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Hindi News ›   Chandigarh ›   Most leaders of Punjab Congress do not want alliance with AAP

Punjab: AAP से गठबंधन नहीं चाहते कांग्रेस नेता, बोले- डेढ़ साल में हमारे साथ जो किया, उसे कैसे भुला दें

Tue, 05 Sep 2023 09:52 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 05 Sep 2023 09:52 PM IST
सार

आप से गठबंधन के मुद्दे पर जब प्रताप सिंह बाजवा से उनकी निजी राय पूछी गई तो उन्होंने इतना ही कहा कि इस मुद्दे पर मेरी राय हर कोई जानता है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस के नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया है, उससे यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस की आप के साथ जुड़ने की कोई इच्छा नहीं है।

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Most leaders of Punjab Congress do not want alliance with AAP
कांग्रेस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

‘बीते डेढ़ साल में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने जो हमारे साथ किया, उसे किस तरह भुलाएं और गठजोड़ कर लें।’ पंजाब कांग्रेस की ओर से मंगलवार को आयोजित बैठक में जिला प्रधानों के अलावा अधिकांश सीनियर नेताओं ने यही सवाल उठाया। राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस और आप के एक साथ आने के बाद पंजाब में भी दोनों दलों के बीच गठजोड़ की चर्चा गर्म है।

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सोमवार को आप के सीनियर नेता हरपाल सिंह चीमा द्वारा कांग्रेस के साथ गठजोड़ को लेकर सकारात्मक बयान देने के बाद मंगलवार को पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की अध्यक्षता में सीनियर नेताओं और जिला प्रधानों की अलग-अलग बैठकों में इस मुद्दे पर गहन मंथन किया गया और गठजोड़ को लेकर नेताओं से फीडबैक हासिल किया गया। पंजाब कांग्रेस भवन में पूरा दिन चली अलग-अलग बैठकों में से पहली बैठक, जिला प्रधानों के साथ हुई।
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इसके बाद पार्टी की सीनियर लीडरशिप, जिसमें सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ मौजूदा और पूर्व विधायक भी शामिल थे, ने अलग बैठक में मंथन किया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान अधिकांश नेताओं और विधायकों ने आप से गठजोड़ के खिलाफ ही राय दी है। इससे पहले, जिला प्रधानों ने भी आप से गठजोड़ को सही नहीं ठहराया। 

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पता चला है कि बैठक में अपने-अपने विचार रखते हुए अधिकांश नेताओं का कहना था कि बीते डेढ़ साल के दौरान आप सरकार ने पंजाब में जिस तरह कांग्रेस को कुचलने का प्रयास किया है, पार्टी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किए हैं और विजिलेंस कार्रवाई की गई है, उसे देखते हुए इस पार्टी के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता।

बैठक के बाद प्रताप सिंह बाजवा ने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी, विधायक, पूर्व विधायक और बाकी नेताओं ने इस बैठक में आप से गठजोड़ को लेकर जो भी राय रखी है, उस पर एक रिपोर्ट तैयार कर हाईकमान को सौंपी जाएगी। बैठक में कई अन्य एजेंडे भी थे, जिनमें आप से गठजोड़ के मुद्दे के अलावा पंजाब के मौजूदा सियासी हालात, ड्रग के बढ़ रहे मामले, कानून-व्यवस्था की स्थिति और किसानों व मुलाजिमों के मुद्दों पर आप सरकार के रवैये पर विचार-विमर्श किया गया। 

26 सितंबर को बेंगलुरु में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष और सीएलपी नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जिसमें वे अपनी विस्तृत रिपोर्ट और राय हाईकमान के समक्ष रखेंगे। आप से गठजोड़ के मुद्दे पर बाजवा से उनकी निजी राय पूछे जाने पर उन्होंने इतना ही कहा कि इस मुद्दे पर मेरी राय हर कोई जानता है।

उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस के नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया है, उससे यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस की आप के साथ जुड़ने की कोई इच्छा नहीं है। आप नेता हरपाल चीमा के वे बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के साथ छोटे-मोटे मनमुटाव दूर कर लिए जाएंगे। इस पर बाजवा ने कहा कि यह चीमा की राय हो सकती है लेकिन यह हमारी राय नहीं है। कोई भी रिश्ता एक तरफा राय से नहीं बनता, दोनों पक्षों की समान राय जरूरी है।

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