{"_id":"59d12db14f1c1bae538b53e0","slug":"more-than-five-thousand-running-auto-without-permits-in-chandigarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एसटीए के सारे दावे फेल, अभी भी बिना परमिट चल रहे पांच हजार से ज्यादा ऑटो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसटीए के सारे दावे फेल, अभी भी बिना परमिट चल रहे पांच हजार से ज्यादा ऑटो
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Oct 2017 09:08 AM IST
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बिना परमिट चल रहे पांच हजार से ज्यादा ऑटो
चंडीगढ़ में धड़ल्ले से पांच हजार ऑटो बिना वेरीफिकेशन और परमिट के चल रहे हैं। एसटीए इन पर रोक लगाने में फेल हो गया है। बिना पुलिस वेरीफिकेशन, बिना परमिट व अवैध डीजल ऑटो चंडीगढ़ में चल रहे हैं। जब कोई दुर्घटना होती है तो चेकिंग और चालान काटकर खानापूर्ति कर ली जाती है। लेकिन स्टूडेंट्स और शहर के लोगों की सेफ्टी केे बारे में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की ओर से बनाई गई पॉलिसी अमल में नहीं लाई जा रही।
चंडीगढ़ में एलपीजी ऑटो 4500 रजिस्टर्ड हैं। पंजाब और हरियाणा के लगते क्षेत्र से पांच हजार ऑटो हर दिन चंडीगढ़ में आकर चलते हैं। इनका एसटीए और चंडीगढ़ पुलिस की ओर से वेरीफिकेशन और परमिट भी नहीं है। ऐसे में अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा, यह बड़ा सवाल है। शहर में ऑटो चालक बिना वर्दी और मीटर के दौड़ रहे हैं। हिंद ऑटो रिक्शा वर्कर यूनियन के प्रेसीडेंट कमलाकांत द्विवेदी ने बताया कि एसटीए की ओर से अभी तक कोई भी काम पूरा नहीं किया गया है।
एसटीए पंजाब, हरियाणा के ऑटो को परमिट नहीं दे रहा है। शहर में ऑटो के लिए अलग लाइसेंस बनाने का प्रपोजल था, लेकिन उसे अमल में नहीं लाया गया। इस तरह के हालात में शहर के ऑटो वालों को भी परेशानी होती है। वहीं शहर में ऑटो चालक बिना वर्दी के और बिना मीटर के चल रहे हैं।
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चंडीगढ़ में एलपीजी ऑटो 4500 रजिस्टर्ड हैं। पंजाब और हरियाणा के लगते क्षेत्र से पांच हजार ऑटो हर दिन चंडीगढ़ में आकर चलते हैं। इनका एसटीए और चंडीगढ़ पुलिस की ओर से वेरीफिकेशन और परमिट भी नहीं है। ऐसे में अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा, यह बड़ा सवाल है। शहर में ऑटो चालक बिना वर्दी और मीटर के दौड़ रहे हैं। हिंद ऑटो रिक्शा वर्कर यूनियन के प्रेसीडेंट कमलाकांत द्विवेदी ने बताया कि एसटीए की ओर से अभी तक कोई भी काम पूरा नहीं किया गया है।
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एसटीए पंजाब, हरियाणा के ऑटो को परमिट नहीं दे रहा है। शहर में ऑटो के लिए अलग लाइसेंस बनाने का प्रपोजल था, लेकिन उसे अमल में नहीं लाया गया। इस तरह के हालात में शहर के ऑटो वालों को भी परेशानी होती है। वहीं शहर में ऑटो चालक बिना वर्दी के और बिना मीटर के चल रहे हैं।
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चंडीगढ़ से लगती सीमाओं में चल रहे डीजल ऑटो
चंडीगढ़ से लगती सीमाओं में चल रहे डीजल ऑटो
गौरतलब है कि चंडीगढ़ में डीजल ऑटो चलाना अवैध है। चंडीगढ़ के मनीमाजरा, किशनगढ़ और आईटी पार्क में ये डीजल ऑटो धड़ल्ले से चल रहे हैं। वहीं मोहाली से चंडीगढ़ में डीजल ऑटो एंट्री कर रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस और एसटीए इन पर शिकंजा नहीं कस रहा है। इस कारण शहर में पॉल्यूशन का लेवल लगातार बढ़ रहा है।
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की ओर से सभी ऑटो के वेरीफिकेशन किए जा रहे हैं। अगर किसी ऑटो का वेरीफिकेशन नहीं पाया गया तो उसका ऑटो जब्त किया जाएगा। चंडीगढ़ में डीजल ऑटो अवैध हैं। अगर ऐसे ऑटो मिले तो हम इन पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
-राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेटरी, एसटीए।
ऑटो की बढ़ती संख्या
शहर में एलपीजी के 4500 रजिस्टर्ड आटो हैं। लेकिन चल रहे हैं 10 हजार। 5500 ऑटो हरियाणा और पंजाब के जिलों से आते हैं रोजाना। दो हजार ऑटो वाले बिना वर्दी चलाते हैं आटो। एक हजार से ज्यादा डीजल ऑटो हैं शहर में। बाहरी ऑटो की वेरीफिकेशन नहीं है। इस कारण अगर कोई दुर्घटना या वारदात हो जाए तो आरोपी ऑटो चालक को पुलिस कैसे तलाशेगी।
चंडीगढ़ शहर का बढ़ा पॉल्यूशन लेवल
शहर में पॉल्यूशन लेवल सेक्टर-17, इंडस्ट्रियल एरिया, इमटेक और कैंबवाला में आरएसपीएम सबसे अधिक है। इसका मुख्य कारण इन क्षेत्रों में अधिक ऑटो चलना है। यहां पर अभी तक आरएसपीएम लेवल बढ़ा हुआ है।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ में डीजल ऑटो चलाना अवैध है। चंडीगढ़ के मनीमाजरा, किशनगढ़ और आईटी पार्क में ये डीजल ऑटो धड़ल्ले से चल रहे हैं। वहीं मोहाली से चंडीगढ़ में डीजल ऑटो एंट्री कर रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस और एसटीए इन पर शिकंजा नहीं कस रहा है। इस कारण शहर में पॉल्यूशन का लेवल लगातार बढ़ रहा है।
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की ओर से सभी ऑटो के वेरीफिकेशन किए जा रहे हैं। अगर किसी ऑटो का वेरीफिकेशन नहीं पाया गया तो उसका ऑटो जब्त किया जाएगा। चंडीगढ़ में डीजल ऑटो अवैध हैं। अगर ऐसे ऑटो मिले तो हम इन पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
-राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेटरी, एसटीए।
ऑटो की बढ़ती संख्या
शहर में एलपीजी के 4500 रजिस्टर्ड आटो हैं। लेकिन चल रहे हैं 10 हजार। 5500 ऑटो हरियाणा और पंजाब के जिलों से आते हैं रोजाना। दो हजार ऑटो वाले बिना वर्दी चलाते हैं आटो। एक हजार से ज्यादा डीजल ऑटो हैं शहर में। बाहरी ऑटो की वेरीफिकेशन नहीं है। इस कारण अगर कोई दुर्घटना या वारदात हो जाए तो आरोपी ऑटो चालक को पुलिस कैसे तलाशेगी।
चंडीगढ़ शहर का बढ़ा पॉल्यूशन लेवल
शहर में पॉल्यूशन लेवल सेक्टर-17, इंडस्ट्रियल एरिया, इमटेक और कैंबवाला में आरएसपीएम सबसे अधिक है। इसका मुख्य कारण इन क्षेत्रों में अधिक ऑटो चलना है। यहां पर अभी तक आरएसपीएम लेवल बढ़ा हुआ है।