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मोहाली पुलिस ने इंश्योरेंस के बावजूद विदाउट इंश्योरेंस का काटा चालान
ब्यूरो, अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:58 AM IST
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- फोटो : amar ujala file
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शहर की ट्रैफिक पुलिस किस तरह काम रही है। इसका अंदाजा इस बात से चलाया जा सकता है कि पुलिस मुलाजिम ने एक ऐसे व्यक्ति का विदाउट इंश्योरेंस का चालान काट दिया। जिसके पास बाइक के अन्य दस्तावेजों के साथ वैलिड इंश्योरेंस के दस्तावेज भी थे। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने इस संबंधी में उच्च अधिकारियों को शिकायत दी है। मामला ध्यान में आने के बाद अधिकारियों ने तुरंत चालान की फीस कम कर दी। व्यक्ति को आठ सौ रुपये की जगह सौ रुपये चुकाने पड़े। हालांकि ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक मोहाली निवासी नारंग ने बताया कि वह एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करता है। 2 अगस्त को वह फेज-9 से बाइक पर जा रहा था। जैसे ही वह फेज-7/8 की लाइट प्वाइंट पार करने लगे तो आगे ट्रैफिक पुलिस मुलाजिम खडे़ थे। उन्होंने उसे रोक लिया और बाइक के दस्तावेज चेक किए। सभी दस्तावेज देखने के बाद भी उन्होंने उसका विदाउट इंश्योरेंस का चालान काट दिया। जबकि उसने उन्हें इंश्योरेंस के वैलिड दस्तावेज दिखाए। इसके बाद वह 17 अगस्त को चालान भुगतने के लिए फेज-1 डीसी ऑफिस गए। वहां वह कतार में लग गए तो पता चला कि उसके चालान के लिए 800 रुपये की पेमेंट देनी होगी। जिसके बाद वह लाइन से हटकर साथ ही एसएसपी की बिल्डिग में चला गया।
वहां पर उसने एसपी ट्रैफिक को सारी बात बताई। नारंग ने बताया एसपी ने उसकी बात सुनने के बाद उस पुलिसकर्मी को फोन मिलाने को कहा, जिसने उसका चालान काटा था। इसके बाद पता चला कि संबंधित पुलिसकर्मी छुट्टी पर है। इसके बाद एसपी ने उसे सौ रुपये जमा कराने के आदेश दिए।
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जानकारी के मुताबिक मोहाली निवासी नारंग ने बताया कि वह एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करता है। 2 अगस्त को वह फेज-9 से बाइक पर जा रहा था। जैसे ही वह फेज-7/8 की लाइट प्वाइंट पार करने लगे तो आगे ट्रैफिक पुलिस मुलाजिम खडे़ थे। उन्होंने उसे रोक लिया और बाइक के दस्तावेज चेक किए। सभी दस्तावेज देखने के बाद भी उन्होंने उसका विदाउट इंश्योरेंस का चालान काट दिया। जबकि उसने उन्हें इंश्योरेंस के वैलिड दस्तावेज दिखाए। इसके बाद वह 17 अगस्त को चालान भुगतने के लिए फेज-1 डीसी ऑफिस गए। वहां वह कतार में लग गए तो पता चला कि उसके चालान के लिए 800 रुपये की पेमेंट देनी होगी। जिसके बाद वह लाइन से हटकर साथ ही एसएसपी की बिल्डिग में चला गया।
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वहां पर उसने एसपी ट्रैफिक को सारी बात बताई। नारंग ने बताया एसपी ने उसकी बात सुनने के बाद उस पुलिसकर्मी को फोन मिलाने को कहा, जिसने उसका चालान काटा था। इसके बाद पता चला कि संबंधित पुलिसकर्मी छुट्टी पर है। इसके बाद एसपी ने उसे सौ रुपये जमा कराने के आदेश दिए।
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