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फिरोजपुर में सेना की कैंटीन के पास मिली माइन, डिफ्यूज करते समय धमाका, सील किया गया रास्ता
Mon, 25 Mar 2019 12:51 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 25 Mar 2019 12:51 PM IST
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फिरोजपुर में सेना की कैंटीन
पंजाब के फिरोजपुर में सैन्य अधिकारियों के हाथ-पैर उस समय फूल गए, जब उन्हें कैंप में गोल्डन ऐरो कैंटीन के पास एक माइन मिलने की खबर मिली। आनन फानन में सेना ने पूरा रास्ता सील कर दिया। माइन डिफ्यूज करते समय जोरदार धमाका हुआ। सूत्रों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे गोल्डन ऐरो कैंटीन के नजदीक बने एसबीआई एटीएम के पास माइन देखी गई।
इसकी सूचना तुरंत अधिकारियों को दी गई। इसके बाद सेना ने पूरा इलाका सील कर दिया। माइन को उठाकर सुरक्षित जगह ले जाना ठीक नहीं था, क्योंकि वजन पड़ते ही वह फट सकती थी। इसलिए सेना ने इसे वहीं पर डिफ्यूज करने के लिए पूरा बंदोबस्त किया। लेकिन डिफ्यूज करते समय इसमें जोरदार धमाका हो गया। अब माइन के यहां पर पहुंचने की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि माइन पर थोड़ा भी वजन पड़ता है, तो वह फट जाती है। उल्लेखनीय है कि कुछ साल पहले छावनी स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर पुराने बमों में से पीतल निकालने का प्रयास किया जा रहा था। पीतल निकालते समय धमाका होने पर दो लोग मर गए थे। जानकारों का कहना है कि माइन भी स्क्रैप के जरिए यहां पर पहुंची है।
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हालांकि इस संबंध में सेना का कोई भी अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है, लेकिन अगर माइन में धमाका होता तो बड़ी तबाही हो सकती थी।
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इसकी सूचना तुरंत अधिकारियों को दी गई। इसके बाद सेना ने पूरा इलाका सील कर दिया। माइन को उठाकर सुरक्षित जगह ले जाना ठीक नहीं था, क्योंकि वजन पड़ते ही वह फट सकती थी। इसलिए सेना ने इसे वहीं पर डिफ्यूज करने के लिए पूरा बंदोबस्त किया। लेकिन डिफ्यूज करते समय इसमें जोरदार धमाका हो गया। अब माइन के यहां पर पहुंचने की जांच शुरू कर दी गई है।
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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि माइन पर थोड़ा भी वजन पड़ता है, तो वह फट जाती है। उल्लेखनीय है कि कुछ साल पहले छावनी स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर पुराने बमों में से पीतल निकालने का प्रयास किया जा रहा था। पीतल निकालते समय धमाका होने पर दो लोग मर गए थे। जानकारों का कहना है कि माइन भी स्क्रैप के जरिए यहां पर पहुंची है।
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हालांकि इस संबंध में सेना का कोई भी अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है, लेकिन अगर माइन में धमाका होता तो बड़ी तबाही हो सकती थी।