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मेहरम मर्डरः कातिल तेजिंदरपाल सिंह गंजू को उम्रकैद की सजा
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 24 Feb 2016 03:22 PM IST
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दो साल पुराने मोहाली के पांच वर्षीय मेहरम की अपहरण और हत्या के मामले में जिला अदालत ने तेजिंदरपाल सिंह गंजू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह केस अतिरिक्त जिला सेशन जज तरसेम मंगला की अदालत चल रहा था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को सजा सुनाई। आरोपी को 20 फरवरी को अदालत ने मामले में दोषी करार दिया था।
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जानकारी के मुताबिक यह मामला 28 अक्तूबर 2014 का है। फेज-नौ स्थित घर के बाहर से शाम को साढ़े छह बजे के करीब खेल रहा था। इसी बीच अचानक लाइट गुल हो गई थी। इसी चीज का फायदा उठाकर आरोपी तेजिंदर पाल सिंह गंजू मेहरम को चाकलेट दिलाने के बहाने वहां से ले गया था।
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घरवालों ने बच्चे की काफी तलाश की। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद मेहरम की मां और घरवालों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने अपहरण का संदेह मेहरम के दादके परिवार जताया। पुलिस ने दादके परिवार को उठा लिया। इसके बाद भी बच्चे का कोई पता नहीं चला। पुलिस पूरे इलाके में गश्त कर रही थी।
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आईजी पटियाला जोन ने खुद मोहाली में डेरा लगा लिया था। इसी बीच लोग भी संघर्ष की राह पर आ गए थे। कैंडल मार्च तक निकाले गए। अचानक 12 दिन बाद सात नवंबर को सेक्टर-69 की झाडिय़ों में एक कूड़ा उठाने वाला व्यक्ति गया। तो उसकी नजर एक शव पर पड़ी। उसने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
मौके पर पुलिस ने पहुंचकर शव को निकाला। फिर मेहरम की नानी ने निकर और कड़े को देखकर शव की पहचान की। हालांकि शव पूरी तरह गल चुका थी। हालांकि पुलिस ने शव का डीएनए भी करवाया था। जिससे मेहरम के शव की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने नौ दिन बाद काफी मशक्त के बाद तेजिंदर को काबू किया था। तेजिंदर मेहरम के ही पड़ोस में रहता था।
क्यों किया था गंजू ने मेहरम का कत्ल
पुलिस ने उस समय प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि गंजू को पता चल गया था कि मेहरम की मां हरिंदर कौर का उसके ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले पति से तालाक होने वाला है। ऐसे में मेहरम के परिवार को मोटी रकम मिलने वाली है। इस रकम को हासिल करने के लिए ही उसने मेहरम का अपहण किया था। लेकिन जब वह उसे लेकर गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना के पास पहुंचा तो उसे संदेह हो गया था कि अब तक अपहरण की खबर पूरे शहर में फैल हो गई है। ऐसे में वह फंस जाएगा। इसलिए वह बच्चे को सेक्टर-69 मायो अस्पताल के सामने झाडिय़ों में ले गया। जहां पर उसने गला घोटकर मार दिया था। साथ ही खड्ढा खोदर उसे दबा दिया था।
मेहरम की तलाश में साथ रहा था आरोपी
मेहरम को मारने के बाद गंजू सीधे ही मेहरम के घर पहुंच गया था। वह परिवार के साथ मिलकर उसकी तलाश करता रहा। उसने किसी को भी संदेह नहीं होने दिया कि उसने बच्चे को मौत के घाट उतार दिया है। वैसे गंजू मेरहम का पड़ोसी थी। वहीं, पेशे ेस ड्राइवर था।
ऐसे पकड़ में आया था गंजू
जानकारी के मुताबिक मेहरम का शव मिलने के बाद भी पुलिस आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा पाई। तो पुलिस ने मेहरम की मां को थाने बुलाया। इस दौरान उससे पूछा कि किन लोगों के साथ मेहरम आता जाता था। इसमें उसकी मां ने करीब दस पंद्रह लोगों के नाम दिए। जिसके बाद पुलिस ने सभी लोगों से पूछताछ की।
इस दौरान जब गंजू की बारी तो उसने बताया कि अपहरण वाले दिन मेहरम साढ़े छह बजे तक उनके साथ था। इसी बात को पुलिस अधिकारियों ने पकड़ लिया। क्योंकि मेहरम की मां कहना था कि सवा छह बजे तक मेहरम उनके साथ रहा था। इसके बाद वह घायब हो गया थ। इसके बाद पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो गंजू के मुंह से सारी सच्चाई निकल गई।
पांच लाख तक इनाम किया था घोषित
मेहरम के कातिलों का सुराग देने के लिए पुलिस ने पहले एक लाख फिर उक्त इनाम राशि को बढ़ाकर पांच लाख कर दिया था। लेकिन इसके बाद भी पुलिस को बच्चे को कोई सुराग नहीं लगा था।
पोस्टर से हुई थी पुलिस घी किरकिरी
पुलिस ने जब मेहरम के हत्याकांड की जांच कर ही थी। तो आरोपियों तक पहुंचने के लिए पांच लाख का इनाम घोषित कर दिया। लेकिन पुलिस ने गलती से पोस्टर पर मेहरम की फोटो छाप दी थी। इससे पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी।