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अब दिल्ली ED देखेगी करोड़ों का मुकेश मित्तल मनी लॉन्डरिंग केस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 10 Jul 2016 08:42 PM IST
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करोड़ों के मनी लॉन्डरिंग केस में आरोपी एडवोकेट मुकेश मित्तल की जांच अब दिल्ली के प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) को सौंप दिया है। सूत्रों का कहना है कि मित्तल भी चाहते थे केस चंडीगढ़ ईडी से ट्रांस्फर हो जाए। ऐसा बताया जा रहा है हाल ही में वित्त मंत्री अरुण जेटली यहा आए हुए थे उससे मित्तल ने मुलाकात की और उसकेबाद केस दिल्ली ईडी को चला गया। एडवोकेट मित्तल इस केस के आईओ गोपेश बैद्यवाल पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनको बदलने की मांग की थी।
ऐसे में आईओ तो नही बदला गया लेकिन पूरा का पूरा केस ही यहां से उठा कर दिल्ली ईडी को दे दिया गया। ऐसे में देखा जाए तो कहीं न कहीं आरोपी मुकेश मित्तल की ही जीत हुई है। सूत्रों को कहना है कि अब मामले का नया आईओ फिर से पूरा केस स्टडी करेगा और फिर से पूरे केस पर दोबारा से जांच होगी। जिसमे की काफी समय लग जाएगा।
यह था मामला
एनआरआई तारा सिंह ने 22 जुलाई 2009 को विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी चंडीगढ़ सेक्टर-20 सी स्थित प्रॉपर्टी को फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए किसी को ट्रांसफर कर दिया गया। एफआईआर में चार आरोपियों को नामजद किया गया था। विजिलेंस ने मामले की जांच की तो इसमें कथित रूप से आरोपी मुकेश मित्तल का नाम सामने आया था।
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विजिलेंस को प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के इस मामले में एक बड़ी अमाउंट के ब्लैक किए जाने का पता चला था, जो करोड़ों में थी। मनी लॉन्डरिंग का मामला सामने आते ही जांच में ईडी को शामिल किया गया। ईडी की जांच में एक कंपनी का नाम सामने आया। कंपनी के डायरेक्टर में अजय सिंह का नाम था। जांच में पता चला कि अजय मुकेश मित्तल का टाइपिस्ट है।
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ऐसे में आईओ तो नही बदला गया लेकिन पूरा का पूरा केस ही यहां से उठा कर दिल्ली ईडी को दे दिया गया। ऐसे में देखा जाए तो कहीं न कहीं आरोपी मुकेश मित्तल की ही जीत हुई है। सूत्रों को कहना है कि अब मामले का नया आईओ फिर से पूरा केस स्टडी करेगा और फिर से पूरे केस पर दोबारा से जांच होगी। जिसमे की काफी समय लग जाएगा।
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यह था मामला
एनआरआई तारा सिंह ने 22 जुलाई 2009 को विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी चंडीगढ़ सेक्टर-20 सी स्थित प्रॉपर्टी को फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए किसी को ट्रांसफर कर दिया गया। एफआईआर में चार आरोपियों को नामजद किया गया था। विजिलेंस ने मामले की जांच की तो इसमें कथित रूप से आरोपी मुकेश मित्तल का नाम सामने आया था।
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विजिलेंस को प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के इस मामले में एक बड़ी अमाउंट के ब्लैक किए जाने का पता चला था, जो करोड़ों में थी। मनी लॉन्डरिंग का मामला सामने आते ही जांच में ईडी को शामिल किया गया। ईडी की जांच में एक कंपनी का नाम सामने आया। कंपनी के डायरेक्टर में अजय सिंह का नाम था। जांच में पता चला कि अजय मुकेश मित्तल का टाइपिस्ट है।