पंजाब : मुख्तार अंसारी की कोरोना रिपोर्ट आई निगेटिव, अब बांदा जेल की बैरक नंबर 15 होगा ठिकाना
- भारी सुरक्षा के बीच रोपड़ जेल से 26 माह बाद अंसारी की यूपी वापसी
- 12 घंटे की कागजी कार्रवाई के बाद अंसारी यूपी पुलिस के सुपुर्द किया
- मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को लेकर तीन राज्यों की पुलिस अलर्ट मोड पर
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26 महीने की जद्दोजहद के बाद भारी सुरक्षा के बीच पंजाब पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बांदा जेल ले जाने के लिए मंगलवार को यूपी पुलिस को सौंप दिया। दोपहर 2:10 बजे यूपी पुलिस अंसारी को लेकर रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुई। अब अंसारी को बांदा जेल में बैरक नंबर 15 में रखा जाएगा। यूपी पुलिस के नौ वाहनों के काफिले के साथ पंजाब पुलिस का कोई कर्मी नहीं गया। अंसारी के बुधवार अल सुबह बांदा पहुंचने की संभावना है।
मीडिया की भीड़ देख जेल प्रशासन ने अंसारी को गेट नंबर एक के बजाय गेट नंबर दो से निकाला। जेल के अन्य कैदियों को अंसारी की बैरक से पूरी तरह से दूर रखा गया। कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही पंजाब जेल प्रशासन ने अंसारी की रवानगी की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान जेल के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।
कागजी कार्रवाई पूरी करने में करीब 12 घंटे लग गए। अंसारी को ले जाते समय किसी तरह की घटना रास्ते में न घटे, इसके लिए तीन राज्यों की पुलिस को सतर्क कर दिया गया। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की पुलिस ने अंसारी के अपने क्षेत्र से बाहर जाने के बाद ही चैन की सांस ली। खुफिया सूचना के मुताबिक अंसारी के निजी गुर्गे भी उसकी सुरक्षा के लिए यहां से उत्तर प्रदेश तक जगह-जगह तैनात हैं।
अंसारी के सवार होने से पहले एंबुलेंस की जांच की
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मुख्तार को रोपड़ जेल से लेने के लिए यूपी पुलिस की टीम सोमवार सुबह 9 बजे रवाना हुई थी। वह साथ में हाईटेक एंबुलेंस लेकर आई थी। काफिले में वज्र वाहन सहित कुल नौ वाहन शामिल थे। पूरे दिन सफर करने के बाद यूपी पुलिस के वाहनों के आने का सिलसिला देर रात दो बजे शुरू हुआ जो सुबह सवा आठ तक जारी रहा।
मुख्तार के हाईटेक एंबुलेंस में सवार होने से पहले एंबुलेंस की जांच की गई। पुलिस के अन्य वाहनों के साथ ही एंबुलेंस को रोपड़ जेल से लगभग 2 बजकर 10 मिनट पर रवाना किया गया। पूरी टीम में लगभग 60 पुलिसकर्मी थे। अधिकांश ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी और वे आधुनिक हथियारों से लैस थे। मेडिकल जांच के दौरान एंबुलेंस में यूपी से आए डॉ. एसडी त्रिपाठी सहित रोपड़ जेल के मेडिकल बोर्ड में शामिल चिकित्सक मौजूद रहे। गौरतलब है कि पिछली बार अंसारी करीब 34 माह बांदा जेल में रहा था।
एंबुलेंस में मुख्तार के लिए शुगर फ्री जूस, दवाएं आदि रखवाईं
रवानगी से पहले जेल प्रशासन से अंसारी ने जरूरत का हर सामान मुहैया कराने का आग्रह किया। इसमें आवश्यक दवाएं आदि शामिल थीं। खासकर रास्ते के लिए उसने शुगर फ्री जूस पर ज्यादा जोर दिया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने मुख्तार की जरूरत का हर सामान एंबुलेंस में मुहैया करवाया। इसके लिए यूपी पुलिस की ओर से भी कोई आपत्ति नहीं की गई।
पुलिसकर्मियों के पहचान पत्र की कॉपी जमा करवाई
मुख्तार की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसे लेकर पंजाब पुलिस ने हर पहलू का ध्यान रखा। मुख्तार को ले जाने के लिए आई पुलिस टीम के हर सदस्य की पंजाब पुलिस ने पहचान की। इस दौरान सभी सदस्यों के पहचान पत्रों की कॉपी जमा कराई गई। साथ ही सभी वाहनों के नंबर और फोटो भी पंजाब पुलिस ने लिए।
एसटीएफ का वाहन हुआ खराब
उत्तर प्रदेश की ओर से भी मुख्तार की सुरक्षा के बेहद चाक-चौबंद इंतजाम किए गए। हालांकि सरकार की ओर से मुख्तार की सुरक्षा के लिए तय रूट पर तैनात किए गए यूपी एसटीएफ के वाहन में तकनीकी दिक्कत आ गई। एसटीएफ की टीम इस वाहन को देर शाम तक दुरुस्त कराती रही।