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अभय चौटाला व रामपाल सुबूत दें या माफी मांगें, नहीं तो मानहानि का दावा करुंगाः जयप्रकाश

Sun, 10 Feb 2019 09:24 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 10 Feb 2019 09:24 AM IST
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MLA Jayprakash held a press conference at his residence
कलायत से विधायक जयप्रकाश

कलायत से विधायक जयप्रकाश ने कहा कि अभय चौटाला व रामपाल माजरा ने पिछले लोकसभा चुनाव को लेकर जो आरोप लगाए हैं, या तो इसके सुबूत दें या फिर उनसे माफी मांगें। अन्यथा वे उन पर केस दायर करेंगे।

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सेक्टर 18 में अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में जयप्रकाश अभय चौटाला के उन आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें अभय चौटाला ने आरोप लगाया था कि पिछले लोकसभा चुनाव में दुष्यंत चौटाला की मदद की थी और बाद में दुष्यंत ने विधानसभा चुनाव में इनेलो प्रत्याशी माजरा की बजाए उनकी (जयप्रकाश की) मदद की थी। यदि ऐसा था तो रामपाल माजरा ने उसी समय विरोध क्यों नहीं किया। 
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जेपी ने कहा कि माजरा को 2009 की बात याद रखनी चाहिए, जब चर्चाएं थीं कि जेपी ने माजरा को वोट दिलवाए हैं। वे तब क्यों नहीं बोले? जींद उप-चुनाव में रणदीप सुरजेवाला की हार का उन्हें दुख है। वहां सुरजेवाला नहीं बल्कि कांग्रेस प्रत्याशी की हार हुई है। सुरजेवाला के पार्टी के ही नेताओं पर भितरघात के आरोप पर उन्होंने कहा कि भितरघात के आरोप वे किस पर लगा रहे हैं, वे इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते, क्योंकि उनके पास इस बारे में कोई फोन नहीं आया है। लेकिन उनकी रणदीप के साथ कोई गलतफहमी नहीं है। 
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कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें बुलाकर पहले चुनाव लड़ने को कहा था। लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद उनके बेटे विकास को जरूर चुनाव लड़वाने की बात हुई थी। जेपी ने कहा कि वे कलायत हलके को नहीं छोड़ेंगे। हां यदि कोई मनपसंद पार्टी लोकसभा का टिकट देती है तो वे कुरुक्षेत्र या सोनीपत से चुनाव लड़ सकते हैं। 


जेपी ने कहा कि वर्तमान राजनीति में हर पार्टी में टिकट के इतने दावेदार हो गए हैं कि एक को मिलने के बाद बाकी दावेदार उनके कांधिए (मृतक को श्मशान ले जाने वाले परिजन) का फर्ज अदा करते हैं। जो राजनीति में नैतिकता का पतन है। उन्होंने निर्दलीय विधायक होते हुए कलायत में महिला कॉलेज सहित सैकड़ों करोड़ के विकास कार्य करवाए हैं। चौटाला परिवार को घर की लड़ाई घर में सुलझानी चाहिए। दूसरों को इसमें क्यों घसीटा जा रहा है।

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