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पुरुष बलशाली हो सकता है, लेकिन महिलाओं में आत्मशक्ति सबसे ज्यादा
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अमर उजाला के अपराजिता के बैनर तले आयोजित कार्यकर्म में महिलाओ को सेल्फ डिफेंस के बारे में बतातीं
- फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। सेक्टर-38 स्थित जन शिक्षण केंद्र में वीरवार को अपराजिता बैनर के तले छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। कोरिया से प्रशिक्षण लेकर आई मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट मास्टर कविता और मास्टर शिवराज ने छात्राओं को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने किसी भी घटना के समय किस तरह से अपनी सुरक्षा करनी है, खुद रिंग में उतरकर छात्राओं को प्रशिक्षण दिया।
छात्राओं को बताया कि पुरुष महिलाओं से बलशाली हो सकता है, लेकिन आत्मशक्ति महिलाओं से ज्यादा दुनिया में किसी के पास नहीं है इसलिए ही ईश्वर ने उन्हें मां बनने का वरदान दिया है। छात्राओं को बताया कि विपरीत परिस्थितियों में लड़ने की बजाय बचाव की कोशिश करें क्यों कि सामने वाला तो आपराधिक मानसिकता के साथ आपके पास आया है।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर कविता ने बताया कि पेपर स्प्रे, चाभी, बैग, चश्मा, सेफ्टी पिन, पेन और पानी की बोतल हमारे हथियार हो सकते हैं, लेकिन इनका प्रयोग करना हमें आना चाहिए। पेपर स्प्रे को हमेशा क्रॉस चलाएं, जिसमें पहले दोनों आंखों पर स्प्रे करें उसके बाद नाक और मुंह पर। वहीं चाभी, पेन, चश्मा को उपयोग करते समय उसके पीछे अंगूठे का प्रयोग जरूर करें। नहीं तो स्वयं को चोट लग सकती है। अपने बचाव की स्थिति में चेहरे, नाक, पेट, गर्दन या कमर के नीचे हिस्से पर वार करें। किसी ने आपको सामने से पकड़ा है तो हाथ व पैर से वार करें और पीछे से पकड़ने वाले को कोहनी से मारें। इस मौके पर जन शिक्षण केंद्र के डायरेक्टर अरविंद सिंह, प्रोग्राम ऑफिसर श्यामसुंदर सिंह, कविता ठाकुर मौजूद रहीं।
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प्रशिक्षण होगा तो आत्मविश्वास के साथ करेंगे वार
मास्टर शिवराज ने छात्राओं को बताया कि जब प्रशिक्षण होगा तो किसी भी वार को पूरे आत्मविश्वास के साथ किया जा सकता है इसलिए जो भी सीखें उसका लगातार अभ्यास करें। मार्शल आर्ट में हमेशा शरीर के जोड़ों पर वार करना सिखाया जाता है। इसके लिए अभ्यास और तकनीक जरूरी है। अपने पास हमें 1091 और 112 नंबर स्पीड डायल में रखें। कई सेफ्टी फीचर एप हैं जिन्हें आपात स्थिति में उपयोग कर आप अपने परिजनों और पुलिस को आसानी से सूचित कर सकते हैं।
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छात्राओं को बताया कि पुरुष महिलाओं से बलशाली हो सकता है, लेकिन आत्मशक्ति महिलाओं से ज्यादा दुनिया में किसी के पास नहीं है इसलिए ही ईश्वर ने उन्हें मां बनने का वरदान दिया है। छात्राओं को बताया कि विपरीत परिस्थितियों में लड़ने की बजाय बचाव की कोशिश करें क्यों कि सामने वाला तो आपराधिक मानसिकता के साथ आपके पास आया है।
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प्रशिक्षण के दौरान मास्टर कविता ने बताया कि पेपर स्प्रे, चाभी, बैग, चश्मा, सेफ्टी पिन, पेन और पानी की बोतल हमारे हथियार हो सकते हैं, लेकिन इनका प्रयोग करना हमें आना चाहिए। पेपर स्प्रे को हमेशा क्रॉस चलाएं, जिसमें पहले दोनों आंखों पर स्प्रे करें उसके बाद नाक और मुंह पर। वहीं चाभी, पेन, चश्मा को उपयोग करते समय उसके पीछे अंगूठे का प्रयोग जरूर करें। नहीं तो स्वयं को चोट लग सकती है। अपने बचाव की स्थिति में चेहरे, नाक, पेट, गर्दन या कमर के नीचे हिस्से पर वार करें। किसी ने आपको सामने से पकड़ा है तो हाथ व पैर से वार करें और पीछे से पकड़ने वाले को कोहनी से मारें। इस मौके पर जन शिक्षण केंद्र के डायरेक्टर अरविंद सिंह, प्रोग्राम ऑफिसर श्यामसुंदर सिंह, कविता ठाकुर मौजूद रहीं।
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प्रशिक्षण होगा तो आत्मविश्वास के साथ करेंगे वार
मास्टर शिवराज ने छात्राओं को बताया कि जब प्रशिक्षण होगा तो किसी भी वार को पूरे आत्मविश्वास के साथ किया जा सकता है इसलिए जो भी सीखें उसका लगातार अभ्यास करें। मार्शल आर्ट में हमेशा शरीर के जोड़ों पर वार करना सिखाया जाता है। इसके लिए अभ्यास और तकनीक जरूरी है। अपने पास हमें 1091 और 112 नंबर स्पीड डायल में रखें। कई सेफ्टी फीचर एप हैं जिन्हें आपात स्थिति में उपयोग कर आप अपने परिजनों और पुलिस को आसानी से सूचित कर सकते हैं।