फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   merto, chandigarh metro, chandigarh metro status, lucknow metro, chandigarh

जानिए, चंडीगढ़ में मेट्रो का क्या है स्टेटस? लखनऊ से तुलनात्मक रिपोर्ट

Sat, 16 Apr 2016 11:36 PM IST
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़।
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Sat, 16 Apr 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
merto, chandigarh metro, chandigarh metro status, lucknow metro, chandigarh
चंडीगढ़़ मेट्रो परियोजना - फोटो : demo pics
लखनऊ में मेट्रो परियोजना का काम चंडीगढ़ से कई साल बाद शुरू हुआ। चंडीगढ़ मेट्रो की डीपीआर 2012 में ही तैयार हो गई थी। जिसे बाद में संशोधित किया गया। जबकि लखनऊ मेट्रो की संशोधित डीपीआर को फाइनल होने के बाद अगस्त 2013 में मंजूरी मिली। आज स्थिति यह है कि लखनऊ मेट्रो का ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक का पहला चरण पूरा होने वाला है। दिसंबर 2016 में इस आठ किलोमीटर के रूट पर मेट्रो दौड़ने लगेगी। जबकि चंडीगढ़ मेट्रो अब तक डीपीआर में ही उलझी हुई है।
विज्ञापन


यूटी प्रशासक से मंजूरी के बाद लगभग चार माह पहले संशोधित डीपीआर को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के पास भेज दिया गया था, लेकिन अब तक इसे मंजूरी नहीं मिल पाई है। ऊपर से नियमित अंतराल के बाद इसमें कुछ न कुछ कमियां निकाल दी जाती हैं। अभी भी मंत्रालय ने यूटी प्रशासन से बजट और मेट्रो कॉरिडोर से लगती जमीन के रेट के संबंध में सात सवाल पूछे हैं। 20 अप्रैल तक प्रशासन इन सवालों के जवाब भेजेगा। जवाबों से संतुष्ट होने के बाद ही मेट्रो की अधिसूचना जारी होने की उम्मीद की जा सकती है। जबकि 1 अप्रैल 2016 से मेट्रो का जमीनी स्तर पर काम शुरू होकर 2021 में पूरा होना था।
विज्ञापन


मेट्रोमैन श्रीधरन का बड़ा रोल
मेट्रोमैन कहे जाने वाले श्रीधरन का भी लखनऊ मेट्रो के काम को गति देने में अहम रोल बताया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो की तरह लखनऊ का काम भी तेजी से पूरा हो इसके लिए अखिलेश सरकार ने फरवरी 2014 में ही श्रीधरन को मेट्रो परियोजना का प्रधान सलाहकार नियुक्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जनप्रतिनिधि नहीं कर रहे प्रयास
उत्तर प्रदेश सरकार अपनी परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बनाती रही है। शायद यही कारण है कि डीपीआर को महज साल भर में मंजूरी मिल गई। इसके बाद सरकार ने काम भी तेजी से शुरू करवा दिया। वहीं दूसरी ओर यूटी में स्थिति इसके एकदम उलट है।

यूटी प्रशासन के अधिकारी चाहकर भी एमओयूडी के अधिकारियों पर किसी तरह का दबाव नहीं बना सकते। एमओयूडी में बैठे अधिकारी जरा सी बात पर आपत्ति जता देते हैं। बात जनप्रतिनिधि की करें तो सांसद किरण खेर तो पहले ही मेट्रो के पक्ष में नहीं हैं। वह खुले मंच से शहर में मेट्रो चलाए जाने का विरोध कर चुकी हैं। खेर शहर में मोनो रेल चलाने की बात कहती रही हैं। ऐसे में चंडीगढ़ मेट्रो परियोजना का पक्ष केंद्र सरकार के सामने भी लखनऊ की तरह मजबूती से नहीं रखा गया।

लखनऊ में मेट्रो का सफर

merto, chandigarh metro, chandigarh metro status, lucknow metro, chandigarh
Red line metro - फोटो : ANI
- 2013-14 के बजट भाषण में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बजट की व्यवस्था हुई।
- अगस्त 2013 में यूपी सरकार ने लखनऊ मेट्रो की संशोधित डीपीआर को मंजूरी दे दी।
- 26 अगस्त 2013 को संशोधित डीपीआर भारत सरकार की मंजूरी के लिए भेज दी गई।
- 27 दिसंबर 2013 को भारत सरकार ने भी संशोधित डीपीआर को सैद्घांतिक मंजूरी दे दी।
- 3 मार्च को कानपुर रोड पर मेट्रो डिपो का शिलान्यास कर दिया गया।
- दिसंबर 2016 में ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक पहले चरण का काम पूरा होने के बाद मेट्रो चलने लगेगी।

चंडीगढ़ में मेट्रो का सफर
- 2007: प्रोजेक्ट की प्लानिंग शुरू हुई।
- 2008: राइट्स कंपनी को कंसल्टेंसी का काम दिया।
- 2010: राइट्स कंपनी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी।
- 2012: दिल्ली मेट्रो ने रिपोर्ट बनाई।
- 2015: चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और केंद्र सरकार ने एमओयू पर साइन किए।
- 2015: दिल्ली मेट्रो ने तैयार की संशोधित डीपीआर
- 2015: संशोधित डीपीआर एमओयूडी के पास मंजूरी के लिए भेजी गई।
- 2015: एमओयूडी ने प्रोजेक्ट पर पंजाब और हरियाणा की लिखित में सहमति मांगी।
- 2015: पंजाब और हरियाणा की लिखित सहमति का लेटर एमओयूडी को भेजा गया।
- 2016: एमओयूडी ने यूटी प्रशासन से सात सवाल पूछे।

जीसीटीसी देखेगी मेट्रो का काम

merto, chandigarh metro, chandigarh metro status, lucknow metro, chandigarh
Metro
20 अप्रैल से पहले प्रशासन सातों सवालों के जवाब मंत्रालय के पास भेजेगा। इसके बाद मंत्रालय ही इसकी अधिसूचना जारी करेगा। मेट्रो का पूरा काम ग्रेटर चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (जीसीटीसी) देखेगी। अधिसूचना के बाद जीसीटीसी कंपनी के एमडी से लेकर पूरा स्टाफ नियुक्त होगा। कंपनी का अलग से खाता होगा। जिसमें बजट आएगा।

देरी से बजट में बड़ी बढ़ोतरी
पहले ही यह प्रोजेक्ट चार साल की देरी के कारण तीन हजार करोड़ महंगा हो गया है। सबसे पहले प्रशासन ने 2012 में मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार की थी, जो 10,900 करोड़ की थी। अब प्रोजेक्ट 13,909 करोड़ तक पहुंच गया है। जितनी देरी होगी, बजट उतना ही बढ़ता जाएगा।

यह है संशोधित डीपीआर
संशोधित डीपीआर के अनुसार मेट्रो पर 2016 से काम शुरू होना है, जिसे 2021 तक खत्म करना होगा। मेट्रो के चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में कुल 30 स्टेशन होंगे। इनमें 19 स्टेशन एलिवेटेड होंगे और 11 अंडरग्राउंड। मेट्रो की गति 80 से 85 किमी. प्रतिघंटे होगी। तीनों शहरों में मेट्रो रूट को दो गलियारों में बांटा गया है। एक गलियारा 25.07 किलोमीटर और दूसरा 12.49 किमी का होगा। मेट्रो ट्राइसिटी में 37 किलोमीटर के रूट पर दौड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed