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मानसून नजदीक और हरियाणा-पंजाब में खुले में पड़ा है 148 लाख मीट्रिक टन गेहूं, भीगने का खतरा

Fri, 21 Jun 2019 10:59 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 21 Jun 2019 10:59 AM IST
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Monsoon Alert, Wheat Placed in Mandi Openly at Punjab and Haryana
मंडी में खुले में पड़ा गेहूं - फोटो : अमर उजाला
देश का पेट भरने में अपना अहम योगदान देने वाले राज्यों हरियाणा और पंजाब में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त गोदाम की व्यवस्था नहीं है। दोनों राज्यों में आज भी 148 लाख मीट्रिक टन गेहूं खुले में ही पड़ा है। हरियाणा में 53 लाख मीट्रिक टन और पंजाब में 95 लाख मीट्रिक टन गेहूं खुले में है। अगले हफ्ते बारिश के आसार हैं।
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इतना ही नहीं अगले 15 दिन तक दोनों राज्यों में मानसून भी पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। लिहाजा लाखों टन खुले में पड़े अनाज के लिए जल्द गोदामों की व्यवस्था नहीं हुई, तो इस अनाज का भीगना तय है। इसी को लेकर हरियाणा और पंजाब सरकार पूरी तरह से गंभीर है। हरियाणा सरकार जहां इसके लिए फिलहाल साइलो निर्माण की योजना पर काम कर रही है।
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वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे कवर्ड गोदाम बनाने की अनुमति देने के लिए पीएम से हस्तक्षेप करने की मांग की है। हरियाणा और पंजाब में अगर देखा जाए तो इस सीजन में गेहूं की फसल बंपर हुई है। हरियाणा में जहां इस बार 93.22 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक मंडियों में हुई, वहीं पंजाब में भी करीब 132 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पहुंचा।
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हरियाणा में फिलहाल कवर्ड गोदामों की क्षमता 88 लाख मीट्रिक टन की है और यह भी गोदाम पूरी तरह से फुल हैं। इन गोदामों में पिछला गेहूं और चावल भरा पड़ा है। इसके अलावा हरियाणा में इस बार जितने गेहूं की आवक हुई है, उसमें से कुछ गेहूं तो अनाज मंडियों में बने शेड के नीचे है। कुछ गेहूं कवर्ड गोदामों में पिछला गेहूं निकलने के बाद शिफ्ट हो जाएगा।

उसके बावजूद 55 लाख मीट्रिक  टन गेहूं को बाहर खुले में बने साइंसटिफिक प्लींथ पर तिरपालों में ढककर रखा जाएगा। मगर तेज बारिश और तूफान के आगे न तो ये तिरपाले टिक पाती हैं और न ही यह अनाज भीगने से बच पाता है। जिसके चलते इस अनाज में कीड़ा लग जाता है और यह सड़ जाता है।

उधर, पंजाब में इस वक्त कुल 280 लाख मीट्रिक टन में से 95 लाख मीट्रिक टन गेहूं खुले में साइंसटिफिक प्लींथ पर पड़ा है। हालांकि एफसीआई ने पंजाब में 21 लाख मीट्रिक टन की क्षमता के अतिरिक्त सायलो के निर्माण की मंजूरी दे दी है। मगर इनके निर्माण के लिए लंबा समय लगेगा और भंडारण की उचित जगह की कमी के चलते राज्य की खरीद एजेंसियों को आगामी सीजन के दौरान भी गेहूं खुले में रखने को मजबूर होना पड़ेगा। जिससे गेहूं के भीगने और सड़ने का खतरा बरकरार है।

पंजाब के सीएम ने पीएम को लिखा पत्र

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अनाज के भंडारण के लिए ढकी हुई जगह की कमी से निपटने के लिए राज्य में वैज्ञानिक रास्ते पर अनाज के भंडारण के लिए 20 लाख मीट्रिक टन के सामर्थ्य के कवर्ड गोदामों के निर्माण की आज्ञा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरूरी हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होेंने पीएम को लिखा कि भारत सरकार एफसीआई की 7 वर्षीय गारंटी के तहत 20 लाख मीट्रिक टन सामर्थ्य के ढके हुए गोदामों के निर्माण की आज्ञा देने के लिए भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय को निर्देश दे।

सीएम ने कहा कि वैज्ञानिक रास्ते पर गोदाम के निर्माण के लिए आमतौर पर तकरीबन 10 महीने लगते हैं और अगले रबी 2020-21 का सीजन शुरू होने के लिए अब सिर्फ 10 महीने ही बचे हैं। लिहाजा आगामी रबी सीजन तक वैज्ञानिक रास्ते पर भंडारण की उचित जगह की उपलब्धता यकीनी बनाने के लिए राज्य सरकार जद्दोजहद कर रही है।

हरियाणा में इस बार गेहूं की बंपर फसल हुई है। ऐसे में कई बार अनाज के भंडारण में थोड़ी दिक्कतें आ जाती हैं। फिर भी कोशिश की जा रही है कि अनाज को पूरी तरह से संरक्षित कर रखा जाए। दूसरा, प्रदेश में साइलो निर्माण के कार्य में भी हरियाणा सरकार पूरी तरह से गंभीर है।
- शेखर विद्यार्थी, निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग हरियाणा

सिरसा की मंडियों में पहुंचा सबसे ज्यादा गेहूं
हरियाणा में इस साल सबसे ज्यादा गेहूं सिरसा की मंडियों में पहुंचा। इस मंडी में 1280779 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। इसी तरह अंबाला की मंडियों में 341602, भिवानी में 296916, फरीदाबाद में 170773, फतेहाबाद में 786715, गुरुग्राम में 80260, हिसार में 591523, झज्जर में 189020, जींद में 814484, कैथल में 741880, करनाल में 981858, कुरुक्षेत्र में 635874, मेवात में 132987, नारनौल में 58847, पलवल में 558792, पंचकूला में 52226, पानीपत में 350556, रेवाड़ी में 75735, रोहतक में 299514, सोनीपत में 496403 व यमुनानगर की मंडियों में 368800 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा।
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