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OMG: 27.5 किग्रा वजन बांध 46 सेकेंड में 58 पुशअप

Mon, 03 Nov 2014 10:39 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, महम
टीम डिजिटल/अमर उजाला, महम Updated Mon, 03 Nov 2014 10:39 AM IST
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mehem boy parminder claims name entered for Guinness Book of world record in pushup

महम चौबीसी के छोरे सीसर गांव निवासी परमिंदर ने चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे पर 46.27 सेकेंड में 58 पुशअप लगाकर गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल होने का दावा पेश किया है। उसने पुशअप कमर पर 27.5 किग्रा वजन बांध कर लगाई। इससे पहले 27 किग्रा वजन कमर पर बांध कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में रिकार्ड आस्ट्रेलिया के नेल ब्रेंट के नाम है। परमिंदर राजकीय वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय महम में पीटीआई के पद पर कार्यरत हैं।

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बृहस्पतिवार को उसके रिकॉर्ड को जिले के अधिकारियों ने रिकार्ड किया। एसडीएम महम डॉ. मुनीष नागपाल, तहसीलदार दिनेश लुहाच, जिला खेल अधिकारी ओमपती, हरिपाल, संजीत गिल सहित अनेक शिक्षा अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। जिला खेल अधिकारी ने स्टॉप वाच को देखा वहीं जिला उपशिक्षा अधिकारी हरिपाल ने पुशअप की गिनती की।
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परमिंदर ने बताया कि उसे यह प्रेरणा नान्दल गांव के खिलाड़ियों से मिली जब वहां के खिलाड़ी 3700 से ज्यादा दंड बैठक लगा देते थे। वहीं से उनको भी कुछ नया करने का जज्बा पैदा हुआ। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड रिकॉर्ड की संस्था गिनीज बुक से मेल मिला और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए यह सब कर उसकी रिकॉडिंग भेजने को कहा।

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संबधित संस्था को भेजेंगे रिकाडिंग

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एसडीएम महम डॉ. मुनीष नागपाल ने बताया कि परमिंदर का पूरा कार्यक्रम संबंधित संस्था को भेजेंगे। पहले का रिकार्ड एक मिनट में 50 पुशअप का है जबकि परमिंदर ने 46.27 सेकेंड में 58 पुशअप का रिकार्ड बनाया है। इसकी अधिकारिक घोषणा संस्था बाद में करेगी।

वर्ल्ड रिकॉर्ड का गवाह बना एतिहासिक चबूतरा
कार्यक्रम का आयोजन एतिहासिक चबूतरे पर ही किया गया। समाजसेवी पहलवान अजीत अहलावत ने कहा कि सामाजिक न्याय, पंचायतें और राजनीतिक गतिविधियों में अग्रणी चौबीसी का चबूतरा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का भी गवाह बनेगा।

पीएचडी हैं परमिंदर
खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अव्वल रहे हैं परमिंदर सिंहमार। गांव की कबड्डी की टीम में अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। परमिंदर एमए, एमफिल, पीएचडी हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को खेलों के महत्व को समझा कर उन्हें देश के प्रति समर्पण की भावना पैदा करने के लिए ही इस क्षेत्र को चुना।

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