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निर्माता ने हाईकोर्ट में खोले 'ग्रांड मस्ती' के राज
सुमेश ठाकुर
Updated Thu, 05 Dec 2013 10:26 AM IST
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बॉलीवुड फिल्म ग्रांड मस्ती में अभद्रता के मामले में फिल्म निर्माता ने हाईकोर्ट में पेश हलफनामे में अपनी सफाई दी है।
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मारूति इंटरनेशनल फिल्म प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से पेश किए जवाब में निर्माता अशोक ठकरिया द्वारा पेश हलफनामे में कहा गया है कि इस फिल्म की रिलीज से पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन(सीबीएफसी) ने जिन दृश्यों पर आपत्ति उठाई, उन्हें तत्काल डिलीट कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि ए सर्टिफिकेट पर फिल्म रिलीज की गई। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह पर आधारित खंडपीठ ने एफिडेविट को रिकार्ड में लेकर मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। मामले की आगामी सुनवाई 3 फरवरी को निर्धारित की गई है।
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फिल्म निर्माता द्वारा पेश किए हलफनामे में कहा गया कि कि सीबीएफसी ने 27 मई और 10 जून को फिल्म की स्क्रीनिंग की थी। बोर्ड ने 11 जून को कुछ दृश्यों पर अपनी आपत्ति जताई।
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इन दृश्यों को डिलीट करने के बाद 16 जून को फिर से सीबीएफसी को यह फिल्म दिखाई गई। बोर्ड ने 14 जून को फिल्म के लिए ए सर्टिफिकेट जारी कर दिया। ए सर्टिफिकेट मिलने के बाद 13 नवंबर को फिल्म रिलीज की गई।