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संयुक्त मोर्चा की बैठक खत्म: सरकार से बातचीत के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित, 7 को फिर होगी बैठक

Sat, 04 Dec 2021 12:37 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 04 Dec 2021 12:37 PM IST
सार

भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि पाल अंबावता ने जानकारी दी कि आंदोलन की आगामी रुपरेखा के लिए पांच सदस्यीय कमेटी तैयार की गई।

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Meeting of Sanyukta Kisan Morcha at Singhu Border Big Decision on Kisan Andolan Expected
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में मौजूद सदस्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें किसान नेता बलबीर राजेवाल, युद्धवीर सिंह, गुरनाम सिंह चढूनी, अशोक तावले व शिवकुमार कक्का शामिल हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी। पांच सदस्यीय कमेटी अब आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी। किसानों ने कहा कि हमारी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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किसान नेता जोगेंद्र सिंह उग्रांह ने कहा कि सरकार बार-बार छोटी कमेटी गठन करने की बात कह रही थी। इसलिए छोटी कमेटी बनाई गई है। पहले कृषि कानूनों का बड़ा मुद्दा था। उस समय छोटी कमेटी का कानूनों में संशोधन पर मान जाने या दबाव का डर था। लेकिन अब कानून वापस हो चुके हैं। बड़ा मुद्दा हल हो गया है। अब छोटे मुद्दों पर छोटी कमेटी का गठन किया गया है। जो सरकार से हर मुद्दे पर बातचीत कर सकती है।

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किसानों के छह मुद्दे अभी बाकी

किसान नेता रणजीत सिंह राजो ने कहा कि किसान अब घर तो जाना चाहते हैं, लेकिन कब जाना है और कैसे जाना है, यह मोर्चा तय करेगा। उन्होंने कहा कि तीन कानून वापस हो गए हैं, लेकिन एमएसपी की गारंटी समेत 6 मुद्दे अभी बाकी है। अहम बात यह है कि हरियाणा सरकार के साथ किसानों की बैठक में सरकार ने मुआवजा देने से इनकार दिया है। जब सरकार ने 15 दिन पहले किसानों से माफी मांगकर कानून वापस ले लिए हैं तो अब बाकी मांगें क्यों नहीं मानी जा रही।

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5 लोगों की कमेटी बनाई है: टिकैत 

मीटिंग के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि 5 लोगों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी सरकार से सभी मामलों पर बातचीत करेगी। सरकार को बातचीत करनी है तो कमेटी से संपर्क कर सकती है। अगली मीटिंग संयुक्त किसान मोर्चा की यहीं पर 7 तारीख को 11-12 बजे होगी। टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा भी ऐसे ही काम करता रहेगा।

जब तक केस वापस नहीं होंगे मोर्चा नहीं जाएगा ः जोगेंद्र सिंह

किसान नेता जोगेंद्र सिंह ने कहा कि हम साफ कहते हैं कि सरकार जब तक सारे केस वापस नहीं लेगी तब तक हम नहीं जाएंगे। इसकी सरकार से लिखित गारंटी चाहिए। जोगेंद्र सिंह ने कहा कि पहले कईं बार हुआ है कि सरकार ने आंदोलन के केस वापस करने की बात बोल दी लेकिन बाद में उसमें लोगों को सजा तक हुई है।

मुकदमे वापस जाने तक नहीं जाएंगे वापस ः शिवकुमार कक्का

21 तारीख को जो पत्र लिखा था, उसका आज तक सरकार से कोई जवाब नहीं आया। जब तक मुकदमे वापस नहीं होंगे हम यहां से नहीं जाएंगे।किसानों की मृत्यु के आंकड़े न होने वाले कृषि मंत्री ने बयान की शिवकुमार कक्का ने निंदा की। 

दुष्यंत ने कहा था, पहले आंदोलन वापस लें किसान फिर वापस होंगे केस

इससे पहले हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आंदोलनरत किसानों को सलाह दी थी कि वह आंदोलन खत्म करें। इसके बाद सरकार किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने पर विचार कर सकती है। जहां तक किसानों के जब्त वाहनों का मामला है, तो इस मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर चर्चा करेंगे।  

किसानों को आंदोलन जारी रखने के लिए किया जा रहा मजबूर: एसकेएम 

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शन पाल ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक आश्वासन नहीं मिलने के कारण किसान अपनी लंबित मांगों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में आंदोलन को वापस लेने के लिए 6 प्रमुख मांगें उठाई थीं मगर सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। ऐसे में किसानों को आंदोलन जारी रखने के लिए बाध्य किया जा रहा है।

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