{"_id":"5952ae834f1c1bcf188b45e6","slug":"municipal-corporation-mohali-meeting-mohali-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एमसी मीटिंग: विधायक को प्रॉपर्टी टैक्स व मेयर को स्मार्ट डस्टबिन प्रोजेक्ट पर घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमसी मीटिंग: विधायक को प्रॉपर्टी टैक्स व मेयर को स्मार्ट डस्टबिन प्रोजेक्ट पर घेरा
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 28 Jun 2017 09:35 AM IST
विज्ञापन
Mohali MC Meeting
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम की मंगलवार को हुई हाउस की मीटिंग में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान अकाली-बीजेपी पार्षदों ने जहां प्रॉपर्टी टैक्स के मुद्दे पर विधायक बलबीर सिंह सिद्धू को घेरा, वहीं स्मार्ट डस्टबिन पर विधायक व मेयर में भी तनातनी हो गई।
कांग्रेसी पार्षदों ने भी डस्टबिन पर सवाल खड़े किए। मेयर ने कहा कि भले ही इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया जाए, लेकिन शहर की भलाई के लिए प्रस्ताव लाकर उसके लिए प्रेजेंटेशन देकर ही रहेंगे। इस दौरान उन्होंने अपना पक्ष रखा। हालांकि विधायक ने बाद में कहा कि कंपनी ने जहां पहले डस्टबिन लगाए है, वहां का नगर निगम की टीम दौरा करेगी। इसके अलावा जब डस्टबिन लगाए जाएंगे तो ग्लोबल टेंडर लगाए जाएंगे। साथ ही जो टेंडर भरेगा उन कंपनियों के काम को भी परखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को जैसे ही हाउस की मीटिंग शुरू हुई तो अकाली-बीजेपी पार्षद एक साथ खड़े हो गए। कहने लगे कि विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा था कि जब वह जीत जाएंगे और उनकी सरकार बनी तो प्रॉपर्टी टैक्स व रेंट टैक्स को माफ कर दिया जाएगा। इस पर वह सिद्धू से जवाब मांगने लगे। इस पर सिद्धू की दलील थी कि उन्होंने इस बार विधानसभा में उन्होंने मुद्दा उठाया था। उन्हें इस संबंध में प्रश्न लगाया हुआ था। लेकिन हाउस नहीं चल पाया। इस कारण यह संभव नहीं हो पाया। इस पर अकाली बीजेपी और आजाद गुट से जीते पार्षदों ने कहा कि सिद्धू उस प्रश्न से संबंधित कापी दिखाएं या गलत बात करके वोट मांगने पर माफी मांगे। इस पर सिद्धू गुस्से में आ गए। साथ ही उन्होंने कहा कि जो मैं कहता हूं, उसे करवाकर ही रहूंगा। इस पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेसी पार्षदों ने भी डस्टबिन पर सवाल खड़े किए। मेयर ने कहा कि भले ही इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया जाए, लेकिन शहर की भलाई के लिए प्रस्ताव लाकर उसके लिए प्रेजेंटेशन देकर ही रहेंगे। इस दौरान उन्होंने अपना पक्ष रखा। हालांकि विधायक ने बाद में कहा कि कंपनी ने जहां पहले डस्टबिन लगाए है, वहां का नगर निगम की टीम दौरा करेगी। इसके अलावा जब डस्टबिन लगाए जाएंगे तो ग्लोबल टेंडर लगाए जाएंगे। साथ ही जो टेंडर भरेगा उन कंपनियों