बहिबल गोलीकांडः पूर्व एसएसपी से तीन घंटे पूछताछ, एसआईटी ने पूछा- किसने दिए गोली चलाने के आदेश
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बहिबल कलां गोलीकांड में मोगा के पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा को रविवार रात फरीदकोट में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करके आठ दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान उसे थाना सदर में रखा गया है जहां पर सोमवार दोपहर एसआईटी प्रमुख व एडीजीपी प्रबोध कुमार की अगुवाई में उससे तीन घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, चरणजीत से पूछा गया कि आखिर किसके आदेश पर पुलिस ने गोली चलाई।
पूछताछ के बाद एसआईटी प्रमुख और एडीजीपी प्रबोध कुमार ने कहा कि कानून के तहत ही चरणजीत सिंह से बहिबल गोलीकांड के संदर्भ में सवाल पूछे गए हैं। पूछताछ की प्रक्रिया में एसआईटी के बाकी चार सदस्य आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह, आईजी अरुणपाल सिंह, एसएसपी कपूरथला सतिंदरपाल सिंह और कमांडेंट भूपिंदर सिंह भी शामिल हुए।
गोली लगने से घायल हुए दो लोगों ने दर्ज कराए बयान
उधर बहिबल कलां गोलीकांड से संबंधित गवाहों के बयान दर्ज करने का काम भी तेज कर दिया है। गोली लगने से घायल होने वाले गांव बहिबल कलां निवासी बेअंत सिंह और अंगरेज सिंह ने सोमवार को एसआईटी के कैंप ऑफिस पहुंच कर अपने बयान दर्ज करवाए। गौरतलब है कि बहिबल कलां गोलीकांड में दो युवकों किशन भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हो गए थे। बेअंत सिंह की जांघ और अंगरेज सिंह की बाजू पर गोली लगी थी।
अग्रिम जमानत को अदालत पहुंचे दो पुलिस अधिकारी
बहिबल कलां गोलीकांड के मामले में मोगा के पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा की गिरफ्तारी के बाद इस केस में नामजद बाकी तीन पुलिस अधिकारियों में से तत्कालीन एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह और एसएसपी मोगा के रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने सोमवार को अग्रिम जमानत के लिए स्थानीय जिला व सेशन जज की अदालत में याचिकाएं दायर की है। इन याचिकाओं पर जिला अदालत ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया है और मामले की सुनवाई 30 जनवरी को होगी।
बहिबल कलां गोलीकांड मामले में थाना बाजाखाना में घटना के सात दिन बाद 21 अक्तूबर 2015 को अज्ञात पुलिस पार्टी पर हत्या का केस दर्ज किया गया था। इस केस में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पिछले साल 21 अगस्त 2018 को चार पुलिस अधिकारियों तत्कालीन एसएसपी मोगा चरणजीत सिंह शर्मा, उसके रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, फाजिल्का के एसपी बिक्रमजीत सिंह और थाना बाजाखाना प्रभारी एसआई अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया था।
चार दिन पहले इन अधिकारियों की हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद एसआईटी ने इनमें से तीन को 29 जनवरी 2019 को पूछताछ के लिए चंडीगढ़ बुलाया था लेकिन उससे पहले ही चरणजीत के विदेश भागने की आशंका के चलते रविवार को एसआईटी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद केस में बाकी नामजद पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है।
गुरमीत सिंह को भी प्रोडक्शन वारंट पर ला सकती है एसआईटी
बहिबल कलां में हुए गोलीकांड और बेअदबी की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ज्ञानी गुरबचन सिंह से पूछताछ कर सकती है कि गुरमीत सिंह को माफी देने के लिए उन पर किसका दबाव था। एसएसपी चरणजीत शर्मा के साथ की जा रही पूछताछ में एसआईटी को जो भी जानकारी मिलेगी उसके आधार पर बेअदबी कांड के साथ जुड़े कई पुलिस व धार्मिक नेताओं के साथ साथ बड़े नेताओं पर गाज गिरने की संभावना है।