{"_id":"ff971da9d2e760774c3abb9dcc56286f","slug":"msme-special-industrialist-men-kumar-oswal-success-story-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्नीचर इंडस्ट्री में देश भर में मशहूर है ओसवाल का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्नीचर इंडस्ट्री में देश भर में मशहूर है ओसवाल का नाम
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 13 Jan 2016 03:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑडिट इंस्पेक्टर के पद से रिटायर होने के बाद दस कर्मचारियों के साथ पंचकूला में स्टील और वुडन फर्नीचर की इंडस्ट्री लगा दी। आज देश भर में मशहूर हैं। ये शख्स हैं नेम कुमार ओसवाल। ओसवाल ने बताया कि आतंकवाद के कारण गुरदासपुर के हालात ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने चंडीगढ़ में अपनी बदली करवा ली और 1985 में रिटायर हो गए। इसके बाद उन्होंने काम करने के लिए अपने छोटे भाई एसके जैन से सलाह ली।
विज्ञापन
भाई ने इंडस्ट्री लगाने की सलाह दी और दो साल तक उन्हें स्टील इंडस्ट्री के बारे में जानकारी दी। हौसलों में उड़ान और मेहनत करने का जज्बा था। इसके बाद 1987 तक वह अपनी स्टील फर्नीचर की इंडस्ट्री को ऊंचाइयों पर ले गए। फर्नीचर की उस समय डिमांड अधिक थी, जिसके कुछ समय बाद नेम कुमार के पुत्र विशाल ओसवाल भी पिता के साथ बिजनेस में आ गए। काम के विस्तार के लिए 1994 में अभयपुर में वर्धमान फर्नीचर के नाम से दूसरी इंडस्ट्री भी लगा डाली।
विज्ञापन
सरकारी नौकरी से रिटायरमेंट के बाद लगाई इंडस्ट्री
कंपनी के प्रोपराइटर नेम कुमार ओसवाल ने बताया कि 1958 में ग्रेजुएशन करने के बाद पंजाब के कारपोरेटिव ऑडिट में जूनियर एडिटर का काम किया। उसके बाद 1985 तक अपनी सेवाएं देते हुए नेम कुमार बतौर ऑडिट इंस्पेक्टर रिटायर हो गए।
विज्ञापन
दो साल भाई से लिए इंडस्ट्री लगाने के टिप्स
रिटायरमेंट के बाद नेम कुमार ने अपने छोटे भाई एसके जैन से दो साल तक स्टील इंडस्ट्री के बारे में जानकारी हासिल की। एसके जैन की मोहाली में स्टील की ही इंडस्ट्री है।दो साल तक जानकारी हासिल करने के बाद 1987 तक ओसवाल फर्नीचर की डिमांड पूरे देश भर में हो गई।
50 कर्मचारियों को दे रहे है रोजगार
नेम कुमार ओसवाल ने बताया कि 1985 में उन्होने दस कर्मचारियों के साथ पंचकूला में स्टील इंडस्ट्री की शुरूआत की। अब वह अपनी दो यूनिट ओसवाल स्टील इंडस्ट्री और वर्धमान फर्नीचर में 50 कर्मचारियों को रोजगार दे रहे है।
ट्राईसिटी नहीं पूरे देश में है इनके फर्नीचर की डिमांड
इंडस्ट्री के प्रोपराइटर विशाल ओसवाल ने बताया कि वह शुरू से ही कारपोरेट सेक्टर में अपने फर्नीचर की सप्लाई कर रहे है। पहले ट्राईसिटी में ही फर्नीचर सप्लाई करते थे, जिसके बाद बेहतर क्वालिटी की वजह से अब पूरे देश में फर्नीचर की सप्लाई कर रहे है।
प्रोफाइल
1- नेम कुमार ओसवाल, प्रोपराइटर, ओसवाल स्टील इंडस्ट्री
स्कूलिंग-हिंद हाई स्कूल, बंगा, 1955
ग्रेजुएशन- आरके आर्या कॉलेज, बंगा, नंवाशहर, 1959
मेंबर- प्रेसिडेंट, एसएस जैन सभा, पंचकूला
2- विशाल ओसवाल, प्रोपराइटर ओसवाल स्टील इंडस्ट्री
स्कूलिंग- हिंद हाई स्कूल बंगा, 1980
ग्रेजुएशन- गवर्नमेंट कॉलेज चंडीगढ़
मेंबर- फाइनेंस सेक्रेटरी, लघु उद्योग भारती
वाइस प्रेसीडेंट, इंडस्ट्री एसोसिएशन पंचकूला
इन प्रोडक्ट की करते है सप्लाई-
-अलमारी
कुर्सियां
फाइनल कैबिनेट
स्टील
वुडन
स्टेनलेस स्टील
युवाओं के लिए टिप्स
1- फाइनेंस बेहद जरूरी
2- इंडस्ट्री लगाने के लिए जगह भी महत्वपूर्ण
3- जिस क्षेत्र में लगाए इंडस्ट्री पहले उसकी लें पूरी जानकारी
4- काम के प्रति ईमानदारी, मेहनत और लगन होनी चाहिए