के काम को भी परखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को जैसे ही हाउस की मीटिंग शुरू हुई तो अकाली-बीजेपी पार्षद एक साथ खड़े हो गए। कहने लगे कि विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा था कि जब वह जीत जाएंगे और उनकी सरकार बनी तो प्रॉपर्टी टैक्स व रेंट टैक्स को माफ कर दिया जाएगा। इस पर वह सिद्धू से जवाब मांगने लगे। इस पर सिद्धू की दलील थी कि उन्होंने इस बार विधानसभा में उन्होंने मुद्दा उठाया था। उन्हें इस संबंध में प्रश्न लगाया हुआ था। लेकिन हाउस नहीं चल पाया। इस कारण यह संभव नहीं हो पाया। इस पर अकाली बीजेपी और आजाद गुट से जीते पार्षदों ने कहा कि सिद्धू उस प्रश्न से संबंधित कापी दिखाएं या गलत बात करके वोट मांगने पर माफी मांगे। इस पर सिद्धू गुस्से में आ गए। साथ ही उन्होंने कहा कि जो मैं कहता हूं, उसे करवाकर ही रहूंगा। इस पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
विज्ञापन
चंडीगढ़ की तर्ज पर रेंट टैक्स का मामला हल करवाएंगे : सिद्धू
Mohali MC Meeting
चंडीगढ़ की तर्ज पर रेंट टैक्स का मामला हल करवाएंगे : सिद्धू
इसके बाद सिद्धू ने कहा कि वह चंडीगढ़ की तर्ज पर रेंट टैक्स का मामला हल करवाएंगे। इस पर भी अकाली-बीजेपी पार्षद नहीं माने। इस पर वह मांग करने लगे कि वह इस संबंधी टेबल एजेंडा लेकर आए। फिर सिद्धू उलझ गए कि दस साल उनकी सरकार थी तो उन्होंने टैक्स माफ क्यों नहीं करवाया। साथ ही विधायक ने कहा कि अगर अकाली-बीजेपी सरकार भरा हुआ टैक्स माफ कर देती है तो वह आगे टैक्स माफ करवा देंगे। इस पर अकाली पार्षदों ने सिद्धू पर हल्ला बोल दिया। पार्षद सुझाव देने लगे कि 95 फीसदी टैक्स माफ का प्रस्ताव पास कर दे। इस पर टेबल प्रस्ताव की के लिए जिद चलती रही। काफी देर के बाद मेयर व विधायक ने हामी भरी तो पार्षद शांत हुए।
स्मार्ट डस्टबिन लगाने के प्रस्ताव का सिद्धू ने किया विरोध
शहर में स्मार्ट डस्टबिन लगाने का प्रस्ताव लाया। इसका विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने पहले ही विरोध कर दिया। उनका कहना था कि यह काफी मंहंगा सौदा है। इससे कई लोगों की नौकरियां जाएंगी। इसके अलावा कुछ कांग्रेसी पार्षद भी डस्टबिन के मुद्दे पर सवाल उठाने लगे। लेकिन मेयर कुलवंत सिंह ने कहा कि वह शहर की बेहतरी के लिए प्रोजेक्ट लेकर आए हैं। ऐसे में वह अपनी राय भी रखेंगे और प्रेजेंटेंशन भी दिखाई जाएगी। आखिर में कंपनी ने अपनी पीपीपी पेेश की। लेकिन विधायक व कुछ कांग्रेसी पार्षद फिर अड़ गए। उनका कहना था कि जहां पर प्रोजेक्ट लगा है वहां पर जाकर देखना चाहिए। क्योंकि फगवाड़ा में कंपनी यह प्रोजेक्ट लगाने का दम भर रही है।
