पठानकोट हमले को लेकर ये सच आया सामने, अदालत में इस ऑफिसर ने खोल दी पाक की पोल
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पठानकोट हमले को दो साल हो चुके हैं। लेकिन इस मामले में एक ऑफिसर ने उस दिन की पूरी दास्तां अदालत में बयां की। दरअसल बुधवार को मोहाली में स्थित एनआईए की स्पेशल अदालत में पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले की सुनाई हुई। इस दौरान एनआईए की स्पेशल अदालत में मामले के पहले गवाह के रूप में वारंट ऑफिसर एमएस रावत पेश हुए। इस दौरान उन्होंने अदालत के सामने पाकिस्तान की पोल खोलकर रख दी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों द्वारा एयरफोस स्टेशन पर हमला किया गया था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 12 और 13 दिसंबर को निश्चित की गई।
जानकारी के मुताबिक नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की तरफ से बुधवार को पहले अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में वारंट ऑफिसर एमएस रावत पेश हुए। उन्होंने बताया कि जब हमला हुआ था। उस समय वह मेस में ही मौजूद थे। उन्होंने आतंकियों को हमला करते हुए देखा था। उन्होंने सारी कहानी अदालत के समक्ष बयान की। दूसरी तरफ अगली पेशी पर अब एनआईए द्वारा आतंकियों से प्राप्त हुए सामान को अदालत में पेश किया जाएगा।
इसमें जिसके लिए अदालत की तरफ से अनुमति मिल गई है। एनआईए की तरफ से अदालत से अपील की गई थी कि केस की सुनवाई लगातार की जाए। ऐसे में उक्त केस की सुनवाई लगातार दो दिन चलेगी। पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकी दिसंबर 2015 में पाकिस्तान से भारत की सीमा में घुसे थे। 2 जनवरी, 2016 की सुबह साढ़े तीन बजे आतंकी असलहा और हथियारों से लैस होकर एयरबेस स्टेशन में दाखिल हुए थे।
इस हमले में एयरबेस के अंदर सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे, जबकि करीब 37 अन्य लोग घायल हो गए थे। हमला करने आए सभी आतंकी मारे गए थे। वहीं, इस मामले की जांच कर रही एनआईए को कई ऐसे प्रमाण मिले थे, जिससे यह बात साफ हो गई थी कि हमला करने वाले सभी आतंकी पाकिस्तान के थे।
वहीं, हमले के समय भी आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं व परिवार के संपर्क में थे। इसके अलावा जिस रास्ते से आतंकी आए थे वहां से एनआईए को पाकिस्तान में बने फूड पैकेट, एनर्जी ड्रिंक की खाली बोतलें व अन्य सामान बरामद हुआ था।
सलविंदर को नहीं मिली कार बेचने की अनुमति
एनआईए की अदालत ने एसपी सलविंदर सिंह की उस याचिका को भी खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी उस एसयूवी महिंद्रा स्कार्पियो कार को बेचने की अनुमति मांगी थी। इसे आतंकी उनसे छीनकर एयरफोर्स स्टेशन तक पहुंचे थे। हालांकि एनआईए की तरफ से इस चीज का विरोध किया गया था। क्योंकि यह केस में अहम चीज है।