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जुमे की नमाज के विवाद में कूदे अनिल विज, बोले- खुले में पढ़ने की आजादी, पर कब्जे की नीयत से गलत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 07 May 2018 02:27 PM IST
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मंत्री अनिल विज
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जुमे की नमाज पर चल रहे विवाद के बीच अब मंत्री अनिल विज ने अपने विचार रखे हैं। उन्होंने एक और विवादित बयान दे डाला है। मंत्री विज का कहना है कि अगर किसी को खुले में नमाज पढ़नी भी पढ़ जाए तो इसकी आजादी है, लेकिन किसी जगह पर कब्जा करने की नीयत से ऐसा करना गलता है। इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।
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Occasionally agar kisi ko padhni pad jaati hai to dharm ki aazaadi hai.Lekin kisi jagah ko kabza karne ki niyat se namaaz padhna galat hai.Uski ijazat nahi di jaa sakti:Haryana Min Anil Vij on CM ML Khattar's statement that Namaz should be read in Mosques/Idgahs,not public spaces pic.twitter.com/hiV3LkcYvs
— ANI (@ANI) May 7, 2018विज्ञापन
सीएम खट्टर ने दिया था ये बयान
manohar lal khattar
- फोटो : ANI
हरियाणा के गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ने को लेकर सरकार ने लोगों के एतराज को जायज ठहराया है। नमाज को लेकर उपजे विवाद को तूल न देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साफ कर दिया कि इसे मस्जिद, ईदगाह या निजी स्थान पर ही अदा किया जाना चाहिए। कुछ संस्थाओं ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने को लेकर एतराज जताया था। लोग भी इस पर आपत्ति जताते हैं, जिस पर सावधानी बरतनी होगी।
नमाज उचित स्थानों पर ही अदा की जानी चाहिए। यह बेहतर रहेगा। पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की है, जबकि शांति बनाए रखना सरकार का कर्तव्य है। इस मामले में विवाद को विराम देने का सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। सार्वजनिकों स्थाना पर नमाज पढ़ने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसे गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। प्रदेश में नमाज पढ़ने के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं,
बावजूद इसके यदि नमाज अदा करने के लिए निर्धारित स्थान कम पड़ते हैं तो संबंधित संस्थाओं के माध्यम से इनका निर्माण कराया जा सकता है। सरकार की कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से निगाह है, अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी को सार्वजनिक स्थान पर नमाज अदा करने से नहीं रोक रही, लेकिन इससे बचना ही उचित होगा। यदि किसी को किसी भी प्रकार की आपत्ति है तो प्रशासन व पुलिस को अवगत करा सकता है।
नमाज उचित स्थानों पर ही अदा की जानी चाहिए। यह बेहतर रहेगा। पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की है, जबकि शांति बनाए रखना सरकार का कर्तव्य है। इस मामले में विवाद को विराम देने का सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। सार्वजनिकों स्थाना पर नमाज पढ़ने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसे गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। प्रदेश में नमाज पढ़ने के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं,
बावजूद इसके यदि नमाज अदा करने के लिए निर्धारित स्थान कम पड़ते हैं तो संबंधित संस्थाओं के माध्यम से इनका निर्माण कराया जा सकता है। सरकार की कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से निगाह है, अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी को सार्वजनिक स्थान पर नमाज अदा करने से नहीं रोक रही, लेकिन इससे बचना ही उचित होगा। यदि किसी को किसी भी प्रकार की आपत्ति है तो प्रशासन व पुलिस को अवगत करा सकता है।