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PGI चंडीगढ़ को सारंगपुर में जल्द मिलेगी 50 एकड़ जमीन: मंत्री चौबे

Fri, 18 May 2018 11:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 18 May 2018 11:24 AM IST
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minister ashwini kumar chaube in pgi chandigarh
मंत्री अश्विनी कुमार चौबे
पीजीआई चंडीगढ़ के एक्सपेंशन के लिए सारंगपुर में 50 एकड़ जमीन मिलेगी। यह आश्वासन केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने दिया। वीरवार को उन्होंने पीजीआई प्रबंधन और यूटी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दिया। बैठक में सारंगपुर में पीजीआई के  एक्सपेंशन प्लान को लेकर चर्चा की गई। पीजीआई प्रबंधन ने केंद्रीय राज्य मंत्री के सामने जमीन के रेट को लेकर आ रही दिक्कत को लेकर अपनी बात रखी। चौबे ने आश्वासन दिया कहा कि जल्द ही सारंगपुर में 50 एकड़ जमीन दिलाई जाएगी।
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दरअसल, सारंगपुर में पीजीआई के एक्सपेंशन के लिए 50 एकड़ जमीन आवंटित की जानी है। इसके लिए पीजीआई यूटी प्रशासन को जमीन की कीमत अदा करेगा। सूत्रों की मानें तो जल्द ही पीजीआई को पहले फेज में करीब 20 एकड़ जमीन दी जाएगी। बता दें कि ओपीडी और ट्रामा सेंटर को यहां शिफ्ट किया जाएगा। जमीन के मुआवजे की बात लगभग तय हो चुकी है। पीजीआई का यह प्रोजेक्ट लंबे समय से अटका है।
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अब प्रशासन पीजीआई को 20 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की जगह लगभग चार करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन अलॉट करने जा रहा है। यूटी प्रशासन के अनुसार सारंगपुर में पीजीआई को 50.76 एकड़ की जमीन के लिए 1011.80 करोड़ रुपये देने पड़ते। पीजीआई के पास इतना बजट न होने से प्रोजेक्ट अब तक लटक रहा था। इस मुद्दे को कई बार पीजीआई प्रबंधन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष भी उठाया है। बता दें कि पीजीआई में न्यू ओपीडी, एडवांस कैंसर सेंटर और ट्रामा सेंटर बनना है।
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एक्सपेंशन प्लान पर खर्च होंगे 1200 करोड़
सारंगपुर में पीजीआई के एक्सपेंशन प्लान पर करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पीजीआई ने जो प्लान तैयार किया है, उसके मुताबिक ओपीडी स्क्रीनिंग के निर्माण पर 300 करोड़ रुपये पहले फेज में खर्च होंगे। दूसरे फेज में ट्रामा और ओंकोलॉजी सेंटर पर 400 करोड़ और तीसरे फेज में लर्निंग एंड रिर्सोस सेंटर बनाया जाएगा। चौथे और अंतिम फेज में सारंगपुर में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। सारंगपुर में होने वाले पीजीआई के एक्सपेंशन प्लान में सबसे पहले ओपीडी बनेगी। पीजीआई प्रशासन सारंगपुर में होने वाली एक्सपेंशन में ओपीडी, इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर को शिफ्ट करने का प्लान है, लेकिन अब पीजीआई ने सारंगपुर में सबसे पहले ओपीडी को शिफ्ट करने का प्लान बनाया है। पीजीआई सारंगपुर में बनने वाली नई ओपीडी का नक्शा और बजट एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जा चुका है।

पंजाब, बिहार और असम में जल्द बनेगा कैंसर अस्पताल
प्रेसवार्ता के दौरान कें द्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने बताया कि जल्द ही पंजाब, बिहार और असम में कैंसर अस्पताल बनेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई योजना तैयार है। इसमें टाटा ट्रस्टीज के सहयोग से अस्पताल तैयार होंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर कैंसर जैसी बीमारी का पता लगाने और समय पर मरीज को इलाज दिलाने के लिए अस्पतालों में कैंसर डिटेक्टिव सेंटर बनाए जाएंगे, जहां मरीजों की जांच कर इलाज कराया जाएगा।

मेडिकल कॉलेज में बढ़ाई जाएंगी सीटें
अश्वनी कुमार चौबे ने कहा कि जीएमसीएच-32 मेडिकल कॉलेज में अंडर ग्रेजुएट कोर्स में 150 सीटें की जाएंगी, जबकि पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में 125 से बढ़ाकर 137 सीटें की जाएंगी। इसके अलावा ब्लॉक एफ में सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सेवाएं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि सेक्टर-34 में 2019 से आयुष अस्पताल के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, मनीमाजरा में 6 एकड़ लैंड पर आयुष कॉलेज भी बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है। 2019 में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

सेक्टर-48 का 100 बेड का अस्पताल जून तक हो सकता है शुरू
सेक्टर-48 में 100 बेड का अस्पताल लगभग बनकर तैयार है। जून के अंत तक काम पूरा हो जाएगा। इस पर करीब 50 करोड़ खर्च आया है। इस अस्पताल के शुरू होने से साउथ सेक्टर में रह रहे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। सेक्टर-48 के 100 बेड के अस्पताल के शुरू होने से जीएमएसएच-16 और जीएमसीएच-32 में रूटीन चेकअप के लिए आने वाले मरीजों की संख्या भी कम हो जाएगी।


चौबे ने दोहराईं घोषणाएं
- जल्द ही देशभर में 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, पिछले साल 54 मेडिकल कॉलेज खोले गए थे।
- वर्ष 2022 तक देश भर में 20 एम्स होंगे।
- वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त किया जाएगा।
- देशभर में 77 सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे, जिनमें से 25 सेंटर बनकर तैयार हो चुके हैं, जिन्हें जल्द ही लोगों की सेवाओं के लिए शुरू किया जाएगा।

 
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