Chandigarh Metro Project: चंडीगढ़ में जल्द दौड़ेगी मेट्रो, कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान को मिली मंजूरी
रिपोर्ट के अनुसार ट्राइसिटी में दो चरण में मेट्रो और तीन चरण में अन्य सभी काम पूरे करने हैं। मेट्रो का कुल खर्च पहले 12960 करोड़ रुपये प्रस्तावित था लेकिन हरियाणा और पंजाब सरकार के सुझाव के बाद प्रस्तावित बजट 16,509 करोड़ तक हो गया है। इसमें 60 फीसदी राशि केंद्र और 40 फीसदी चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा देंगे।
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चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में बढ़ रहे यातायात के दबाव को कम करने के लिए रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) की ओर से बनाए गए कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) को मंजूरी दे दी गई है। ऐसे में अब चंडीगढ़ में मेट्रो परियोजना ने पहली सीढ़ी पार कर ली है। मंगलवार को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित की अध्यक्षता में यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यूएमटीए) की पहली बैठक हुई, जिसमें सीएमपी को मंजूरी मिल गई।
मंगलवार को हुई बैठक में चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल के अलावा पंजाब और हरियाणा के मुख्य सचिव भी मौजूद रहे। बैठक में यूएमटीए के सदस्यों ने राइट्स द्वारा तैयार सीएमपी यानी व्यापक गतिशीलता योजना को अपनी मंजूरी दे दी। इसके साथ ही ट्राइसिटी के लिए 77 किलोमीटर लंबे एमआरटीएस नेटवर्क को लेकर वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट (एएआर) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर)- चरण-1 का काम शुरू हो जाएगा।
बैठक में एएआर और डीपीआर तैयार करने के लिए राइट्स को शामिल करने का निर्णय लिया गया। बता दें कि ट्राइसिटी में मेट्रो परियोजना की संभावना तलाशने और इस प्रस्ताव को प्रशस्त करने के लिए पिछले दिनों यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यूएमटीए) का गठन किया गया था। यह ट्राइसिटी के समग्र गतिशीलता मुद्दों को संभालने के लिए एक एकीकृत मंच है। इसमें भारत सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के अधिकारियों को शहर में यातायात की स्थिति में सुधार के लिए विभिन्न संस्थानों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने और इस गतिशीलता योजना के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
मेट्रो से लेकर अन्य विकल्प भी सीएमपी में शामिल
चंडीगढ़ समेत ट्राइसिटी में बढ़ रहे यातायात का दबाव कम करने के लिए रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) ने एक कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) बनाया है। इसमें मेट्रो से लेकर कई जगह फ्लाईओवर-अंडरपास बनाने, कई किमी साइकिल ट्रैक, कई बस स्टैंड, मल्टीलेवल पार्किंग समेत कई सुझाव दिए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार ट्राइसिटी में दो चरण में मेट्रो और तीन चरण में अन्य सभी काम पूरे करने हैं। मेट्रो का कुल खर्च पहले 12960 करोड़ रुपये प्रस्तावित था लेकिन हरियाणा और पंजाब सरकार के सुझाव के बाद प्रस्तावित बजट 16,509 करोड़ तक हो गया है। इसमें 60 फीसदी राशि केंद्र और 40 फीसदी चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा देंगे।
पंजाब और हरियाणा ने दिए थे ये सुझाव
पंजाब व हरियाणा ने रिपोर्ट फाइनल करने से पहले मेट्रो को लेकर अपने कुछ सुझाव भी दिए थे। पंजाब ने पड़ौल, न्यू चंडीगढ़ से सारंगपुर तक एमआरटीएस रूट को पहले चरण में शामिल करने की सिफारिश की थी, जबकि हरियाणा ने शहीद ऊधम सिंह चौक (आईएसबीटी पंचकूला) से पंचकूला एक्सटेंशन तक के कॉरिडोर को दूसरे की जगह पहले चरण में शामिल किए जाने का सुझाव दिया था।
एमआरटीएस का पहला चरण (2027 से 2037)
- सारंगपुर से आईएसबीटी पंचकूला
- रॉक गार्डन से इंडिस्ट्रयल एरिया व चंडीगढ़ एयरपोर्ट होते हुए जीरकपुर आईएसबीटी
- ग्रेन मार्केट चौक से ट्रांसपोर्ट नगर सेक्टर-26
एमआरटीएस का दूसरा चरण (2037 से आगे)
आईएसबीटी पंचकूला से पंचकूला एक्सटेंशन
न्यू चंडीगढ़ से सारंगपुर
एयरपोर्ट चौक से माणकपुर कल्लर
आईएसबीटी जीरकपुर से आईएसबीटी पिंजौर