जमीन चंडीगढ़ की, मोहाली ने की कब्जाने की कोशिश, पक्की पार्किंग बनाई
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मोहाली नगर निगम ने चंडीगढ़ प्रशासन की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है। शहर के सेक्टर-63 में ग्रीन बेल्ट की खाली पड़ी जगह को मोहाली ने अपना बताकर पक्की पार्किंग बनाने के लिए निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया। जानकारी मिलने पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने डीसी ऑफिस को शिकायत भेजी। इसके बाद वहां पर पुलिस पहुंची और निर्माण कार्य रुकवाया। अब स्थल पर पुलिस तैनात है।
इस सीमा विवाद को लेकर अब मोहाली और चंडीगढ़ के अधिकारी भी आमने-सामने आ गए हैं। इस मामले को लेकर बीते दिनों मोहाली और चंडीगढ़ के डीसी की अध्यक्षता में सभी अधिकारियों की बैठक हुई है। बैठक में चंडीगढ़ की तरफ से कहा गया कि मोहाली जिस जमीन पर पार्किंग बना रहा है, वह जमीन चंडीगढ़ प्रशासन की है।
सेक्टर-63 में हाउसिंग बोर्ड की तरफ से बनाए गए फ्लैट्स में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने ग्रीन बेल्ट की जमीन अलॉट की थी, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से वहां पार्क नहीं बनाया जा सका, इसलिए काफी समय से वह जमीन खाली पड़ी थी। इस बैठक में मोहाली और चंडीगढ़ के डीसी के अलावा चीफ इंजीनियर, सभी एसडीएम व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे थे।
मोहाली के अधिकारी नहीं हुए संतुष्ट, होगा सीमांकन
चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों की दलील से मोहाली के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उस पूरे क्षेत्र का चंडीगढ़ और मोहाली के राजस्व अधिकारी सीमांकन करेंगे, जिससे यह साफ हो जाएगा कि वह जमीन किसकी है।
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने इस वाकये के बाद यूटी के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद को एक पत्र लिखकर बताया है कि चंडीगढ़ और मोहाली के बार्डर पर कई जगह मोहाली की तरफ से अतिक्रमण करने की कोशिश की जा रही है। इसे तत्काल रोकने की जरूरत है।
मोहाली ने दीवार खड़ी कर निर्माण कार्य कर दिया था शुरू
मोहाली नगर निगम की तरफ से यह निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। वहां पर एक दीवार खड़ी कर उस जमीन को चंडीगढ़ से अलग करने की कोशिश की गई और फिर वहां पर सीमेंट, ईंट और बजरी गिराकर पक्की पार्किंग बनाने का काम शुरू कर दिया गया।
सेक्टर-63 के फ्लैट्स में रहने वाले लोगों की तरफ से ही पहले चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को शिकायत भेजी गई थी, जिसके आधार पर डीसी ने पुलिस टीम भेजी और फिर निर्माण कार्य को रुकवाया गया है।