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अनमोल यादें: अरुण जेटली गजब की स्मरण शक्ति और अद्भुत व्यक्तित्व के मालिक थे, पढ़ें संस्मरण

Wed, 04 Sep 2019 12:54 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 04 Sep 2019 12:54 PM IST
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Memoirs about Arun Jaitley by Priya Tandon wife of Sanjay Tandon, President BJP Chandigarh
प्रिया टंडन के परिवार के साथ अरुण जेटली - फोटो : अमर उजाला
कुछ लोगों की जरूरत न केवल उनके परिवार को होती है, बल्कि एक बड़े पैमाने पर राष्ट्र को भी होती है। अरुण जेटली कुछ ऐसे ही व्यक्तित्व के शख्स थे। उनके असामयिक निधन ने ऐसी शून्यता पैदा कर दी है, जिसे कोई नहीं भर सकता। भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष संजय टंडन की पत्नी प्रिया टंडन ने बताया कि कई बार उनसे  मुलाकात हुई।
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एक बार अरुण जी के घर नाश्ते के दौरान उन्होंने संजय की घड़ी पर टिप्पणी की। जो बात मुझे अद्भुत लगी, वह थी उनकी अवलोकन शक्ति और टिप्पणी करने की ऐसी कला, जो किसी को अटपटी न लगे। सर्वश्रेष्ठ कपड़ों, जूतों, घड़ियों, पेन आदि के प्रति उनकी एक गहरी रुचि थी। उनकी स्मृति गजब की थी।
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भारतीय इतिहास की घटनाओं को निश्चित प्रमाण सहित एवं तत्परता के साथ उद्धृत कर सकते थे। उनमें कानूनी तथ्यों एवं आंकड़ों के साथ-साथ विभिन्न सरकारों के कार्यों, उपलब्धियों तथा खामियों को भी सामने लाने की पूरी क्षमता थी। मुझे याद है एक बार उन्होंने बिना किसी पूर्व तैयारी के ऐसा व्याख्यान दिया, जिसमें प्रत्येक तथ्य को त्रुटिरहित भाषा में प्रस्तुत किया था।
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ऐसा कि उसे टाइप करके मीडिया ब्रीफिंग के लिए भी भेजा जा सकता था। पढ़ने और लिखने का कार्य मुझे अत्यंत पसंद है, यह उनकी भी एक खासियत थी, जिससे मैं बहुत प्रभावित थी।

मधुमेह के कारण अरुण जेटली मिठाइयों से परहेज करते थे। लेकिन उन्हें मिठाई बहुत भाती थी। मैंने खुद उनके लिए शुगर फ्री कलाकंद भेजी, जिसे उन्होंने बड़े चाव से खाया था। मेरे बड़े बेटे की शादी के मौके पर वह आए और बोले कि ‘यार शक्कर पारे तों बिना व्याह दी मिठाई पूरी नहीं हुंदी’ फिर खूब हंसे। छोटे बेटे की शादी में वह नहीं आ पाए लेकिन उनकी पत्नी डोली दीदी पहुंचीं। वह मेरे स्वर्गीय पिता जस्टिस मदन मोहन पुंछी तथा मेरे स्वर्गीय ससुर बलरामजी दास टंडन के प्रति सदा सम्मान का भाव रखते थे। कुछ साल पहले वह हमारे घर आये थे।

लॉबी में बैठकर चाय पकोड़ों का आनंद ले रहे थे। साथ ही संजय से खूब मजाक भी कर रहे थे। उन्होंने हाल ही में कहा था, ‘संजय यार, तेरा नाम तां गिनीज़ बुक विच छपेगा, सबसे लंबे समय तक भाजपा के अध्यक्ष बने रहने के लिए’ (संजय 9 सालों से भी अधिक समय से इस पद को संभाल रहे हैं।) अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान मैं दो बार संजय के साथ उन्हें देखने गई। हम यही प्रार्थना करते रहे कि वह स्वस्थ हो जाएं। मगर ईश्वर ने उनके लिए अन्य योजनाएं बनाई हुई थीं। जिस दिन उनका निधन हुआ, संजय दिल्ली में ही थे।

अरुण जी के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करके उन्होंने डोली दीदी और उनके बच्चों रोहन और सोनाली से भी मुलाकात की। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल का अंग होने के कारण संजय को उसी रात चीन यात्रा पर जाना पड़ा। इसलिए वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। वह यात्रा टालना चाहते थे लेकिन कर्त्तव्य के आगे विवश थे। 

भाजपा ने अपने संकटमोचक और मास्टर ब्लॉगर को खो दिया है। उनके पास एक दृष्टिकोण था, दृढ़ विश्वास था, उनके पास स्मृति थी और स्पष्टता का सामर्थ्य भी था। राष्ट्र ने एक महान नेता को खो दिया है। हमने एक प्रतिपालक को खो दिया है, जो हमेशा समस्याओं के समाधान के लिए तैयार रहते थे। हम यह जानते और मानते हैं कि आत्मा शरीर छोड़ने के बाद दूसरे लोक में चली जाती है।

एक अजीब सा ख्याल मेरे मन में आया। उनके पास सब कुछ था... नाम, ख्याति, प्रतिष्ठा, सम्मान के वह आदी थे। जिन चीजों की आप कामना करते हैं... वह सब उनके पास था। और अचानक, वह सब कुछ पीछे छोड़ कर आगे बढ़ गए...  और अब...उस लोक में क्या कोई उन्हें जानता होगा ? क्या उन्हें वह सम्मान और प्रशंसा प्राप्त हो रही होगी, जिसके वह आदी थे? लेकिन... यही विधि का विधान है।

हम ऐसे ही दुनिया में आते हैं और फिर चले जाते हैं। लेकिन उनकी बारी बहुत जल्दी आ गई। हे ईश्वर! मैं उनके परिवार के साथ मिलकर उनके लिए प्रार्थना करती हूं। उन्होंने बहुत से लोगों की मदद की है। उन्होंने मातृभूमि की निरंतर सेवा की है। उनके प्रति दया का भाव रखें। शायद वह अभी जाने के लिए तैयार नहीं थे।  वह एक अच्छे इंसान थे। वे आपकी करुणा के योग्य हैं।

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के निधन पर शोक सभा

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की आत्मा की शांति के लिए चंडीगढ़ भाजपा ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय कमलम में शोक सभा का आयोजन किया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी, महासचिव प्रेम कौशिक, पूर्व मेयर आशा जसवाल व अरुण सूद, प्रवक्ता डॉ. एपी सांवरिया, प्रदेश सचिव रमेश कुमार निक्कू व सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जेटली को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा।

इसके अलावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने प्रदेश इकाई की ओर से भाजपा दिल्ली की ओर से आयोजित शोक सभा में भाग लिया। इस मौके पर अरुण जेटली के महत्वपूर्ण कार्यों को याद किया गया। एबीवीपी से लेकर राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, सांसद, सूचना प्रसारण मंत्री, वित्तमंत्री, रक्षामंत्री, कानून मंत्री व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष रहते हुए उनके द्वारा किए कार्यों को याद किया गया।
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