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चंडीगढ़: विरासत केंद्र के लिए प्रशासन और वायुसेना के बीच एमओयू, 15 अगस्त तक पूरा होगा काम

Sat, 04 Jun 2022 12:42 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 04 Jun 2022 12:42 AM IST
सार

विरासत केंद्र में जल, थल और वायुसेना में निकली भर्ती और पात्रता की भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यूटी प्रशासन के अधिकारियों के सामने प्रेजेंटेशन भी हो चुकी है।

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MoU between Chandigarh Administration and Air Force for Heritage Center
चंडीगढ़ प्रशासन और वायुसेना के बीच एमओयू साइन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में वायुसेना का विरासत केंद्र जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। इसे लेकर शुक्रवार को यूटी प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित, सांसद किरण खेर, प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल और भारतीय वायुसेना के एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी की मौजूदगी में प्रशासन और वायुसेना के बीच एमओयू साइन हुआ। इसमें प्रशासन, वायुसेना व केंद्र सरकार की जिम्मेदारियां तय की गईं। 

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प्रेस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर 15,600 स्क्वॉयर फुट में विरासत केंद्र बन रहा है। करीब ढाई महीने में विरासत केंद्र का काम पूरा हो जाएगा। 15 अगस्त को उद्घाटन किया जा सकता है। विरासत केंद्र के रखरखाव का काम प्रशासन देखेगा, जबकि यहां पर सभी तरह का सामान, हथियार व अन्य औजार वायुसेना प्रदान करेगी। 
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इस मौके पर प्रशासक ने कहा कि ये केंद्र युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा। केंद्र युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा में भारतीय वायु सेना की भूमिका और योगदान के बारे में जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि ये अपनी तरह का पहला वायुसेना का विरासत केंद्र बनने जा रहा है।
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पर्यटन के तौर पर भी चंडीगढ़ एक प्रमुख शहर है और ये प्लान सिटी है, जिसके चलते इस विरासत केंद्र का महत्व और भी बढ़ जाता है। यहां लोग वायुसेना के इतिहास को पढ़ और देख पाएंगे। वायुसेना के अधिकारी गाइड की भूमिका निभाएंगे। लोग सेना का शौर्य, युद्ध की कहानियां और इस्तेमाल किए गए हथियारों के बारे में जान सकेंगे। 

सिम्युलेटर का अनुभव लेने के खर्च करने पड़ सकते हैं पैसे
विरासत केंद्र में जल, थल और वायुसेना में निकली भर्ती और पात्रता की भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यूटी प्रशासन के अधिकारियों के सामने प्रेजेंटेशन भी हो चुकी है। केंद्र के लिए 1971 युद्ध में इस्तेमाल हुआ जहाज चंडीगढ़ पहुंच गया है। अगले एक हफ्ते के अंदर मिग 21 चंडीगढ़ पहुंच जाएगा। 

केंद्र में विमान के मॉडल और हथियार प्रदर्शित होंगे लेकिन बड़ा आकर्षण सिम्युलेटर होगा, जो लोगों को एक विमान में होने का अनुभव प्रदान करेगा। एमओयू के अनुसार राजस्व के लिए प्रशासन केंद्र में प्रवेश के लिए टिकट लगा सकता है। साथ ही सिम्युलेटर का अनुभव लेने के लिए भी लोगों को अलग से पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। हालांकि इसका फैसला केंद्र के तैयार होने के बाद प्रशासन की तरफ से लिया जाएगा।


केंद्र में ये सब होगा मौजूद
एमओयू के अनुसार केंद्र में एयरो इंजन, एयरक्राफ्ट, कियोस्क और अन्य वायुसेना आर्टिफैक्ट्स जिसमें मशीन/फिक्स्चर इत्यादि, वायुसेना की उपलब्धियों और व्यक्तित्वों पर वीडियो, फिल्म सहित पर्याप्त प्रचार सामग्री और लोगों को जानकारी देने के लिए सेना की तरफ से गाइड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। बता दें कि 27 अगस्त 2021 को पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की उपस्थिति में चंडीगढ़ प्रशासन और वायुसेना के बीच इस विरासत केंद्र को बनाने के लिए सहमति बनी थी।

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