम सेक्टर 35 में रविवार से चंडीगढ़ संगीत व नाटक अकादमी की तरफ से दो दिवसीय म्यूजिकल इवेंट शुरू हुआ। पहले दिन शहर के कलाकार सौभाग्य वर्धन ने क्लासिकल म्यूजिक और विनोद पवार सांरगी वादन पर अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में पहली प्रस्तुति सौभाग्य वर्धन द्वारा दी गई।
उन्होंने राग मारू बिहाग से शुरूआत की। इस राग में एक ताल में बंदिश पेश की जिसके बोल कोयलिया बोली बैरन रहे। इसके बाद दूसरी बंदिश में द्रुत याल तीन ताल में बरजीयो कउ ना पेश की। वहीं इस राग की तीसरी बंदिश झननन झननन पायलिया प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में इसके बाद सौभाग्य वर्धन ने राग मल्हार के विभिन्न राग पेश किए। जिसमें पहले उन्होंने सुर मल्हार में तीन ताल में बदरवा बरसन आए प्रस्तुत किया। इसके बाद रामदासी मल्हार में पपीहा पुकारे प्रस्तुत किया। तबले पर इनका साथ हरीश झा ने,सांरगी पर पंडित विनोद मिश्रा ने खूब साथ निभाया।
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डॉक्टर सौभाग्य वर्धन वह शहर के कॉलेज में म्यूजिक के प्रोफेसर है। अबतक म्यूजिक पर कई पुस्तकें भी लिख चुके है। इसके बाद कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति शहर के कलाकार विनोद पवार के नाम रही। उन्होंने सारंगी वादन में अपनी प्रस्तुति दी। विनोद ने सांरगी में बहुत ही खुबसूरत राग चारूकेशी पेश किया। नवीन संधू ने इनका तबले पर बखूबी साथ निभाया।
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उन्होंने राग मारू बिहाग से शुरूआत की। इस राग में एक ताल में बंदिश पेश की जिसके बोल कोयलिया बोली बैरन रहे। इसके बाद दूसरी बंदिश में द्रुत याल तीन ताल में बरजीयो कउ ना पेश की। वहीं इस राग की तीसरी बंदिश झननन झननन पायलिया प्रस्तुत की।
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कार्यक्रम में इसके बाद सौभाग्य वर्धन ने राग मल्हार के विभिन्न राग पेश किए। जिसमें पहले उन्होंने सुर मल्हार में तीन ताल में बदरवा बरसन आए प्रस्तुत किया। इसके बाद रामदासी मल्हार में पपीहा पुकारे प्रस्तुत किया। तबले पर इनका साथ हरीश झा ने,सांरगी पर पंडित विनोद मिश्रा ने खूब साथ निभाया।
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डॉक्टर सौभाग्य वर्धन वह शहर के कॉलेज में म्यूजिक के प्रोफेसर है। अबतक म्यूजिक पर कई पुस्तकें भी लिख चुके है। इसके बाद कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति शहर के कलाकार विनोद पवार के नाम रही। उन्होंने सारंगी वादन में अपनी प्रस्तुति दी। विनोद ने सांरगी में बहुत ही खुबसूरत राग चारूकेशी पेश किया। नवीन संधू ने इनका तबले पर बखूबी साथ निभाया।