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सांसद खेर ने पंजाब-हरियाणा की नौकरियों में मांगा चंडीगढ़वासियों का हक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:29 AM IST
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MP Kirron Kher
- फोटो : File Photo
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सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए आयु सीमा बढ़वाने के बाद अब सांसद किरण खेर ने पंजाब और हरियाणा की नौकरियों में भी बराबर का हक मांग लिया है। सांसद किरण खेर ने पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को अलग-अलग चिट्ठी लिखकर दोनों राज्यों की नौकरियों में चंडीगढ़वासियों को बराबर अवसर दिए जाने की आवाज उठाई है।
खेर ने चिट्ठी में लिखा कि पंजाब और हरियाणावासी चंडीगढ़ की किसी भी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। यही वजह है कि चंडीगढ़ में सभी नौकरियों का बड़ा प्रतिशत पंजाब और हरियाणा को चला जाता है। इसके उलट चंडीगढ़वासी राज्य का डोमिसाइल नहीं होने के कारण दोनों प्रदेशों की किसी भी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकते, जबकि चंडीगढ़ दोनों प्रदेशों की राजधानी है।
इसलिए यहां के नागरिकों को भी दोनों राज्यों में बराबर अवसर मिलने चाहिए। सांसद ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इस बात को निजी तौर पर देखते हुए चंडीगढ़वासियों को यह अधिकार देने की अपील की है।
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खेर ने चिट्ठी में लिखा कि पंजाब और हरियाणावासी चंडीगढ़ की किसी भी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। यही वजह है कि चंडीगढ़ में सभी नौकरियों का बड़ा प्रतिशत पंजाब और हरियाणा को चला जाता है। इसके उलट चंडीगढ़वासी राज्य का डोमिसाइल नहीं होने के कारण दोनों प्रदेशों की किसी भी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकते, जबकि चंडीगढ़ दोनों प्रदेशों की राजधानी है।
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इसलिए यहां के नागरिकों को भी दोनों राज्यों में बराबर अवसर मिलने चाहिए। सांसद ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इस बात को निजी तौर पर देखते हुए चंडीगढ़वासियों को यह अधिकार देने की अपील की है।
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सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए दोनों मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
MP Kirron Kher
- फोटो : File Photo
सांसद किरण खेर ने कहा कि छोटी यूटी होने के कारण चंडीगढ़ के विभिन्न विभागों में नौकरियों के अवसर पहले ही कम होते हैं। मौजूदा व्यवस्था से चंडीगढ़वासियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। दोनों प्रदेश जितना अधिकार चंडीगढ़ पर अपनी राजधानी होने के कारण जताते हैं उतना अधिकार यहां केनागरिकों को भी दोनों प्रदेशों में मिलना चाहिए।
अधिकतम आयु सीमा हो चुकी है 37 वर्ष
चंडीगढ़ में नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा 25 से बढ़कर पंजाब की तर्ज पर 37 वर्ष की जा चुकी है। सांसद किरण खेर ने इस मुद्दे को संसद में उठाने के बाद प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मंजूरी लेने के बाद नियमों में बदलाव करवाया। अब उन्होंने दोनों प्रदेशों में नौकरियों के अवसर का मुद्दा उठाया है।
हालांकि अब पंजाब और हरियाणा का इस मुद्दे पर क्या रुख रहता है यह देखना होगा। पंजाब-हरियाणा ने अपने नागरिकों के लिए भर्ती में कोटा भी निर्धारित कर रखा है। जबकि चंडीगढ़ में इस तरह का कोई कोटा नहीं है। यहां कोई भी कहीं से आवेदन कर सकता है सबको बराबर अवसर मिलता है।
अधिकतम आयु सीमा हो चुकी है 37 वर्ष
चंडीगढ़ में नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा 25 से बढ़कर पंजाब की तर्ज पर 37 वर्ष की जा चुकी है। सांसद किरण खेर ने इस मुद्दे को संसद में उठाने के बाद प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मंजूरी लेने के बाद नियमों में बदलाव करवाया। अब उन्होंने दोनों प्रदेशों में नौकरियों के अवसर का मुद्दा उठाया है।
हालांकि अब पंजाब और हरियाणा का इस मुद्दे पर क्या रुख रहता है यह देखना होगा। पंजाब-हरियाणा ने अपने नागरिकों के लिए भर्ती में कोटा भी निर्धारित कर रखा है। जबकि चंडीगढ़ में इस तरह का कोई कोटा नहीं है। यहां कोई भी कहीं से आवेदन कर सकता है सबको बराबर अवसर मिलता है।