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Hindi News ›   Chandigarh ›   Missing girls from the hostel at night, officials reported

रात को हॉस्टल से छात्राएं गायब, अफसरों को खबर नहीं

Mon, 22 Sep 2014 12:18 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र Updated Mon, 22 Sep 2014 12:18 AM IST
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गर्ल्स हॉस्टल में सुरक्षा प्रबंध और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने के दावे दर्जनों छात्राओं ने हवा कर दिए। हॉस्टल से गायब 15 छात्राएं केयू कैंपस में बने धरोहर संग्रहालय में 23 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में प्रतिभागिता की तैयारी में व्यस्त थी।
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यह अच्छी बात है कि छात्राएं अपनी लगन और मेहनत से किसी कार्यक्रम की सफलता के लिए पसीना बहा रही हैं। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि रात पौने नौ बजे तक छात्राएं हॉस्टल में नहीं, बल्कि धरोहर में हैं और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं।
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काफी समय बाद सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे। दूसरी ओर इस घटना से यह भी पता चला कि हॉस्टल प्रशासन ने विद्यार्थियों को कमरे तो अलॉट कर दिए, लेकिन उन्हें हॉस्टल के नियमों से अवगत कराना भूल गया।
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यही कारण है कि ये लड़कियां बिना अनुमति लिए ही हॉस्टल से बाहर गईं और कार्यक्रम की तैयारी में जुट गईं। भनक लगते ही डिप्टी सीएसओ मनोज मिश्रा धरोहर पहुंचे।

इसके बाद गर्ल्स चीफ वार्डन आशू सौकिन भी वहां पहुंच गईं। हालांकि उन्होंने छात्राओं को समझाने का प्रयास करते हुए फटकार लगाकर लगाई लेकिन इसमें वार्डन की लापरवाही उन्हें नजर नहीं आई। सारे घटनाक्रम के बाद छात्राओं को वापस हॉस्टल पहुंचाया गया और फिर मामला निपटा।

शनिवार देर शाम की है घटना
यह घटना शनिवार देर शाम की है। कक्षाएं लगाने के बाद छात्राएं हॉस्टल से धरोहर पहुंच गई। इस बारे में उन्होंने अधिकारियों से अनुमति नहीं ली।

नियमानुसार शाम सात बजे के बाद गर्ल्स हॉस्टल में एंट्री बैन है और इस समय तक छात्राएं हॉस्टल पहुंच जाती हैं। लेकिन इन छात्राओं के बाहर रहने की सूचना भी अधिकारी के पास नहीं थी।


नए बच्चे हैं, अभी नियमों का पता नहीं : चीफ वार्डन

गर्ल्स चीफ वार्डन आशू सौकिन ने बिना अनुमति के छात्राओं द्वारा बाहर रुकने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि ये बच्चे अभी हॉस्टल में नए हैं।

इन्हें अभी नियमों का पता नहीं। बच्चों को हॉस्टल के नियमों की जानकारी देते हुए भविष्य में ऐसी गलती न करने के लिए समझाया जाएगा।

अफसरों की ढील पड़ सकती है भारी
हॉस्टल में गर्ल्स को अधिकारियों ने अभी तक नियम तक नहीं बताए हैं। जब तक बच्चों को नियम नहीं पता होंगे वह उसे फॉलो क्यों करेंगे। यहां अफसरों ने ढीलाई बरती है। धरोहर में तैयारी करना गलत नहीं है लेकिन यह अधिकारियों की देखरेख में उनकी अनुमति से ही होनी चाहिए।्र

यू समझिए मामला
केयू में अंतिम क्लास शाम चार बजे
सात बजे शाम के बाद हॉस्टल में एंट्री बैन
पौने नौ बजे तक पंद्रह छात्राएं हॉस्टल में नहीं थीं
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