फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mukhyamantri Parivar Samridhi Yojana applied in Haryana

गरीब परिवारों पर सरकार का फोकस, मिलेंगे छह हजार सलाना, सौ दिनों की उपलब्धियां भी गिनाई

Fri, 07 Feb 2020 09:39 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 07 Feb 2020 09:39 PM IST
विज्ञापन
Mukhyamantri Parivar Samridhi Yojana applied in Haryana
सीएम मनोहर लाल, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, बिजली मंत्री रणजीत चौटाला - फोटो : अमर उजाला

गठबंधन सरकार के सौ दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने ‘मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि’ योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत 1.80 लाख और 5 एकड़ जमीन वाले परिवार इस योजना के पात्र होंगे। एक साल में तीन किश्तों में इन पात्र परिवारों को 6 हजार रुपये दिए जाएंगे।

विज्ञापन


फिलहाल इसके लिए पात्र परिवार योजना के दस्तावेजों में अपनी आय खुद घोषित करेगा। मगर उसके बाद सरकार इसका अपने स्तर पर वेरिफिकेशन करवाएगी। उसमें यदि किसी की आय घोषणा गलत पाई गई तो उन पात्रों से रिकवरी भी होगी। इस अवसर पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, मंत्री रणजीत सिंह चौटाला व राज्यमंत्री अनुप धानक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन


मौके पर ही पांच पात्र परिवारों के खाते में इस योजना के तहत दी जाने वाली 6000 रुपये की वार्षिक सहायता में से 4000 रुपये हस्तांतरित किए। खाते में जमा राशि का लाभार्थियों के मोबाइल पर एसएमएस आया और मुख्यमंत्री ने स्वयं उस राशि का मिलान किया। योजना के तहत केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना व प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के लिए सरकार की ओर से प्रीमियम भरा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने 100 दिनों के कार्यकाल में प्रदेश हित में साफ-सुथरी, पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन उपलब्ध करवाकर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का काम किया है तथा अगले पांच वर्षों की योजनाओं का रोडमैप भी तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियों की जानकारियां भी दी।

ये हैं मुख्य उपलब्धियां

  • उद्योगों में हरियाणा के अकुशल श्रमिकों को 75 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। ये अनिवार्य होगा। मगर इस संदर्भ में विधानसभा में कोई बिल लाया जाएगा, ये भी अभी तय नहीं है। सर्वे भी होगा, कौन उद्योग इस आरक्षण का लाभ दे रहा है या नहीं।
  • अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मेडिकल के पीजी पाठ्यक्रमों में नियमित आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
  • वर्ष 2020-21 का बजट तैयार करने के लिए विभिन्न स्टेक होल्डर्स और विधायकों से विचार-विमर्श करने की पहल की गई है।
  • एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्रीज को अभी तक औद्योगिक दरों पर बिजली दी जाती थी, जिसे अब 4.75 रुपये प्रति यूनिट किया जा रहा है।
  • जींद में 664 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति दी गई है।
  •  हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां ट्रीटेड वेस्ट वाटर का दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा।
  • सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर बड़वासनी में 200 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी की स्वीकृति दी गई है।
  • बहादुरगढ़ में 124.33 करोड़ रुपये की लागत से बाईपास स्वीकृत किया गया है।
  • 282 करोड़ रुपये की लागत से 11 आरओबी, आरयूबी और पुलों का निर्माण कार्य अलॉट किया गया है।
  • वृद्धावस्था सम्मान भत्ता व अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2000 रुपये मासिक से बढ़ाकर 2250 रुपये मासिक किया।
  • गांवों को लाल डोरा मुक्त करने की अनूठी पहल की गई है। अब लोग लाल डोरे के अंदर की सम्पत्तियों की भी खरीद फरोख्त कर सकेंगे। करनाल जिले का सिरसी गांव प्रदेश का पहला लाल डोरा मुक्त गांव बना है। 15 जिलों के 75 गांवों की मैपिंग का कार्य शुरू हो चुका है।

कुरुक्षेत्र में बनेगा गुरु रविदास धाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश पीर-पैगम्बरों व साधु-संतों व महापुरुषों की धरा रही है। इस अवसर पर उन्होंने धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र में 5 एकड़ जमीन में गुरु रविदास धाम बनाने की घोषणा भी की ताकि युवा पीढ़ी गुरु रविदास की शिक्षाओं से सीख ले।

सीएम और डिप्टी सीएम ने धान खरीद में घोटाले को नकारा

हरियाणा में धान खरीद घोटाले को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सिरे से नकार दिया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि धान खरीद में घोटाला नहीं, अनियमितताएं हुई हैं। राइस मिलों के भौतिक सत्यपान में खरीद और स्टॉक में पाया गया अंतर बहुत ही कम है। 42 हजार मीट्रिक टन का अंतर कुछ भी नहीं। 

मिलर्स के साथ हुए एग्रीमेंट में स्टॉक में अंतर पर दो प्रतिशत तक छूट है। जो धान सत्यापन के समय कम मिला है, वह दो प्रतिशत से कम ही है। सरकार ने राइस मिलर्स के 760 करोड़ रुपये रोककर रखे हुए हैं। अगर किसी मिलर्स के स्टॉक का अंतर दो प्रतिशत से अधिक पाया जाता है तो रिकवरी लेकर रहेंगे। 

प्रदेश सरकार ने तीन बार राइस मिलों का भौतिक सत्यापन कराकर मिसाल कायम की है। ऐसा करने वाला हरियाणा पहला राज्य है। सीएम मनोहर लाल ने धान खरीद घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हुड्डा अगर लिखकर दें तो वे बीते दस साल में हुई धान खरीद की जांच सीबीआई से करा देंगे। 

पूरा रिकॉर्ड चेक कराया जाएगा। पूर्व सरकार के समय तो 63 हजार मीट्रिक टन तक भी खरीद और स्टॉक में अंतर मिलता रहा है। सीएम और डिप्टी सीएम के ताजा रुख के बाद अब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के लिए असमंजस की स्थिति बन सकती है। चूंकि, विभाग ने 1207 मिलर्स को नोटिस देने के बाद जवाब न देने वाले डिफाल्टर मिलर्स और उनके गारंटर से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed