प्रश्नकाल में मंत्री का जवाब : 52 हजार करोड़ के एमओयू हुए साइन, 25 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर कार्य जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब विधानसभा में बुधवार को उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने बताया कि मार्च 2017 के बाद राज्य सरकार ने करीब 52,289 करोड़ रुपये के 300 एमओयू साइन किए हैं। इनमें से करीब 25000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों में प्रोडक्शन या निर्माण कार्य चल रहे हैं।
अरोड़ा ने यह जानकारी प्रश्नकाल के दौरान अकाली विधायक एनके शर्मा के उस सवाल के जवाब में दी, जिसमें पूछा गया था कि मार्च 2017 के बाद आईएसबी इंडस्ट्री प्रोमोशन के दौरान राज्य सरकार ने कितने एमओयू साइन किए हैं और उद्योगपतियों द्वारा कुल कितना निवेश किया गया है। अरोड़ा ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले दो साल से एमओयू साइन करने बंद कर दिए हैं। चार साल के दौरान राज्य सरकार ने 71,555 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के 1779 आवेदन प्राप्त किए हैं।
615789 प्रवासी मजदूरों को भेजा घर
अकाली दल के पवन कुमार टीनू द्वारा कोविड-19 महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों के बारे में पूछे सवाल पर राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से 615789 प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजा गया। इस कार्य के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड में से 32,86,79,921 रुपये की राशि का उपयोग जिला उपायुक्तों के मार्फत किया गया।
गुरदासपुर-मुकेरियां अंडरब्रिज के निर्माण में देरी
गुरदासपुर-मुकेरियां रोड पर रेलवे अंडरब्रिज का काम कब तक शुरू होगा, इस बारे में विधायक बरिंदरजीत सिंह पाहड़ा द्वारा किए गए सवाल के जवाब में लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि इसके रेलवे के हिस्से का काम रेलवे द्वारा ही किया जाना है। इसके लिए रेलवे ने टेंडर जारी कर दिया है। ब्रिज की अपरोच के निमार्ण का काम पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जाना है, इसलिए रेलवे के टेंडर का काम पूरा होते ही पीडब्ल्यूडी की ओर से टेंडर जारी किया जाएगा। उन्होंने माना कि गुरदासपुर-मुकेरियां रोड पर बहुत यातायात है लेकिन फिलहाल इसको चौड़ा करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
बिल्डरों के कालोनियां काटकर फरार होने का मामला उठा
पंजाब विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सूबे में ऐसे बिल्डरों का मुद्दा भी उठा जो कालोनियां काटकर फरार हो जाते हैं। विधायक कंवर संधू ने यह मामला उठाते हुए खरड़ की एक कालोनी की हाउस बिल्डिंग सोसायटी में आ रही दिक्कतों का जिक्र किया। मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने सदन में कहा कि ऐसी कालोनियों के काम करने का जिम्मा बिल्डरों का ही होता है। इसी दौरान मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि यह देखने में आया है कि बिल्डर कालोनियां काटकर चले जाते हैं और उसके बाद परेशानी सरकार के लिए खड़ी हो जाती है। ऐसे मामले रोकने के लिए कोई स्कीम बनाने की सख्त जरूरत है।
फोन पर बात करने पर विधायक को फटकार
पंजाब विधानसभा में बुधवार को विधायक कुलदीप सिंह वैद्य को उस समय स्पीकर की कड़ी फटकार झेलनी पड़ी जब वे सदन में अपने मोबाइल फोन पर लगातार बात करते दिखाई दिए। आखिरकार उन्हें स्पीकर से माफी मांगनी पड़ी। प्रश्नकाल के दौरान विधायक कुलदीप वैद्य ने एक प्रश्न लगाया हुआ था। स्पीकर ने जैसे ही प्रश्न के लिए उनका नाम पुकारा तो वैद्य अपने मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। उन्होंने दोबारा वैद्य का नाम पुकारा लेकिन वे बातें करने में मसरूफ रहे। इस पर स्पीकर राणा केपी सिंह को गुस्सा आ गया। उन्होंने सदन के नियमों का उल्लंघन करने के लिए उन्हें फटकार लगाई। आखिरकार दोबारा ऐसी गलती न करने की बात कहते हुए वैद्य ने स्पीकर से माफी मांगी।