{"_id":"5ec3fc538ebc3e90343d662e","slug":"migrant-workers-created-ruckus-on-highway-in-yamuna-nagar-of-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुनानगर में बिहार के प्रवासी मजदूरों का हंगामा, बोले- अगर मरना है तो हम सड़क पर ही मरेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुनानगर में बिहार के प्रवासी मजदूरों का हंगामा, बोले- अगर मरना है तो हम सड़क पर ही मरेंगे
Wed, 20 May 2020 12:42 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, जगाधरी ( हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जगाधरी ( हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 20 May 2020 12:42 PM IST
सार
- नारेबाजी कर रोष जताया, कहा- उत्तर प्रदेश के लोगों को भेजा जा रहा
- बिहार के लोगों को दस दिन से रोका, बिहार सीएम के खिलाफ नारेबाजी
- अधिकारियों ने समझा बुझाकर शांत कराया, पहले भी दो बार कर चुके हंगामा
विज्ञापन
हंगामा करते बिहार के प्रवासी श्रमिक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मानकपुर शेल्टर होम में रुके बिहार के प्रवासी श्रमिकों के सब्र का बांध मंगलवार दोपहर टूट पड़ा। काफी संख्या में श्रमिक जगाधरी पावंटा साहिब नेशनल हाईवे पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ये सभी प्रवासी श्रमिक कई दिनों से मानकपुर में बनाए गए शेल्टर होम में रुके हुए थे। यहां से प्रशासन द्वारा इनका पंजीकरण करके बस और ट्रेनों द्वारा भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
विज्ञापन
दो दिन से रोडवेज की बसों से यूपी के श्रमिकों को भेजा जा रहा था। जिसको लेकर इनमें रोष है और ये सड़क पर आ गए। हंगामा कर रहे मजदूरों ने बिहार सरकार और वहां के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। श्रमिकों के हंगामे की सूचना पाकर जगाधरी के डीएसपी मौके पर पहुंचे और श्रमिकों को समझा बुझाकर शांत किया। इससे पहले भी घर जाने को लेकर जोडियों नाका और कलानौर बॉर्डर पर हंगामा हो चुका है।
विज्ञापन
घर नहीं भेजे जाने से श्रमिकों में रोष
बिहार निवासी प्रभात ने बताया कि वह चंडीगढ़ से आया है और अपने घर पैदल जा रहा था लेकिन अब पिछले कई दिन से यहां रोक दिया है। केवल यूपी के लोगों को बसों में भेजा जा रहा है। बिहार के लोगों को नहीं भेजा जा रहा। यहां हम मर जाएंगे। अगर मरना है तो हम सड़क पर मरेंगे। यहां से निकालो। वहीं अमृतसर से आए राजकुमार ने बताया कि यहां कोई सुविधा नहीं मिल रही है। दस दिन से यहां पड़े हुए हैं। कैसे जाएंगे बिहार, वहां बीवी बच्चे रो रहे हैं।
विज्ञापन
बिहार के मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की
हंगामा कर रहे श्रमिकों ने आधे घंटे तक जमकर नारेबाजी की। अपनी इस हालत के लिए उन्होंने जमकर बिहार सरकार को कोसा और मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के खिलाफ अपना रोष जताया। मजदूरों ने कहा कि जब यूपी के मजदूरों को बसों में छोड़ा जा रहा है तो हमें भी बसों में घर भेजा जाए ताकि वे अपने बीवी बच्चों के पास पहुंच सकें।
शेल्टर होम में ठहरे सभी श्रमिकों का पंजीकरण करके उनको घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है। सभी श्रमिकों से अपील है कि वे सहयोग दें ताकि व्यवस्था सुचारू रहे। -दर्शन सिंह, एसडीएम