फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Municipal elections are important for all parties before Haryana assembly elections 2024

निकाय चुनाव: शहरी मतदाताओं के रुख से तय होगी हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 की रणनीति, सभी दलों की नजरें 22 जून पर टिकीं

Mon, 20 Jun 2022 12:28 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 20 Jun 2022 12:28 AM IST
सार

भाजपा-जजपा ने गठबंधन के तहत पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा है, जबकि कांग्रेस ने सिंबल पर न लड़कर जिताऊ निर्दलीयों को अपना समर्थन दिया है। इनेलो और आप भी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रही हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा-जजपा गठबंधन के उम्मीदवारों और निर्दलीयों के बीच माना जा रहा है।

विज्ञापन
Municipal elections are important for all parties before Haryana assembly elections 2024
मतदान को पहुंचे मतदाता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

निकाय चुनाव के परिणाम हरियाणा की राजनीति में कई मायनों में अहम होंगे। अब सभी दलों की नजरें 22 जून को आने वाले नतीजों पर टिकी रहेंगी। वर्ष 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले निकाय चुनाव में शहरी मतदाताओं का रुख लिटमस टेस्ट भी माना जा रहा है। मात्र फरीदाबाद को छोड़कर एक साथ 21 जिलों के मतदाता शहर की सरकार को लेकर अपना जनादेश देंगे। शहरी मतदाताओं का रुख ही राजनीतिक दलों के लिए 2024 की रणनीति तय करेंगे। 

विज्ञापन


हरियाणा में 2024 में विधानसभा चुनाव होने हैं। हाल ही में राज्यसभा चुनाव में भाजपा-जजपा और निर्दलीय विधायक कांग्रेस को मात दे चुके हैं। निकाय चुनाव से पहले सभी दलों ने शहरी मतदाताओं पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए जोर लगाया है। साथ ही सभी दलों ने विकास के दावों के साथ साथ कई लुभावने वादे भी किए हैं। शहरी मतदाताओं को वैसे तो भाजपा का परंपरागत मत माना जाता है लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने इसमें सेंध लगाई है।
विज्ञापन

 
भाजपा-जजपा ने गठबंधन के तहत पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा है, जबकि कांग्रेस ने सिंबल पर न लड़कर जिताऊ निर्दलीयों को अपना समर्थन दिया है। इनेलो और आप भी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रही हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा-जजपा गठबंधन के उम्मीदवारों और निर्दलीयों के बीच माना जा रहा है। कुछ जगह ही इनेलो और आप प्रत्याशी टक्कर देते नजर आ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अब इन नतीजों के बाद साफ हो जाएगा कि शहरी क्षेत्रों में किस दल की स्थिति कितनी मजबूत और कमजोर है। इन्हीं परिणाम के बाद सभी दल अपनी अपनी रणनीति में बदलाव कर आगे की तैयारी करेंगे, क्योंकि आगामी कुछ ही माह में पंचायत और फरीदाबाद नगर निगम समेत शेष निकाय संस्थाओं में भी चुनाव होने हैं। हालांकि, पंचायत चुनाव पार्टियां सिंबल पर नहीं लड़ती, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनावी भी काफी अहम माने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले सभी दलों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अपनी सियासी जमीन का आंकलन हो जाएगा और इसी के आधार पर दल भविष्य की रणनीति तय करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed