{"_id":"5cfccfd7bdec22070f680e9e","slug":"monsoon-in-kerala-45-degree-temperature-in-haryana-heat-waves-in-chandigarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मानसून ने केरल में दी दस्तक, हरियाणा में पारा हुआ 45 पार, जानिए कब तक मिलेगी गर्मी से राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसून ने केरल में दी दस्तक, हरियाणा में पारा हुआ 45 पार, जानिए कब तक मिलेगी गर्मी से राहत
Mon, 10 Jun 2019 06:57 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/रोहतक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/रोहतक
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 10 Jun 2019 06:57 AM IST
विज्ञापन
मानसून
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब एक सप्ताह की देरी के बाद मानसून ने आखिरकार शनिवार को केरल में दस्तक दे दी। अब हरियाणा और चंडीगढ़ में इसके आने का इंतजार है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि पूर्वानुमान के मुताबिक ही मानसून केरल पहुंच गया है और तटीय इलाकों में अच्छी बारिश शुरू हो गई।
करीब एक सप्ताह में मानसून केरल से होते हुए देश के अन्य हिस्सों के लिए रवाना हो जाएगा। हरियाणा में मानसून आठ दिन की देरी से छह जुलाई तक पहुंच सकता है। यदि समय से आता तो 29 जून तक प्रदेश में पहुंच जाता। वहीं, देश के अन्य हिस्सों में गर्मी का कहर जारी है। हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में पारा 45 डिग्री के पार चल रहा है।
दक्षिण पश्चिम मानसून ही उत्तर और मध्य भारत सहित देश के अधिकांश इलाकों में लगभग चार महीने चलने वाले बारिश के सीजन का वाहक माना जाता है। 2018 में मानसून ने पूर्वानुमान से तीन दिन पहले 29 मई को ही केरल पहुंच गया था। पिछले साल देश में सामान्य बारिश हुई थी।
विज्ञापन
इस साल मानसून ने 18 मई को ही दक्षिण अंडमान समुद्र पर दस्तक दे दी थी। लेकिन स्थितियां उसके केरल तक तेज पहुंचने के पक्ष में नहीं थीं। इस कारण पिछले महीने आईएमडी ने कहा था कि मानसून केरल में करीब छह दिनों की देरी से 6 जून को पहुंचेगा।
विज्ञापन
करीब एक सप्ताह में मानसून केरल से होते हुए देश के अन्य हिस्सों के लिए रवाना हो जाएगा। हरियाणा में मानसून आठ दिन की देरी से छह जुलाई तक पहुंच सकता है। यदि समय से आता तो 29 जून तक प्रदेश में पहुंच जाता। वहीं, देश के अन्य हिस्सों में गर्मी का कहर जारी है। हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में पारा 45 डिग्री के पार चल रहा है।
विज्ञापन
दक्षिण पश्चिम मानसून ही उत्तर और मध्य भारत सहित देश के अधिकांश इलाकों में लगभग चार महीने चलने वाले बारिश के सीजन का वाहक माना जाता है। 2018 में मानसून ने पूर्वानुमान से तीन दिन पहले 29 मई को ही केरल पहुंच गया था। पिछले साल देश में सामान्य बारिश हुई थी।
विज्ञापन
इस साल मानसून ने 18 मई को ही दक्षिण अंडमान समुद्र पर दस्तक दे दी थी। लेकिन स्थितियां उसके केरल तक तेज पहुंचने के पक्ष में नहीं थीं। इस कारण पिछले महीने आईएमडी ने कहा था कि मानसून केरल में करीब छह दिनों की देरी से 6 जून को पहुंचेगा।
प्रदेश में 11-12 को हल्की बारिश दिलाएगी तपिश से राहत
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण 11 और 12 जून को हरियाणा में कहीं-कहीं तेज हवाओं व गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आएगी।
प्री मानसूनी बारिश जून के तीसरे हफ्ते
हरियाणा में प्री मानसून जून के तीसरे सप्ताह और मानसून जुलाई के पहले सप्ताह में आने की संभावना है।
- मौसम विभाग, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार
केरल के कई जिलों में रेड अलर्ट, 96 फीसदी बारिश का अनुमान
केरल के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। 9, 10 और 11 जून को त्रिशूर, एर्नाकुलम, मलप्पुरम और कोझिकोड जिले में भारी बारिश हो सकती है। 2018 में भी केरल के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया था। उस साल केरल सदी की सबसे भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया था।
आईएमडी ने इस साल के लिए 96 फीसदी दीर्घकालिक औसत (एलपीए) बारिश की संभावना जताई है। यह सामान्य से थोड़ी कम है। वर्ष 1951 से लेकर 2000 तक देश में मानसून सीजन में कुल औसतन 89 सेंटीमीटर बारिश हुई है।
प्री मानसूनी बारिश जून के तीसरे हफ्ते
हरियाणा में प्री मानसून जून के तीसरे सप्ताह और मानसून जुलाई के पहले सप्ताह में आने की संभावना है।
- मौसम विभाग, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार
केरल के कई जिलों में रेड अलर्ट, 96 फीसदी बारिश का अनुमान
केरल के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। 9, 10 और 11 जून को त्रिशूर, एर्नाकुलम, मलप्पुरम और कोझिकोड जिले में भारी बारिश हो सकती है। 2018 में भी केरल के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया था। उस साल केरल सदी की सबसे भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया था।
आईएमडी ने इस साल के लिए 96 फीसदी दीर्घकालिक औसत (एलपीए) बारिश की संभावना जताई है। यह सामान्य से थोड़ी कम है। वर्ष 1951 से लेकर 2000 तक देश में मानसून सीजन में कुल औसतन 89 सेंटीमीटर बारिश हुई है।
दिल्ली में जुलाई के पहले सप्ताह में आएगा मानसून
आमतौर पर मानसून को केरल से दिल्ली पहुंचने में तकरीबन 25 से 26 दिन लगते हैं। आईएमडी के मुताबिक, इस साल उत्तर भारत में मानसून जून के अंतिम या जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंचेगा। दिल्ली में आमतौर पर मानसून 29 जून को दस्तक देता है, लेकिन इस बार इसके दो से तीन दिन की देरी से पहुंचने की संभावना है। हालांकि निजी एजेंसी स्काईमेट ने एक सप्ताह की देरी का अनुमान लगाया है। वहीं, उत्तर पश्चिम मानसून के सामान्य रहने के आसार हैं।
जून के पहले हफ्ते में 89 प्रतिशत कम बारिश
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली क्षेत्र में पिछले साल जून के पहले हफ्ते में सामान्य बारिश रिकॉर्ड हुई थी, लेकिन इस साल एक से आठ जून तक 89 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में सामान्य तौर पर छह एमएम बारिश होनी चाहिए, लेकिन केवल 0.7 एमएम बारिश हुई है।
जून के पहले हफ्ते में 89 प्रतिशत कम बारिश
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली क्षेत्र में पिछले साल जून के पहले हफ्ते में सामान्य बारिश रिकॉर्ड हुई थी, लेकिन इस साल एक से आठ जून तक 89 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में सामान्य तौर पर छह एमएम बारिश होनी चाहिए, लेकिन केवल 0.7 एमएम बारिश हुई है।