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Hindi News ›   Chandigarh ›   Murder Case Verdict, Life Prisonment to Principal Ritu Chhabra Murderer Shivansh

यमुनानगरः प्रिंसिपल रितु छाबड़ा की हत्या करने वाले छात्र शिवांश को उम्रकैद की सजा और जुर्माना

Thu, 12 Mar 2020 04:49 PM IST
खुशबू गोयल निरंजन राणा, यमुनानगर
निरंजन राणा, यमुनानगर Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 12 Mar 2020 04:49 PM IST
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Murder Case Verdict, Life Prisonment to Principal Ritu Chhabra Murderer Shivansh
प्रिंसिपल रितु छाबड़ा, शिवांश - फोटो : अमर उजाला
देशभर में चर्चित रहे स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रितु छाबड़ा हत्याकांड में वीरवार को अदालत का फैसला आया। एडिशनल डिस्ट्रिक सेशन जज नेहा नोहरिया की कोर्ट ने दोषी छात्र शिवांश को उम्र कैद और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान दोषी शिवांश कोर्ट में हाथ बांधे खड़ा रहा। सजा सुनाते ही वह मायूस हो गया और आंखों में आंसू आ गए। कोर्ट में वह खुले मुंह था, लेकिन बाहर आते समय उसने रुमाल से मुंह ढक लिया।
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उप जिला न्यायवादी सुरजीत आर्य ने बताया कि कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले की सत्यापित कॉपी मिलने के बाद ही तय किया जाएगा कि इसमें हाईकोर्ट जाया जाए या नहीं। वहीं इस मामले में छात्र का पिता रणजीत बरी हो गया है। इस मामले को लेकर वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उधर, रितु छाबड़ा के पति राजेश छाबड़ा का कहना है कि हमें उम्मीद थी कि दोषी को फांसी की सजा होगी। कोर्ट ने उम्र कैद देकर रितु को न्याय देने का काम किया है। दो साल एक महीना 22 दिन बाद फैसला आया है।
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ये था मामला
20 जनवरी 2018 को स्वामी विवेकानंद स्कूल में शिक्षक अभिभावक संघ की बैठक चल रही थी। इस दौरान 12वीं के छात्र शिवांश प्रिंसिपल रीतु छाबड़ा के कमरे में आया और रिवाल्वर से गोलियां चलानी शुरू कर दी। उसने प्रिंसिपल को चार गोलियां मारी और हवा में रिवाल्वर लहराते हुए भाग गया। बाद में लोगों ने कुछ दूरी पर शिवांश को पकड़ लिया और उसकी पिटाई भी की। पुलिस की जांच में सामने आया था कि शिवांश की प्रैक्टिकल फाइल पर साइन करने से प्रिंसिपल ने मना कर दिया था। इसी रंजिश में उसने अपने पिता रणजीत की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोलियां चलाईं। गिरफ्तारी के दौरान अदालत में सोशल मीडिया पर वीडियो भी दिखाया गया था।
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ये था मामला

पुराना हमीदा निवासी शिवांश थॉपर कालोनी स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। 20 जनवरी 2018 की सुबह वह अपने घर की अलमारी में रखी पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर व कुछ कारतूस चुराकर घर से निकला। कपड़ों में रिवॉल्वर छिपाकर वह स्कूल में पहुंचा।

स्कूल पहुंचकर वह अर्थशास्त्र की प्रोजेक्ट फाइल लेकर शिवांश प्रिंसिपल रितु छाबड़ा के ऑफिस में घुस गया। यहां प्रिंसिपल ने उसकी प्रोजेक्ट फाइल लेने से मना कर दिया। इसके बाद वह वापस लौटने लगा, लेकिन ऑफिस के दरवाजे पर जाकर वापस मुड़कर उसने प्रिंसिपल पर ताबड़तोड़ चार फायर किए।

एक गोली रितु छाबड़ा की छाती, एक माथे और दो गोलियां बाजू में लगी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद छात्र मौके से फरार हो गया। करीब सौ मीटर दूर जीएनजी स्कूल के नजदीक कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया था और उसकी पिटाई भी की थी। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था।

पुलिस ने मामले में आरोपी छात्र शिवांश के खिलाफ हत्या और उसके पिता रणजीत उर्फ संजीव के खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज करके दोनों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया था कि छात्र को प्रिंसिपल आवारागर्दी करने पर डांटती थी। यह बात उसे अच्छी नहीं लगती थी। इसलिए उसने प्रिंसिपल को गोलियां मारी थी।

डांट का बदला गोली से

पुलिस ने चार्जशीट में शिवांश के बयानों की कॉपी दी थी। इसमें शिवांश ने कहा था कि उसके पिता ने उसे बुलेट बाइक और मोबाइल दिला रखा है। वह स्कूल में बाइक पर आता था और आवारागर्दी करता था। प्रिंसिपल उसे ऐसा करने से डांटती थी। इससे उसे गुस्सा आता था।

एक दिन वह पिता की लोडिड रिवाल्वर और 2 कारतूस एक्स्ट्रा लेकर स्कूल आया था। उसे प्रिंसिपल को गोली मारनी थी। उसे मौका नहीं मिला। 20 जनवरी 2018 को वह फिर पिता की रिवाल्वर लेकर प्रिंसिपल के रूम में प्रैक्टिकल की फाइल जमा कराने गया। प्रिंसिपल के मना करने पर प्रिंसिपल को गोलियां मार दी।

16 में से एक गवाह ने साथ नहीं दिया
प्रिंसिपल रितु छाबड़ा हत्याकांड में पुलिस ने 16 गवाह बनाएं थे। जिसमें से एक गवाह ने साथ नहीं दिया, लेकिन कोर्ट में उसके वीडियो और 26 जनवरी को सम्मानित होने के सबूत पेश किए। वहीं इस केस में स्कूल के चौकीदार और एक महिला टीचर ने ठोक कर गवाही दी थी।  पूरे केस में 37 तारीख लगी और वीरवार को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।
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