फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Minister ready to allot land on the old rate, the cabinet would have proposed

पुराने रेट पर जमीन अलॉट करने के लिए गृहमंत्री तैयार, कैबिनेट पास करेगी प्रपोजल

Sun, 08 Jan 2017 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 08 Jan 2017 01:05 AM IST
विज्ञापन
Minister ready to allot land on the old rate, the cabinet would have proposed
राजनाथ सिंह

हाउसिंग इंप्लाइज स्कीम के 4 हजार अलॉटियों को फ्लैट निर्माण के लिए पुराने रेट पर ही जमीन देने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह तैयार हो गए हैं। इसके लिए गृह मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन से लिखित में प्रपोजल केंद्रीय कैबिनेट के नाम पर भेजने के लिए कहा है।

विज्ञापन


अगले सप्ताह प्रशासन पुराने रेट का प्रपोजल एमएचए को भेजेगा। एमएचए की ओर से यह प्रपोजल मंजूरी के लिए कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जाएगा। शुक्रवार को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन को गृहमंत्री राजनाथ ने आश्वासन दिया है कि पुराने रेट ही जमीन अलॉट करने का प्रपोजल कैबिनेट पास कर देगी।
विज्ञापन


बता दें कि इस स्कीम के बीच कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान साल 2011 में जारी आदेश अड़चन बन रहे थे। इसके तहत 8 अक्तूबर, 2011 को एमएचए ने आदेश जारी कर प्रशासन को कहा था कि किसी को भी मार्केट रेट से कम पर जमीन न दी जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जबकि यह स्कीम साल 2008 की थी। इसके बावजूद प्रशासन पुराने रेट पर जमीन देने के लिए तैयार नहीं हुआ। मालूम हो कि हाउसिंग स्कीम का मामला इस समय पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। 

इसकी अगली सुनवाई 19 जनवरी को होनी है। मार्केट रेट पर जमीन बेचने की पिछली सरकार ने अधिसूचना भी जारी की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद सिर्फ इस स्कीम के लिए सरकार की ओर से सूचना खारिज की जाएगी। 

प्रशासन ने जमीन की हुई है तय

Minister ready to allot land on the old rate, the cabinet would have proposed
संजय टंडन - फोटो : अमर उजाला
साल 2008 में निकले थे ड्रा : 
कर्मचारियों का कहना है कि साल 2008 में उनके फ्लैट्स का ड्रा निकाला गया था। ऐसे में साल 2011 के आदेश उनकी स्कीम पर लागू नहीं होने चाहिए। प्रशासन की ओर से जो एमएचए के माध्यम से जो कैबिनेट में प्रस्ताव भेजा जा रहा है, उसमें भी इसे ही आधार बताया जा रहा है।

फ्लैट की कीमत फिर भी होगी दोगुनी : 
प्रशासन की ओर से अभी तक जो स्कीम मंजूर करके गृह मंत्रालय को भेजी गई है। उसमें कहा गया है कि प्रशासन हाउसिंग बोर्ड को पुराने रेट पर ही जमीन मुहैया करवाएगा, लेकिन साल 2008 से लेकर अब तक उस जमीन की कीमत पर साढ़े 12 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज जरूर चार्ज किया जाएगा। 

ऐसे में कर्मचारियों के फ्लैट की कीमत दोगुनी हो जाएगी। साल 2007 में इस स्कीम के लिए प्रशासन ने साढ़े 4 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से जमीन देने की बात की थी। सभी सफल कर्मचारियों के फ्लैट्स के लिए 70 एकड़ जमीन की जरूरत है। मालूम हो कि इस स्कीम में सफल रहे कर्मचारियों की 70-70 हजार रुपये की राशि अभी भी बोर्ड के पास जमा है। इंप्लाइज हाउसिंग के अंतर्गत प्रशासन के कर्मचारियों के 50 करोड़ रुपये से अधिक जमा है। 

प्रशासन ने जमीन की हुई है तय : 
हाउसिंग बोर्ड को यदि बाजार की कीमत पर जमीन मिलती है तो इंप्लाइज हाउसिंग के हर फ्लैट की कीमत दोगुनी होगी। प्रशासन ने एक बेडरूम के फ्लैट से लेकर तीन बेडरूम के फ्लैट इस स्कीम के अंतर्गत लांच किए थे। 

एक बेडरूम फ्लैट की कीमत 13 से 15 लाख रुपये रखी गई थी, लेकिन अब यह फ्लैट 30 लाख रुपये से कम नहीं होगा। इसी प्रकार दो बेडरूम का फ्लैट भी 45 से 50 लाख रुपये के बीच ही मिल सकता है। प्रशासन ने इस स्कीम के लिए सेक्टर-52,53 और 56 में जमीन रिजर्व रखी हुई है। इसका जिक्र मास्टर प्लान में भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed