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नामी कंपनियों के लिए पार्ट्स की ढलाई करता है ये शख्स
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 01 Jan 2016 03:20 PM IST
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एचएमटी हो या कोई अन्य जानी मानी ट्रैक्टर कंपनी। चाहे मशीनी पार्ट हो या फिर पाइप फिटिंग। उनके पार्ट्स की ढलाई में माहिर हैं राजदीप इंडस्ट्री। इस इंडस्ट्री की स्थापना वर्ष 1982 में हुई थी। राजदीप इंडस्ट्री के मालिक सुभाष चंदर ने बताया कि उनके भाई भारत भूषण ने लुधियाना में साइकिल की फैक्ट्री लगाई थी।
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उनके एक दोस्त की आयरन कास्टिंग का काम था। वह अकसर उनकी फैक्ट्री में जाते थे। वर्ष 1982 में पंचकूला में प्लाट लिया और यहां अपना काम शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि जब एचएमटी यहां आई तो उसके वेंडर बन गए।
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अब बेटे को भी लगाया साथ में
सुभाष चंदर ने बताया कि वर्ष 2014 में अपने बेटे को अपने साथ इंडस्ट्री में लगा लिया। उनके बेेटे राहुल ने बताया कि जब उन्होंने इंडस्ट्री ज्वाइन की तो उनको पिता के अनुभव का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि अब मार्केटिंग और प्रशासनिक काम वही देखतेे हैं।
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इंडस्ट्री का किया मार्डनाइजेशन
सुभाष चंदर ने बताया कि अब इस इंडस्ट्री का मार्डनाइजेशन कर दिया गया है। पहले कुपला फर्नेस से काम होता था और अब इलेक्ट्रिक फर्नेस होती है। जिससे काम में काफी तेजी आ गई है।
ग्रेजुएशन के बाद लगा दी इंडस्ट्री
सुभाष चंदर ने बताया कि उन्होंने ग्रेजुएशन करने के बाद पंचकूला में इंडस्ट्री लगा दी। उन्होंने बताया कि राजदीप इंडस्ट्री में फर्निशिंग का काम होता है। उन्होंने कहा जब उन्होंने ढलाई का काम शुरू किया तो एचएमटी का पीक टाइम था। उनको दूसरी कंपनियों का काम करने का समय ही नहीं मिलता था। एचएमटी के बंद होने के बाद दूसरी ट्रैक्टर कंपनियों के साथ काम करने के लिए काफी मार्केटिंग करनी पड़ी।
पंचकूला में लगाएं बड़ी ऑटो इंडस्ट्री
पंचकूला की इंडस्ट्री को गति देने के लिए एक बड़ी ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री सबसे आवश्यक है। ऐसी आटो इंडस्ट्री से ही पंचकूला को नई गति मिल सकेगी। एचएमटी के साथ ही जो लघु इकाइयां यहां खोली गईं वह एचएमटी में काम बंद होने के बाद एकदम पस्त हो गईं। इंडस्ट्री को नई गति देने के लिए जरूरी है कि यहां ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री लाई जाए।
राहुल बत्ता
स्कूलिंग-सेंट जेवियर्स स्कूल
कालेज-पीयू से कॉरेस्पांडेंट
सुभाष चंदर
स्कूलिंग-गवर्नमेंट स्कूल, मनीमाजरा
कालेज-डीएवी कालेज चंडीगढ़
टिप्स
1-इंडस्ट्री का सर्वे करके ही आगे कदम बढ़ाएं।
2-यह जरूरी कि कौन सी इंडस्ट्री यहां लगाएं।
3-मार्केटिंग सबसे जरूरी पार्ट है, उसका ध्यान रखें।
4-खुद को इंडस्ट्री की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
5-आपका प्रोडक्ट आपके लिए सबसे अहम है।