फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mobile Food Testing Laboratory: mostly investigations of milk failed in Testing

सावधान! कहीं आप भी तो नहीं पी रहे मिलावटी दूध, करवाएं जांच

Fri, 29 Apr 2016 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 29 Apr 2016 02:03 AM IST
विज्ञापन
Mobile Food Testing Laboratory: mostly investigations of milk failed in Testing
फूड जांच के स्पेशल वाहन को हरी झंडी दिखाते गवर्नर - फोटो : amar ujala

मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी में एक महीने में जांच के लिए आए 70 से ज्यादा सैंपल दूध में से अधिकतर फेल हो गए। मोबाइल लैबोरेटरी में लगभग एक महीने के भीतर कुल 111 सैंपल जांच के लिए आए थे। इनमें 70 से ज्यादा सैंपल दूध के।

विज्ञापन


फेल सैंपलों में पानी की मिलावट मिली जबकि बाकी सैंपल तेल, हल्दी और दाल के थे। इनमें से तेल व हल्दी के सैंपल भी फेल मिले हैं। एक अप्रैल को चंडीगढ़ के प्रशासक व हरियाणा-पंजाब के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी ने हरी झंडी देकर मोबाइल फूड लैब को रवाना किया था। उसके बाद 90 लोग टेस्ट करवा चुके हैं। इनमें कुछ लोगों ने एक से ज्यादा सैंपल टेस्ट करवाए थे।
विज्ञापन


अब यूरिया और कास्टिंग सोडा भी हो सकेगा टेस्ट 
मोबाइल फूल टेस्टिंग लैबोटेटरी में जल्द ही दूध की एक नई मशीन और इंस्टाल हो जाएगी। इससे दूध में मिले यूरिया, डिटरजेंट, अमोनिया सल्फेट, साल्ट, हाइड्रोजन, कास्टिंग सोडा, प्रोटीन और फैट की जांच हो सकेगी। यह मशीन केंद्र सरकार की ओर से डिपार्टमेंट को दी गई है। पूरे देश से सिर्फ तीन सेंटरों को चुना गया था। इनमें चंडीगढ़ के अलावा यूपी और दिल्ली शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिस्पांस थोड़ा कम, विभाग बदलेगा रणनीति
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी की लांचिंग के दौरान जो रणनीति बनाई गई थी, उसके मुताबिक थोड़ा कम रिस्पांस मिला है। उन्हें उम्मीद थी कि रोजाना कम से कम 15-20 लोग आएंगे, लेकिन अभी इतने लोग नहीं आ रहे हैं। विभाग योजना बना रहा है कि फूड लैब को सेक्टरों में भी खड़ा किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिल सके। मौजूदा समय में यह लैब सोमवार को सेक्टर 22 के अस्पताल में, मंगलवार को सेक्टर 8 की डिस्पेंसरी में, बुधवार को सेक्टर 40 की डिस्पेंसरी में, वीरवार को सेक्टर 45 के अस्पताल व शुक्रवार को मनीमाजरा के सिविल अस्पताल में खड़ी होती है।

लोग बोले, प्रशासन का बेहतरीन प्रयास
बीजेपी फार्मासेल के प्रेसिडेंट प्रिंस भुंढेला ने बताया कि प्रशासन की ओर से शुरू की गई मोबाइल फूड लैब एक बढ़िया प्रयास है। लोगों को मिलावट के बारे में पता चल रहा है। इससे वे जागरूक हो रहे हैं। स्वराज अभियान के गुरजसजीत ने बताया कि प्रशासन की ओर से बढ़िया कदम है, लेकिन जांच के रेट थोड़े कम होने चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग फायदा उठा सकें।


इन खाद्य पदार्थों की होती है जांच
खाद्य पदार्थ          मिलावट 
दूध : स्टार्च, ग्लूकोज, फार्मालीन, फैट, सालिड और पानी
खोया : स्टार्च
पनीर :स्टार्च
घी:वनस्पति
मक्खन :  वनस्पति
आयल :  मिनरल आयल और रोमन आयल
सेलराइस : रंग
दाल : पीला कलर और चमक
हल्दी :  कलर
हींग  :  स्टार्च

आप भी करवा सकते हैं टेस्ट
मोबाइल फूड लैब से आप भी खाद्य पदार्थ की जांच करवा सकते हैं। लोगों को सिर्फ तय जगह पर खड़ी लैब के पास जाना चाहिए और अपना सामान टेस्ट करवा सकते हैं। लैब में मोहाली व पंचकूला के स्थानीय लोग भी खाद्य पदार्थों की जांच करवा रहे हैं। इसके लिए लोगों को सिर्फ 30 रुपये देने होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed