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Hindi News ›   Chandigarh ›   Missing Documents of Ashok Khemka Case did not found

खेमका मामला: नहीं मिले दस्तावेज, दर्ज होगी FIR

Thu, 08 May 2014 11:33 AM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 08 May 2014 11:33 AM IST
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Missing Documents of Ashok Khemka Case did not found

सीनियर आईएएस अशोक खेमका के कार्यकाल से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन से गुम हो गए हैं। कारपोरेशन की आंतरिक जांच में संबंधित दस्तावेज किसी भी ब्रांच में नहीं मिला है।

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इसलिए एफआईआर दर्ज कराने का फैसला किया गया है। महत्वपूर्ण दस्तावेज गुम होने की खबर अमर उजाला में गत 27 अप्रैल को प्रकाशित हुई थी।

आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र कुमार ने कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोशन लाल सैनी को शिकायत भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खेमका के कार्यकाल में गैल वैल्यूम शीट के गोदाम बनाने के लिए टेंडर जिस कंपनी को दिया था।
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उसके बारे में कारपोरेशन के कानूनी सलाहकार ने 3 नवंबर, 2009 को राय दी थी कि अगर वेयर हाउसिंग कारपोरेशन संबंधित कंपनी की बोली स्वीकार करता है तो यह वेलफेयर बोर्ड को सेस अदा करने की जिम्मेवारी कारपोरेशन की होगी।
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कानूनी सलाहकार की यह राय इस समय कारपोरेशन के दस्तावेजों से गायब कर दी गई है। उसके स्थान पर नया कागज जोड़ा गया है जिसमें एक सेल्स टैक्स एडवाइजर से राय ले रखी है। यह सलाह इसलिए ली गई ताकि कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके।

दस्तावेज गुम होने का ऐसे पता चला
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कारपोरेशन ने गोदाम बनाने वाली कंपनी से सेस नहीं काटा। यह बात ऑडिट में पकड़ी गई। तब कारपोरेशन ने कंपनी के बिल से लेबर वेलफेयर सेस, ब्याज और जुर्माने के तौर पर 90,59,455 रुपये की राशि काट ली।

यह राशि 27 जनवरी, 2014 को हरियाणा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के सचिव के खाते में जमा करा दी गई। कंपनी ने इसके खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।

हाईकोर्ट में कारपोरेशन की तरफ से कानूनी सलाहकार की सलाह के बजाय सेल्स टैक्स एडवाइजर की सलाह पेश कर दी। तब यह खुलासा हुआ कि महत्वपूर्ण दस्तावेज गुम किया गया है। शिकायत के साथ गुम की गई कानूनी राय वाला दस्तावेज भी फोटोस्टेट प्रति के साथ नत्थी किया गया।

कानूनी राय दी गई थी
कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने शिकायत कारपोरेशन के एमडी रमेश कृष्ण को भेजकर रिपोर्ट मांग ली। एमडी ने सब ब्रांचों से लिखित में पूछा कि संबंधित दस्तावेज क्या किसी के पास उपलब्ध है। सब ने कहा कि उनकी ब्रांच में यह दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।

कानूनी सलाह देने वाली महिला सलाहकार ने स्वीकार किया कि जो दस्तावेज गुम है, वह कानूनी सलाह उन्होंने दी थी। इससे यह तय हो गया कि यह महत्वपूर्ण दस्तावेज वास्तव में फाइलों से गुम है। इसके अलावा कुछ अन्य रिकार्ड भी गुम होने की चर्चा है।


कोट

कानूनी राय से संबंधित दस्तावेज फाइलों में नहीं मिला है। मैंने पुलिस के पास एफआईआर दर्ज कर जांच करवाने का निर्देश दे दिया है। यह जांच में पता चलेगा कि गुम करने के लिए कौन जिम्मेवार है।
- रमेश कृष्ण, प्रबंध निदेशक, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन

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