जबकि वहां पर सफाई का बुरा हाल है। एक पार्षद ने कहा कि वह तो एक दिन पहले ही वहां का दौरा करके आए हैं। इस पर एक बार फिर ड्रामा शुरू हो गया। मेयर ने कहा कि फगवाड़ा दो हिस्सों में बंटा है। जिस हिस्से का काम कंपनी को दिया गया है वह दूसरा हो सकता है। वहीं, विधायक ने कहा पहले सफाई के काम भी निगम को नुकसान हो रहा है। 92 हजार रुपये एक किलोमीटर साफ करने के लिए दिए जाते हैं। इस पर फिर अकाली-बीजेपी पार्षद बोले की सफाई का ठेका देते समय भी आप सत्ता पक्ष में थे। अब क्या हो गया। इस पर सिद्धू सफाई देने लगे। आखिर में तय हुआ कि प्रस्ताव पास है। पार्षदों की कमेटी डस्टबिन वाली साइट का दौरा करेगी। इसके अलावा काम के ग्लोबल टेंडर लगाए जाएंगे। साथ ही टेेंडर भरने वाली कंपनियों के काम को परखा जाएगा।
इसके बाद सिद्धू ने कहा कि वह चंडीगढ़ की तर्ज पर रेंट टैक्स का मामला हल करवाएंगे। इस पर भी अकाली-बीजेपी पार्षद नहीं माने। इस पर वह मांग करने लगे कि वह इस संबंधी टेबल एजेंडा लेकर आए। फिर सिद्धू उलझ गए कि दस साल उनकी सरकार थी तो उन्होंने टैक्स माफ क्यों नहीं करवाया। साथ ही विधायक ने कहा कि अगर अकाली-बीजेपी सरकार भरा हुआ टैक्स माफ कर देती है तो वह आगे टैक्स माफ करवा देंगे। इस पर अकाली पार्षदों ने सिद्धू पर हल्ला बोल दिया। पार्षद सुझाव देने लगे कि 95 फीसदी टैक्स माफ का प्रस्ताव पास कर दे। इस पर टेबल प्रस्ताव की के लिए जिद चलती रही। काफी देर के बाद मेयर व विधायक ने हामी भरी तो पार्षद शांत हुए।
स्मार्ट डस्टबिन लगाने के प्रस्ताव का सिद्धू ने किया विरोध
शहर में स्मार्ट डस्टबिन लगाने का प्रस्ताव लाया। इसका विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने पहले ही विरोध कर दिया। उनका कहना था कि यह काफी मंहंगा सौदा है। इससे कई लोगों की नौकरियां जाएंगी। इसके अलावा कुछ कांग्रेसी पार्षद भी डस्टबिन के मुद्दे पर सवाल उठाने लगे। लेकिन मेयर कुलवंत सिंह ने कहा कि वह शहर की बेहतरी के लिए प्रोजेक्ट लेकर आए हैं। ऐसे में वह अपनी राय भी रखेंगे और प्रेजेंटेंशन भी दिखाई जाएगी। आखिर में कंपनी ने अपनी पीपीपी पेेश की। लेकिन विधायक व कुछ कांग्रेसी पार्षद फिर अड़ गए। उनका कहना था कि जहां पर प्रोजेक्ट लगा है वहां पर जाकर देखना चाहिए। क्योंकि फगवाड़ा में कंपनी यह प्रोजेक्ट लगाने का दम भर रही है।
जबकि वहां पर सफाई का बुरा हाल है। एक पार्षद ने कहा कि वह तो एक दिन पहले ही वहां का दौरा करके आए हैं। इस पर एक बार फिर ड्रामा शुरू हो गया। मेयर ने कहा कि फगवाड़ा दो हिस्सों में बंटा है। जिस हिस्से का काम कंपनी को दिया गया है वह दूसरा हो सकता है। वहीं, विधायक ने कहा पहले सफाई के काम भी निगम को नुकसान हो रहा है। 92 हजार रुपये एक किलोमीटर साफ करने के लिए दिए जाते हैं। इस पर फिर अकाली-बीजेपी पार्षद बोले की सफाई का ठेका देते समय भी आप सत्ता पक्ष में थे। अब क्या हो गया। इस पर सिद्धू सफाई देने लगे। आखिर में तय हुआ कि प्रस्ताव पास है। पार्षदों की कमेटी डस्टबिन वाली साइट का दौरा करेगी। इसके अलावा काम के ग्लोबल टेंडर लगाए जाएंगे। साथ ही टेेंडर भरने वाली कंपनियों के काम को परखा जाएगा।