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हाईकोर्ट: 24 सप्ताह के भ्रूण को गिराने की अनुमति के लिए मां ने लगाई फरियाद, भ्रूण को घातक मस्तिष्क रोग से पीड़ित होने की दी दलील
Sun, 24 Oct 2021 12:12 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 24 Oct 2021 12:12 AM IST
सार
मां ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर 24 सप्ताह के भ्रूण को गिराने की अनुमति मांगी है। याचिका में दलील दी गई है कि भ्रूण को घातक मस्तिष्क रोग है। हाईकोर्ट ने पीजीआई को मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
गर्भ में पल रहे 24 सप्ताह के भ्रूण को घातक मस्तिष्क रोग होने की दलील देते हुए मां ने गर्भपात की अनुमति के लिए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। हाईकोर्ट ने पीजीआई को तुरंत मेडिकल बोर्ड गठित करते हुए मंगलवार को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
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पंचकूला निवासी एक महिला ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया कि 12 अक्तूबर को उसने अल्ट्रासाउंड करवाया था। इस दौरान उसे पता चला कि उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण को गार्डेड न्यूरोलॉजिकल प्रोग्नोसिस जैसी घातक बीमारी है। याची ने कहा कि यदि इस बच्चे को दुनिया में लाया भी गया तो इसके जीवित रहने की बहुत कम संभावना है। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उसे गर्भपात करवाने की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट ने इस पर पीजीआई को मेडिकल बोर्ड गठित करने को कहा।
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पीजीआई की ओर से कहा गया कि महिला शनिवार को पीजीआई द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड के समक्ष जांच के लिए पहुंची। मेडिकल बोर्ड जांच कर इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप देगा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई के लिए आदेश जारी किए जा सकते हैं।