मल्टीलेवल पार्किंग पर संकट के बादल, जानें आखिर क्या है मुसीबत
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शहर के पहले मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट को नगर निगम सफल नहीं कर पा रहा है। ऐसे में सेक्टर-17 में स्मार्ट सिटी और मास्टर प्लान के तहत बनने वाली तीन और मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण और उनके चलने पर संकट के बादल छा गए हैं।
इस समय सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग से हर माह 4 लाख का घाटा हो रहा है। इतना घाटा झेलने की क्षमता नगर निगम में ही नहीं है। पिछले छह माह में नगर निगम को 50 करोड़ की लागत से तैयार हुई मल्टीलेवल पार्किंग को चलाने से 30 लाख रुपये का घाटा हो चुका है।
गौरतलब है कि इस मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन मई में हुआ था। अगस्त से घाटा हर माह 6 लाख घाटा होने पर मल्टीलेवल पार्किंग बंद कर दी गई थी। शहरवासियों के विरोध के कारण इसे तीन दिन बाद फिर से खोल दिया गया, लेकिन नगर निगम ने इसे खुद चलाने का निर्णय लिया था। अभी इससे नगर निगम को 4 लाख का घाटा हो रहा है।
न चलने का एक बड़ा कारण यह
मल्टीलेवल पार्किंग न चलने का एक बड़ा कारण यह है कि यहां पर कार पार्क करने का शुल्क 5 और स्कूटर का दो रुपये है जो कि रेट काफी कम है। सेक्टर-17 की इस समय सभी पेड पार्किंग बिना ठेकेदारों के चल रहीं हैं।
नो पार्किंग में वाहन उठाने का भी नहीं मिला फायदा
नगर निगम इस साल इसलिए भी रेट नहीं बढ़ा पा रहा क्योंकि इस साल के अंत में नगर निगम चुनाव हैं। ऐसा करके भाजपा शहरवासियों को नाराज नहीं करना चाहती है।
प्रतिदिन 700 कारें पार्क होती हैं। मल्टीलेवल पार्किंग की अंडररग्राउंड फ्लोर में एक समय में एक साथ 764 कार पार्क हो सकती हैं। नो प्रोफिट नो लॉस में मल्टीलेवल पार्किंग चलाने के लिए यह जरूरी है कि प्रतिदिन मल्टीलेवल पार्किंग में साढ़े तीन से चार हजार वाहन पार्क हों।
ऐसा तभी संभव हो सकता है, जब नगर निगम सेक्टर-17 की साहिब सिंह और इंपायर स्टोर की पार्किंग बंद करे। लेकिन यहां के व्यापारी इन पर्किंगों को बंद नहीं होने दे रहे हैं।
नो पार्किंग में वाहन उठाने का भी नहीं मिला फायदा
नगर निगम ने मल्टीलेवल पार्किंग को चलाने के लिए नो पार्किंग में खड़े वाहनों को उठाना शुरू किया। साथ ही हर वाहन से 3500 रुपये जुर्माना लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद मल्टीलेवल पार्किंग नहीं चल पा रही है। मल्टीलेवल की अंडरग्राउंड तीनों फ्लोर वाहनों से भर गई हो यहां पर 724 कारे एक साथ पार्क होने की क्षमता है।
विज्ञापन की मंजूरी सरफेस के लिए नहीं ले पाए मेयर
मई में जब तीन दिन बाद नगर निगम ने जब मल्टीलेवल पार्किंग खोली गई तो मेयर ने दावा किया कि सरफेस पर विज्ञापन करने की मंजूरी प्रशासन से ली जाएगी, लेकिन प्रशासन के वास्तुकार विभाग ने इसे खारिज कर दिया।
कैफेटेरिया और इटिंग ज्वाइंटस खोले जाएं
मेयर ने दो माह पहले कहा था कि सलाहकार के साथ बैठक करके उन्हें विश्वास में लेकर विज्ञापन की मंजूरी ली जाएगी, लेकिन अभी तक कोई बैठक नहीं हुई है। मेयर अरुण सूद का कहना है कि ड्रोन से मल्टीलेवल पार्किंग की तस्वीरें और वीडियो ली गई हैं, जिसकी सीडी बनाई गई।
इसमें यह बताया गया कि विज्ञापन लगाने पर मल्टीलेवल पार्किंग किस तरह से दिखेगी। मेयर ने बताया कि सलाहकार के साथ जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक होने वाली है।
सरफेस पर विज्ञापन की मंजूरी मिलने पर घाटा नहीं होगा। सूद का कहना है कि उद्घाटन के बाद जो साहिब सिंह और इंपायर स्टोर की पार्किंग बंद करने का फैसला लिया गया था वह ठीक था। मालूम हो यह दोनो पार्किंग व्यापारियों, कांग्रेस और भाजपा के अपने पार्षदों के विरोध के बाद खोल दी गई थीं।
कैफेटेरिया और इटिंग ज्वाइंटस खोले जाएं
रोगी कल्याण सीमित के सदस्य एवं सेक्टर-22 निवासी प्रिंस भंढुला का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग के सरफेस पर कैफेटेरिया और इटिंग ज्वाइंटस खोले जाने चाहिए।
यह स्थल खुलने से सेक्टर-17 की रौनक और बढ़ जाएगी। निगम की कमाई भी बढ़ जाएगी। उनका कहना है कि उन्होंने यह सुझाव मेयर और चीफ इंजीनियर को भी दिया है।