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Hindi News ›   Chandigarh ›   Meeting of Ministers and MLAs against Captain Amarinder Singh Government at Home of  Minister Tript Rajinder Bajwa 

पंजाब में सिद्धू खेमा लामबंद: कैप्टन को हटाने पर अड़ा, चार मंत्री व 26 विधायकों ने की बगावत, हाईकमान से मिलेगी पांच सदस्यीय कमेटी

Tue, 24 Aug 2021 02:21 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 24 Aug 2021 02:21 PM IST
सार

इस बैठक में फैसला लेकर चार मंत्रियों और एक विधायक पर आधारित प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है, जो नई दिल्ली में पार्टी हाईकमान से मिलकर पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति की जानकारी देगा।

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Meeting of Ministers and MLAs against Captain Amarinder Singh Government at Home of  Minister Tript Rajinder Bajwa 
कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब कांग्रेस में कई महीनों से छिड़ा घमासान मंगलवार को चरम पर पहुंच गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू खेमे के बागी मंत्रियों और विधायकों ने एकजुट होकर कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की है। इस संबंध में पार्टी हाईकमान के सामने अपनी बात रखने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का भी गठन कर दिया गया है। इस कमेटी में चार मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, चरनजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुख सरकारिया और प्रदेश कांग्रेस के महासचिव व विधायक परगट सिंह को शामिल किया गया है।

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बागी चार मंत्रियों और 26 विधायकों ने मंगलवार को चंडीगढ़ में तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के आवास पर सुबह 10 बजे बैठक बुलाई, जिसमें उक्त मंत्रियों के अलावा दो दर्जन से ज्यादा विधायक शामिल हुए। नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनाए जाने के बाद यह माना जा रहा था कि पार्टी के सभी अंदरूनी विवाद शांत हो जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। दोनों नेताओं के बीच चिंगारी और भड़क गई है।
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इन दिनों कांग्रेस, सिद्धू के दो सलाहकारों द्वारा राष्ट्रीय मुद्दों और गांधी परिवार पर ही आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का मामला सुलझाने में लगी थी कि मंगलवार को कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के आवास पर प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों और अन्य सीनियर नेताओं ने बैठक करके पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव का बिगुल बजा दिया। आज की बैठक में बना प्रतिनिधिमंडल पार्टी हाईकमान से मिलकर पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति की जानकारी देगा और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने की मांग करेगा।

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कैप्टन के नेतृत्व पर सवाल उठाए

बैठक के बाद तृप्त बाजवा, सुखजिंदर रंधावा, सुख सरकारिया और चरनजीत सिंह चन्नी ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा। वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री बदला जाए, तभी पंजाब में अगले चुनाव में कांग्रेस वापसी कर सकेगी। बैठक के दौरान सभी मंत्री और विधायक इस बात पर एकमत थे कि कैप्टन ने 2017 में जनता से किए वादे पूरे नहीं किए, जिसके चलते विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा नेताओं का यह भी विचार था कि बादल परिवार से कैप्टन की घनिष्ठता के कारण भी बेअदबी, नशे के सौदागरों पर लगाम, शराब और ट्रांसपोर्ट माफिया पर कैप्टन सरकार ने कार्रवाई नहीं की, क्योंकि इन सभी मामलों में बादल परिवार पर आरोप लगते रहे हैं।

तृप्त बाजवा के आवास पर बैठक में ये रहे मौजूद
बाजवा के आवास पर बैठक में मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, सुख सरकारिया के अलावा विधायक- परगट सिंह, दर्शन सिंह बराड़, अमरिंदर सिंह राजावड़िंग, कुलबीर सिंह जीरा, परमिंदर सिंह पिंकी, दविंदर सिंह घुबाया, कुलदीप सिंह वैद, प्रीतम सिंह कोटभाई, सुखपाल सिंह भुल्लर, हरजोत कमल, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, सुरजीत सिंह धीमान, अवतार सिंह हेनरी जूनियर, संतोख सिंह, मदनलाल जलालपुर, गुरकीरत सिंह कोटली, लखवीर सिंह लक्खा, दलवीर सिंह गोल्डी, काका रणदीप सिंह, अंगद सिंह, नत्थू राम, पूर्व विधायक अजीत इंदर सिंह मोगर और 6-7 अन्य नेता मौजूद रहे।

