Haryana News: अजय चौटाला और ओपी धनखड़ पर बबली का पलटवार, कहा- वे संगठन संभालें, सरकार हमें चलानी है
ई-टेंडरिंग की खिलाफत करने पर बबली के सरपंचों की नीयत पर सवाल उठाने पर जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने सरपंचों के पक्ष में बयान दिए थे और मंत्री की भाषा को अमर्यादित करार दिया था।
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सरपंचों की नीयत पर सवाल उठाने को लेकर चौतरफा घिरे विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने पलटवार किया है। अब उन्होंने अपनी पार्टी के साथ-साथ भाजपा के संगठन को लेकर भी सवाल उठा दिए हैं। बबली के पिछले बयान पर नसीहत देने वाले दोनों दलों के नेताओं अजय सिंह चौटाला और ओमप्रकाश धनखड़ के बारे में कहा कि वे लोग संगठन चलाएं, सरकार हमें चलानी है।
सरपंचों के साथ चंडीगढ़ में सोमवार दोपहर बैठक के बाद बबली हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। एक सवाल के जवाब में पंचायत मंत्री ने कहा कि संगठन के लोगों को अपना संगठन संभालना चाहिए, हम चुने हुए प्रतिनिधि हैं। इसी नाते हरियाणा सरकार ने चुने हुए प्रतिनिधियों को यह जिम्मेदारी दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के मार्गदर्शन में सरकार विकास करा रही है। बबली ने कहा कि संगठन के लोग सुझाव दे सकते है, सरकार उस पर विचार करेगी।
चौटाला और धनखड़ ने बबली की भाषा को बताया था अमर्यादित
ई-टेंडरिंग की खिलाफत करने पर बबली के सरपंचों की नीयत पर सवाल उठाने पर जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने सरपंचों के पक्ष में बयान दिए थे और मंत्री की भाषा को अमर्यादित करार दिया था। फतेहाबाद में अजय चौटाला ने कहा था कि सभी को एक ही लाठी से नहीं हांका जा सकता है। देवेंद्र बबली ने तो सभी सरपंचों को चोर कह दिया है।
यह सही नहीं है। सभी चोर थोड़ी हैं। वहीं, झज्जर में ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा था कि पंचायत व सरपंच हरियाणा की आन-बान व शान हैं। सरपंच जो चुनकर आता है, वह अपनी शान के लिए आता है। ऐसे में उनके प्रति इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली का चयन सोच समझ कर किया जाना चाहिए। यह गैरजिम्मेदार बयान है।
विधायक भी खुलकर सरपंचों के पक्ष में आने लगे
सरपंचों के आंदोलन को लेकर मंत्री देवेंद्र बबली विधायकों के निशाने पर भी रहे हैं। बरवाला से जजपा विधायक जोगीराम सिहाग ने सबसे पहले सरपंचों के हक में आवाज उठाई थी। हालांकि, मंत्री बबली ने सिहाग पर सरपंचों को उकसाने का भी आरोप लगाया था। हाल में विधानसभा के बजट सत्र में नारनौंद से जजपा विधायक रामकुमार गौतम, भाजपा के लक्ष्मण यादव समेत निर्दलीय और विपक्षी विधायकों ने सरपंचों की आवाज बुलंद की थी।
चाहे मंत्री देवेंद्र बबली हों या फिर कोई और, वह सीमित दायरे में रहकर बयानबाजी करें। अगर कोई बात कहनी है तो पार्टी का प्लेटफार्म होता है। मंत्री की बयानबाजी को लेकर अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय चौटाला करेंगे, यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। जहां तक सरपंचों की बात है तो सरकार को उनकी बात माननी पड़ेगी, क्योंकि वह चुने हुए प्रतिनिधि हैं। जल्द मामला सुलझा जाएगा क्योंकि सरकार की नीयत खराब नहीं है। - दिग्विजय चौटाला, महासचिव, जजपा।