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Military Literature Festival: दुश्मन की पनडुब्बी को पानी में ही ध्वस्त करेगा एमएच-60 रोमियो
Sun, 04 Dec 2022 01:24 AM IST
ajay kumar
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 04 Dec 2022 01:24 AM IST
सार
अमर उजाला से बातचीत में एडमिरल चावला ने बताया कि समुद्र से लगते किसी भी देश के लिए समुद्र पर उसका नियंत्रण जरूरी होता है। भारत तेजी से बढ़ता देश है और इसका बड़ा हिस्सा समुद्र से घिरा हुआ है। ऐसे में एयरक्राफ्ट कैरियर (विमान वाहक पोत) भारत के लिए बेहद जरूरी हैं।
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एमएच-60 'रोमियो'
- फोटो : Lockheedmartin.com
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विस्तार
नौसेना को मजबूत करने में भारतीय वायुसेना अहम रोल निभाएगी। वायुसेना को जल्द ही 18 एमएच-60 रोमियो अमेरिकी हेलिकॉप्टर मिलने जा रहे हैं, जो समुद्र की गहराई में ही दुश्मन की पनडुब्बी को ध्वस्त करने में सक्षम होंगे। यह लड़ाकू हेलिकॉप्टर आसमान में उड़ रहे दुश्मन को भी ध्वस्त करने का दम रखते हैं। इन्हें अमेरिका से खरीदा जा रहा है।
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सुखना लेक में आयोजित मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल रिटा. वाइस एडमिरल अनिल चावला ने बताया कि वर्तमान में समुद्र के भीतर मौजूद पनडुब्बी (सबमरीन) को निशाना बनाने के लिए जो तकनीक मौजूद है, वह काफी पुरानी हो चुकी है। कई दशक पहले खरीदा गया हेलिकॉप्टर ब्रिटिश सी किंग आज के समय के मुताबिक प्रासंगिक नहीं है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए नई तकनीक से लैस एमएच - 60 आर को अमेरिका से खरीदने का निर्णय लिया गया है।
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हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर यह हेलिकॉप्टर उनकी मौजूदगी का पता लगाने में माहिर हैं। इसके अलावा ये दुश्मन के युद्धपोतों और पनडुब्बियों को नष्ट करने वाले घातक मिसाइलों और तारपीडो से भी लैस होंगे। इसके भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होते ही वायु सेना की शक्ति कहीं अधिक बढ़ जाएगी। इस मौके पर चावला ने चारों तरफ से घिरी भारतीय सीमा के लिए जल और नभ सेना का क्या महत्व है, उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी।
भारत को तीन और एयरक्राफ्ट कैरियर की जरूरत
अमर उजाला से बातचीत में एडमिरल चावला ने बताया कि समुद्र से लगते किसी भी देश के लिए समुद्र पर उसका नियंत्रण जरूरी होता है। भारत तेजी से बढ़ता देश है और इसका बड़ा हिस्सा समुद्र से घिरा हुआ है। ऐसे में एयरक्राफ्ट कैरियर (विमान वाहक पोत) भारत के लिए बेहद जरूरी हैं। वर्तमान समय में भारत के पास दो एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद है। एक अन्य को अगले दो साल में शामिल कर लिया जाएगा। भारत को मजबूत बनाने के लिए तीन और कैरियर की जरूरत है। समुद्र में सीमा सुरक्षित करने के लिए न केवल जल सेना बल्कि वायु सेना की भी जरूरत पड़ती है।