लुधियाना में राशन न मिलने से प्रवासी मजदूर भड़के, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, पटियाला में दुकानदारों का प्रदर्शन
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लुधियाना में राशन नहीं मिलने पर मंगलवार दोपहर प्रवासी मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा और दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने बस्ती जोधेवाल के पास लुधियाना दिल्ली रोड पर चक्का जाम कर दिया। सभी मजदूरों की एक ही शिकायत थी कि उन्हें राशन नहीं मिल रहा है और सरकार उनके घर जाने की व्यवस्था नहीं कर रही है।
कुछ प्रवासियों का कहना था कि उन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करवाया है लेकिन उनकी बारी कब आएगी। इस बारे में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। प्रवासियों के राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की खबर लगते पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पहले तो प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। जब कोई बात नहीं बनी तो लाठीचार्ज कर सभी को खदेड़ दिया।
बता दें कि कुछ दिन पहले भी ढंढारी में प्रवासी इसी तरह सड़क पर उतर आए थे। वहां पर उन्होंने पत्थरबाजी करते हुए एक बस को भी तोड़ दिया था। सभी प्रवासियों का यही कहना था कि उन्हें पंजाब सरकार की तरफ से भेजा जा रहा कोई राशन नहीं मिल रहा है।
लॉकडाउन के चलते उन्हें मजदूरी तक नहीं मिल रही है। बीते 50 दिन से वह किसी तरह गुजारा कर रहे हैं। लेकिन अब उनके पास खाने के लिए अनाज नहीं है। कुछ खरीद लें इसके लिए पैसा नहीं है। ऐसे में अब भूखे मरने की नौबत आ चुकी है।
पटियाला: सड़क पर उतरे दुकानदार, जमकर नारेबाजी की
पटियाला में त्रिपड़ी बाजार के दुकानदार मंगलवार को सड़कों पर उतर आए और रोड जाम करके सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दुकानदारों ने कहा कि जब जरूरी सामान की दुकानें, पावरकॉम दफ्तर और बैंक खुल गए हैं तो बाकी दुकानदारों के साथ भेदभाव क्यों हो रहा है।
उनका करोड़ों रुपये का सामान दुकानों में पड़ा खराब हो रहा है। सरकार उन्हें भी दुकान खोलने की अनुमति दे। ऐसा नहीं हुआ तो दुकानदारों को आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर दुकानदारों को शांत करके धरने से उठाया।
पटियाला व्यापार मंडल के प्रधान राकेश गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों व दुकानदारों ने अब तक सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए लॉकडाउन का पूरा पालन किया है। अब दुकानदार तंग आ चुके हैं। उनकी दुकानों में रेडीमेड कपड़े, फर्नीचर व अन्य सामान खराब हो रहा है। सरकार उन्हें भी दुकानें खोलने की इजाजत दे। गुप्ता ने कहा कि शुक्रवार को दुकानदारों ने मिलकर डीसी के साथ बैठक की थी।
इसमें उन्होंने दुकानदारों की समस्याओं को जल्द हल करने का भरोसा दिलाया। अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इस कारण दुकानदारों को सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने मांग की कि अलग-अलग तरह की दुकानों को हफ्ते में दो-दो दिन खोलने की इजाजत दी जाए।
कर्ज लेकर फैक्ट्रियों से उठाया था माल
रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन पंजाब के चेयरमैन नरेश सिंगला की अगुवाई में व्यापारियों ने मंगलवार को बैठक की। मौके पर सरकार व प्रशासन से रेडीमेड कपड़ों के व्यापारियों को हफ्ते में दो दिन दुकानें खोलने की इजाजत देने की मांग की। सिंगला ने कहा कि दुकानों में पड़ा करोड़ों का रेडीमेड गारमेंट व कपड़ा खराब हो रहा है। कई ने तो बैंकों से कर्ज लेकर माल उठाया था। अब कमाई न होने की सूरत में दुकानदार इस कर्ज का ब्याज कैसे भरें। अपने कर्मचारियों को तनख्वाह भी देना है। सरकार इस समस्या का जल्द हल निकाले।
जालंधर: कूलर-पंखे बेचने उमड़ा बाजार, कराना पड़ा बंद
जालंधर के डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने इजाजत क्या दी, सोमवार को फगवाड़ा गेट का सारा बाजार ही पंखे व कूलर बेचने के लिए अपनी दुकानों पर पहुंच गया। इनमें से कुछ दुकानें ऐसी थी जो वाकई पंखे, एसी व कूलर बेचने वाली थी। वहीं कुछ दुकानदारों ने अपने साथ लगती दुकानों से कुछ पंखे लेकर रख लिए, ताकि ऐसा लगे कि वह पंखे व कूलर बेचने का कार्य करते हैं।
इसकी सूचना जब जिला पुलिस को लगी तो पुलिस ने मौके पर पहुंच कर फगवाड़ा गेट बाजार बंद करवा दिया। दरअसल, दुकानदारों में राय बनी थी कि एक दुकान छोड़कर एक दुकान खोली जाए। सुबह होते ही मार्केट में कूलर, पंखे व रिपेयर की दुकानों के साथ सभी दुकानें भी खुल गई। मार्केट में सभी दुकानें खुलने का शोर मच गया। पुलिस ने पहुंच कर दुकानें बंद करवा दी।