मोबाइल एप से लोन: कंपनियां ब्लैकमेल कर वसूल रहीं ज्यादा पैसा, बिना दस्तावेज सत्यापन के लालच में फंस रहे लोग
कंपनी की शर्तों के अनुसार लोन लेने वाले शख्स ने एक भी किश्त चुकाने में देरी की तो जुर्माने के नाम पर ब्याज पर भी चक्रवर्ती ब्याज लगाकर वसूला जाता है। कुछ मामलों में लोन देने के कुछ दिन बाद से ही ब्याज की मांग की जाने लगती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिना केवाईसी और दस्तावेज सत्यापन के नाम पर लोन देने वाली मोबाइल एप कंपनियां कोरोना काल के बाद एक बार फिर फलने फूलने लगी हैं। यह पहले तो सोशल मीडिया और एसएमएस के माध्यम से लोगों को बिना गारंटी के तत्काल लोन के लुभावने ऑफर देते हैं और जैसे ही लोग कंपनी का एप डाउनलोड करते हैं तो सॉफ्टवेयर मोबाइल से फोन नंबर, मैसेज और गैलरी में जाने की स्वीकृति भी ले लेता है। कंपनी के झांसे में आने के बाद उसके ओर से दी गई रकम से कई गुना अधिक पैसे वसूलते हैं। ऐसा न करने पर उसके संपर्क के लोगों को उसके खिलाफ मैसेज भेजने और उसका डाटा लीक करने की धमकी देते हैं।
कंपनी की शर्तों के अनुसार लोन लेने वाले शख्स ने एक भी किश्त चुकाने में देरी की तो जुर्माने के नाम पर ब्याज पर भी चक्रवर्ती ब्याज लगाकर वसूला जाता है। कुछ मामलों में लोन देने के कुछ दिन बाद से ही ब्याज की मांग की जाने लगती है। इस तरह के मामलों में अधिकतर लोगों को धमकाया जाता है। शहर में अब तक ऐसे लगभग 70 मामले सामने आए हैं जिनमें लोन देने के बाद कंपनी फोन कर लोगों को ब्लैकमेल कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों की संख्या बढ़ रही है ऐसे में सिर्फ सावधानी ही बचाव है। लोगों के इस तरह के प्रलोभनों से दूर रहना चाहिए।
इस कारण फंस जाते हैं लोग
इस तरह के मामलों में जरूरतमंद लोग सिर्फ इस कारण से फंस जाते हैं कि यहां उन्हें कोई कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती। कुछ ही समय में उनका लोन मंजूर हो जाता है। वहीं बैंक से लोन लेने के लिए कई तरह के दस्तावेज सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
इस तरह बुना जाता है पूरा जाल
- व्यक्ति तुरंत लोन पाने के लालच में इस तरह के अविश्वसनीय एप अपने फोन में डाउनलोड कर लेता है।
- एप पर पंजीकरण करते समय यूजर से उसके फोन के कांटेक्ट, गैलरी, लोकेशन आदि की एक्सेस मांगी जाती है जिसे लोग दे देते हैं ।
- एक्सेस मिलने के बाद यूजर के फोन में बिना उसकी जानकारी के कोई सॉफ्टवेयर डालकर उसका पूरा निजी डाटा चुरा लिया जाता है।
- लोन देने के बाद उस पर मनमाना ब्याज वसूलते हैं। यूजर के मना करने पर उसके आपत्तिजनक फोटो बनाकर उसके दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजकर उसे ब्लैकमेल करते हैं।
देश में चल रहे हैं हजारों लोन एप
आरबीआई ने इस तरह के मामले संज्ञान में आने पर एक जांच करवाई, जिसमें पाया गया कि देशभर में लगभग 1050 ऐसे लोन एप चल रहे हैं जिसमें से अधिकतर एप चीन से संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से 600 एप ऐसे हैं जो अवैध तरीके से चल रहे हैं। शेष की कागजी जानकारी अधूरी है और सिर्फ 90 ही ऐसे एप हैं जिनका एड्रेस उपलब्ध है।
केस 1
सेक्टर-53 निवासी राजबाला ने एप के माध्यम से लगभग 50 हजार रुपये का लोन लिया था। कोरोना काल में लिए इस लोन की हर किश्त वह समय से चुका रहीं थी। इस बीच एक किश्त को जमा करने में दस दिन की देरी हो गई। लोन चुका देने के कुछ महीने बाद कंपनी से फिर से लोन देने के लिए फोन आने लगे। राजबाला के लोन लेने से मना करने पर उनसे दस दिनों की पैनल्टी की मांग की जाने लगी। जब राजबाला ने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाया जाने लगा।
केस 2
कजहेड़ी निवासी रोहित ने लोन एप के माध्यम से 800 रुपये का लोन लिया था। लोन मिलने के तीसरे दिन से ही उसके पास ब्याज मांगने के लिए फोन आने लगा। जब उसने कहा कि तीन दिन बाद किस चीज का ब्याज मांगा जा रहा है तो कंपनी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद रोहित ने इसकी शिकायत पुलिस को दी।
थोडे़ से लालच के कारण लोग इस तरह के मामलों में फंस जाते हैं। इस तरह लोन देने वाली कंपनियों के झांसे में न आएं। ध्यान रखें बैंक कभी किसी तरह की निजी जानकारी आपसे नहीं मांगेगी। - महेश सेकड़ी, सेवानिवृत सीनियर मैनेजर, पंजाब एंड सिंध बैंक