बैंस ने ‘साडा पानी, साडा हक’ आंदोलन किया शुरू, राजस्थान से 16 लाख करोड़ की वसूली की कही बात
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लोक इंसाफ पार्टी सुप्रीमो सिमरजीत सिंह बैंस ने अब सूबे के ‘जल’ के लिए जन आंदोलन खड़ा करने की शुरुआत कर दी है। कपूरथला से सोमवार को ‘साडा पानी, साडा हक’ का आगाज करने के बाद सिमरजीत सिंह बैंस ने पूर्ववर्ती अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकार पर मुफ्त में राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा को नहरी पानी देने के आरोप जड़े।
बैंस ने कहा कि दूसरे सूबे को पानी देने पर पंजाब कानूनी तौर पर कीमत वसूल सकता है। आजादी के बाद से राजस्थान पर पानी की 16 लाख करोड़ रुपये की देनदारी है। सरकारों ने कभी भी वसूली के लिए बिल नहीं भेजा है। केवल सियासत ही की।
बैंस ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि जब वह पहली बार विधायक बने तो दो बार पानी की कीमत वसूलने का प्रस्ताव पंजाब विधानसभा में लेकर गए लेकिन हर बार उन्हें पंजाब सरकार की धक्केशाही का शिकार होना पड़ा लेकिन वह अपने प्रस्ताव पर अडिग रहे। जिसके आगे झुकते हुए 16 नवंर 2016 में सरकार को पानी की कीमत वसूलने का प्रस्ताव विधानसभा में मजबूरन पास करना पड़ा।
उसके बाद छह माह तक अकाली-भाजपा सरकार और अब ढाई साल से कांग्रेस शासित पंजाब सरकार ने राजस्थान सरकार को 16 लाख करोड़ रुपये की वसूली के लिए बिल नहीं भेजा। इसके बाद उन्हें इस वसूली के लिए इस जल आंदोलन की शुरुआत करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि राजस्थान को सबसे ज्यादा 11.2 एमएफए और दिल्ली को .04 एमएफए पानी पंजाब दे रहा है।
हरियाणा और दिल्ली को दिए गए पानी की कीमत का आंकड़ा अभी नहीं आया है। इस आंदोलन के तहत पहले 10 दिन वह सूबे का दौरा करेंगे और दो माह में 21 लाख लोगों के हस्ताक्षर करवाकर पंजाब विधानसभा की पिटीशन कमेटी में केस दायर करेंगे।
हमारे पानी से खुशहाल हो गया राजस्थान
बैंस ने आरोप लगाया कि सूबे के पानी से राजस्थान तो आबाद और खुशहाल हो गया लेकिन पंजाब कंगाली और बंजर बनने की ओर बढ़ गया है। पूरी दुनिया में पंजाब का पानी सबसे बढ़िया है। पांच दरियाओं की धरती अब ढाई रह गई है। यह सब सियासतदानों की बदौलत हुआ है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के सीएम ने दिल्ली को कीमत न अदा करने पर पानी बंद करने की बात कही, जिसके बाद दिल्ली ने पार्ट पेमेंट शुरू कर दिया तो पंजाब क्यों नहीं वसूल रहा। अगर राजस्थान में मार्बल, बिहार-झारखंड का कच्चा लोहा, मध्यप्रदेश की सागवान लकड़ी और अरब देशों का पेट्रोल-डीजल मुफ्त नहीं तो पंजाब का पानी फ्री क्यों?
तो हर पंजाबी हो जाएगा दुबई के शेखों से भी अमीर
बैंस ने कहा कि 16 लाख करोड़ रुपये का अपना खजाना छोड़कर कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्र सरकार के पास पैकेज के लिए झोली फैलाने क्यों जाते हैं। सीएम कैप्टन इस 16 लाख करोड़ की वसूली कर लें तो पंजाब के किसानों का एक लाख करोड़ और सूबे पर तीन लाख करोड़ का कर्ज चुकाने के बाद 12 लाख करोड़ से इतना ब्याज आएगा कि सूबे के हुनर को विदेशों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
हर पंजाबी दुबई के शेखों से अमीर हो जाएगा। व्यापार इंडस्ट्री के लिए पंजाब टैक्स मुक्त हो सकेगा। बुढ़ापा-विधवा पेंशन 10 हजार रुपये दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पानी की कीमत नहीं वसूल सकती तो राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा को पानी बंद करके पंजाब के किसानों देना शुरू करे।
इस मौके पर दोआबा प्रधान व एससी विंग प्रधान जरनैल नंगल, प्रदेश महासचिव जसविंदर सिंह भल्ला, जिला प्रधान दलजीत सिंह दूलोवाल, गुरशरण सिंह कपूर, अमरजीत सिंह गरेवाल, दरबारा सिंह, तरसेम सिंह, गुरमीत सिंह गोल्डी मौजूद थे।