Chandigarh: मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का हुआ समापन, भगवंत मान बोले- भविष्य में आयोजन होगा और भव्य
शनिवार को इस कार्यक्रम का शुभारंभ करने पंजाब की पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों की मंत्री अनमोल गगन मान पहुंचीं थीं। इसके बाद दो दिन तक फेस्टिवल में रूस-यूक्रेन युद्ध, एयरक्राफ्ट कैरियर, चीन और उभरता विश्व, विभिन्न देशों के इतिहास, सेना के जवानों का आचार, भारत को स्वतंत्र बनाए रखने में सेना की भूमिका आदि विषयों पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
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चंडीगढ़ में आयोजित मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल दो दिन के रंगारंग कार्यक्रम व देश से जुड़े मुद्दों की परिचर्चा के साथ रविवार को समाप्त हो गया। समापन समारोह में पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से युवाओं में सेना के प्रति सम्मान बढ़ेगा। भविष्य में आयोजन को भव्य बनाने के लिए पंजाब सरकार पूरा सहयोग करेगी।
शनिवार को इस कार्यक्रम का शुभारंभ करने पंजाब की पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों की मंत्री अनमोल गगन मान पहुंचीं थीं। इसके बाद दो दिन तक फेस्टिवल में रूस-यूक्रेन युद्ध, एयरक्राफ्ट कैरियर, चीन और उभरता विश्व, विभिन्न देशों के इतिहास, सेना के जवानों का आचार, भारत को स्वतंत्र बनाए रखने में सेना की भूमिका आदि विषयों पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस फेस्टिवल को देखने के लिए विद्यार्थियों से लेकर हर वर्ग के लोग पहुंचे। आयोजन के दौरान सेना के हथियारों के बारे में लोगों ने वहां मौजूद विशेषज्ञों से जानकारी ली। लोगों में टैंक व सेना के अन्य बड़े हथियारों के साथ फोटो खिंचवाने का क्रेज रहा।
मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का दायरा जिला व यूनिवर्सिटी स्तर तक बढ़ेगा
भगवंत मान ने राज्यभर में जिला और यूनिवर्सिटी स्तर पर मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल की मेजबानी करके इसके दायरे का विस्तार करने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने हर साल इस समारोह के प्रबंध के लिए प्रबंधक कमेटी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में राज्य सरकार नौजवानों को हथियारबंद सेनाओं की समृद्ध विरासत से अवगत करवाने और उनमें फौज में भर्ती होने की भावना पैदा करने के लिए जिला और यूनिवर्सिटी स्तर पर यह मेला करवाएगी।
नौजवानों में राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना पैदा करना समय की जरूरत है, जिससे उनको हथियारबंद सेनाओं में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया जा सके। पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां लोकतंत्र कभी कायम नहीं रहा क्योंकि फौज ने इस पड़ोसी मुल्क में कई बार चुनी हुई सरकारों को भंग किया है। इसके विपरीत भारत में हथियारबंद बलों की सक्रिय भूमिका के कारण लोकतंत्र सफल रहा है।
मान ने कहा कि इसी कारण ही आज उन जैसा आम आदमी राज्य का मुख्यमंत्री बना है। सरहदों की रक्षा और अमन-कानून की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बहादुर सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि के तौर पर राज्य सरकार ने शहीदों के परिवारों को दिए जाने वाले मान-भत्ते को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कई पुस्तकों का भी विमोचन किया और मेले में भाग लेने वाली मशहूर शख्सियतों का सम्मान किया।