बादलों से मिले हुए हैं कैप्टन: तृप्त बाजवा

किसी समय कैप्टन अमरिंदर सिंह के खासमखास रहे कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा मंगलवार को बहुत गुस्से में दिखाई दिए। अपने आवास पर कैप्टन विरोधी मंत्रियों-विधायकों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने खुले तौर पर आरोप लगाया कि कैप्टन बादलों के साथ मिले हुए हैं और दोनों मिलजुल कर गेम खेल रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि यह हमारी और कांग्रेस की बदकिस्मती है। यह पूछे जाने पर कि कैप्टन सभी वादे पूरे किए जाने का भरोसा दिला रहे हैं, तृप्त बाजवा ने कहा कि जो मुख्यमंत्री साढ़े चार साल तक घर से बाहर ही न निकला हो, उसके बारे में क्या कहें। प्रदेश पार्टी प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा उठाए गए 75-25 के मुद्दे का समर्थन करते हुए तृप्त बाजवा ने आरोप लगाया कि कैप्टन और बादल दुबई में बैठक कर चुके हैं। 

उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के लिए 2022 चुनाव मुश्किल घड़ी है। यह पूछे जाने पर कि क्या 2022 में वे पंजाब कांग्रेस की अगुवाई करना चाहेंगे, बाजवा ने कहा कि जो भी फैसला होगा वह हाईकमान द्वारा लिया जाएगा।

जहां विरोधियों से टकराव हो, वह वादे पूरे नहीं किए: चन्नी

लंबे समय से कैप्टन के विरोधी रहे कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने मंगलवार को साफ कर दिया कि इस मुख्यमंत्री के साथ हमारे मसले हल नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब कांग्रेस ने पिछले चुनाव के दौरान जो वादे किए थे, उनमें से कुछ तो पूरे कर दिए लेकिन जिनको पूरा करने में विरोधियों से टकराव होता हो, वे वादे अभी तक लंबित हैं। 

खासतौर पर बरगाड़ी मामला, नशे के सौदागरों को पकड़ना, बिजली समझौते, केबल माफिया, रेत खनन माफिया, ट्रांसपोर्ट माफिया और दलितों के मुद्दे ऐसे हैं, जिन्हें कैप्टन सरकार ने अब तक इसीलिए लटकाए रखा क्योंकि इन्हें हल करने में विरोधी पक्ष (बादल परिवार) से टकराव होता। इसी वजह से आज तक इन मुद्दों पर कोई प्रगति नहीं हो सकी। 

सुमेध सिंह सैनी के मामले में चन्नी ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि पंजाब की इंटेलिजेंस को पता न हो कि सैनी घर पर है या नहीं। केवल उसके मकान पर लाठी खटखटाकर दिखाई जाती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि बरगाड़ी मामले पर जब विधायक दिल्ली में हाईकमान से मिलने गए तो सरकार ने बादलों को तलब कर लिया लेकिन उसके बाद आज तक कुछ नहीं हुआ। चन्नी ने साफ कहा कि हमें यकीन नहीं है कि मुद्दे हल होंगे।

कई मामलों में कैप्टन पूरी तरह फेल साबित हुए: परगट सिंह

कांग्रेस विधायक और महासचिव परगट सिंह ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह कई मामलों में पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। पार्टी हाईकमान से मिलने जा रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल परगट सिंह ने कहा कि हाईकमान को जो भी बातें बताने योग्य होंगी, वे बताई जाएंगी। 

मंत्रियों-विधायकों के कोई व्यक्तिगत मुद्दे नहीं हैं लेकिन कैप्टन की कारगुजारी पर असंतोष है। जब मुद्दे हल नहीं होंगे तो इसी तरह की तकलीफ सामने आएगी। यह पूछे जाने पर कि मंगलवार की बैठक में क्या कैप्टन को हटाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है, परगट ने कहा कि कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया लेकिन बैठक में मौजूद सभी लोग कैप्टन के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं।

मुझे मंत्री पद जाने का डर नहीं, हाईकमान से करेंगे बात: रंधावा
कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को तृप्त बाजवा के आवास पर बैठक के बाद कहा कि कैप्टन का विरोध करने में उन्हें अपना मंत्री पद जाने का कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने अपना फर्ज बखूबी निभाया है। कैप्टन के खिलाफ कितने विधायक उनके साथ हैं, इस सवाल पर रंधावा ने कहा कि तृप्त के आवास पर बैठक सुबह 10 बजे शुरू हुई थी। उसी समय से भारी संख्या में विधायक आ और जा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस और सरकार के हालात के बारे में वे पार्टी हाईकमान के सामने पूरी बात रखेंगे। नवजोत सिद्धू के सलाहकारों की बयानबाजी पर रंधावा ने कहा कि दोनों सलाहकारों के बयान राष्ट्र विरोधी हैं। कांग्रेस का हमेशा मत है कि कश्मीर भारत का अटूट अंग है।

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