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स्कूलों में दाखिले के लिए होने जा रहा है ये काम, आप भी जानिए क्या होगा अब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Mar 2017 09:28 AM IST
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स्कूल दाखिला
- फोटो : file photo
हर माता-पिता अपने बच्चे को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाना चाहते हैं, लेकिन बदलते गाइडलाइन की उलझन ने सबको परेशान किया है। ऐसे में दाखिले को लेकर कई बदलाव होने जा रहे हैं। दाखिले को लेकर बड़ा संशोधन होने वाला है। प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिले के नियमों पर जल्द संशोधन हो सकता है।
प्राइवेट स्कूलों की तरफ से ईडब्ल्यूएस कोटे के दाखिले के लिए मांगे जा रहे कागजातों पर विचार करने के लिए सोमवार को शिक्षा विभाग बैठक करने जा रहा है। इसमें विचार किया जाएगा कि किस प्रकार से इस कोटे में विद्यार्थियों को दाखिला मिले। चंडीगढ़ पेरेंटस ऐसोसिएशन ने मंगलवार को डीएसई को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि प्राइवेट स्कूल जरूरत से ज्यादा कागजात मांग रहे हैं। यह कागजात हर अभिभावक के लिए जमा कराना मुश्किल है।
एक तो उपायुक्त कार्यालय की तरफ से प्रमाण पत्र बनाने में देरी हो रही है। इसके लिए भी स्कूल आधार कार्ड नंबर, पैन नंबर और स्थायी निवासी के तौर पर पिछले तीन साल का पता मांग रहे है। साथ ही तीन साल की बैंक स्टेटमेंट भी जमा करनी होगी। जबकि चंडीगढ़ पेरेंटस ऐसोसिएशन ने साफ किया था कि यदि पटवारी और एसडीएम पुष्टि कर देता है कि वह परिवार ईडब्ल्यूएस कोटे में आता है तो उसके बाद बैंक स्टेटमेंट देने का कोई मतलब नहीं है। वहीं इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एडवाइजरी कमेटी सोमवार को बैठक करने जा रही है।
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प्राइवेट स्कूलों की तरफ से ईडब्ल्यूएस कोटे के दाखिले के लिए मांगे जा रहे कागजातों पर विचार करने के लिए सोमवार को शिक्षा विभाग बैठक करने जा रहा है। इसमें विचार किया जाएगा कि किस प्रकार से इस कोटे में विद्यार्थियों को दाखिला मिले। चंडीगढ़ पेरेंटस ऐसोसिएशन ने मंगलवार को डीएसई को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि प्राइवेट स्कूल जरूरत से ज्यादा कागजात मांग रहे हैं। यह कागजात हर अभिभावक के लिए जमा कराना मुश्किल है।
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एक तो उपायुक्त कार्यालय की तरफ से प्रमाण पत्र बनाने में देरी हो रही है। इसके लिए भी स्कूल आधार कार्ड नंबर, पैन नंबर और स्थायी निवासी के तौर पर पिछले तीन साल का पता मांग रहे है। साथ ही तीन साल की बैंक स्टेटमेंट भी जमा करनी होगी। जबकि चंडीगढ़ पेरेंटस ऐसोसिएशन ने साफ किया था कि यदि पटवारी और एसडीएम पुष्टि कर देता है कि वह परिवार ईडब्ल्यूएस कोटे में आता है तो उसके बाद बैंक स्टेटमेंट देने का कोई मतलब नहीं है। वहीं इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एडवाइजरी कमेटी सोमवार को बैठक करने जा रही है।
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